बेहाला पश्चिम से भाजपा उम्मीदवार डॉ. इंद्रनील खान ने पर्नश्री में हुई हिंसा के बाद कोलकाता पुलिस और सुरक्षा व्यवस्था पर तीखा प्रहार किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब टीएमसी के “गुंडे” भाजपा कार्यालय को निशाना बना रहे थे, तब पुलिस मूकदर्शक बनी रही।
पुलिस की भूमिका पर सवाल (Questions on Police Neutrality) इंद्रनील खान ने दावा किया कि यह पूरी घटना कोलकाता पुलिस के अधिकारियों की मौजूदगी में हुई। उनके अनुसार:
- Police Inaction: पुलिस अधिकारियों ने तोड़फोड़ को रोकने के बजाय उसे “संरक्षण” दिया।
- Central Forces Delay: घटना के तीन घंटे बीत जाने के बाद भी मौके पर केंद्रीय अर्धसैनिक बल (Central Forces) तैनात नहीं किए गए थे।
- Political Fear: खान का आरोप है कि टीएमसी अपनी संभावित हार के डर से हिंसा का सहारा ले रही है।
चुनाव आयोग का हस्तक्षेप (ECI Intervention) हिंसा की इस घटना के बाद इलाके में तनाव व्याप्त है। भाजपा ने चुनाव आयोग से शिकायत कर निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बलों की मांग की है। वहीं, टीएमसी ने इन आरोपों को निराधार बताया है। अब सबकी नजरें West Bengal Police की जांच पर टिकी हैं कि क्या इस एफआईआर के बाद कोई गिरफ्तारी होती है या चुनावी रंजिश और गहराती है।





































