असम, केरल और पुडुचेरी के विधानसभा चुनावों में इस बार मुकाबला केवल दोतरफा नहीं, बल्कि कई सीटों पर त्रिकोणीय (Triangular Contest) नजर आ रहा है। चुनाव आयोग ने सुरक्षित मतदान सुनिश्चित करने के लिए व्यापक इंतजाम किए थे, विशेषकर युवा और बुजुर्ग मतदाताओं के लिए विशेष सुविधाएं दी गईं।
केरल: उम्मीदवारों और मतदाताओं का गणित (Kerala Demographics): केरल की 140 सीटों पर कुल 883 उम्मीदवार मैदान में हैं। राज्य के 2.6 करोड़ मतदाताओं में महिलाओं की संख्या (1.38 करोड़) पुरुषों (1.31 करोड़) से अधिक है, जो चुनाव परिणामों को प्रभावित करने में निर्णायक भूमिका निभाती हैं। इस बार 85 वर्ष से अधिक उम्र के 2 लाख से ज्यादा मतदाताओं और 4 लाख से अधिक युवा मतदाताओं ने अपनी भागीदारी दर्ज की। यहाँ बीजेपी की सक्रियता ने मुख्य मुकाबले को और अधिक प्रतिस्पर्धी बना दिया है। दक्षिण भारत के इस साक्षर राज्य में 78.24% मतदान दर्ज किया गया। यहाँ एलडीएफ (LDF) और यूडीएफ (UDF) के बीच सत्ता की परंपरागत लड़ाई में जनता ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
असम: एनडीए बनाम कांग्रेस गठबंधन (Assam Political Landscape): असम की 126 सदस्यीय विधानसभा के लिए 722 उम्मीदवारों के बीच टक्कर है। 2.5 करोड़ मतदाताओं वाले इस राज्य में बीजेपी के नेतृत्व वाले NDA और कांग्रेस के नेतृत्व वाले United Opposition के बीच तीखी बयानबाजी देखने को मिली। नागरिकता और पहचान जैसे ज्वलंत मुद्दों के बीच भारी मतदान यह संकेत देता है कि जनता ने किसी एक पक्ष में स्पष्ट राय बनाई है। राज्य की 126 सीटों पर 85.65% मतदान हुआ। यह उच्च प्रतिशत दर्शाता है कि राज्य के मतदाता स्थानीय मुद्दों और एनडीए बनाम कांग्रेस गठबंधन के बीच कड़े मुकाबले को लेकर बेहद जागरूक हैं।
पुडुचेरी: अभिनेता विजय की पार्टी का प्रभाव (Emergence of TVK): पुडुचेरी में मुकाबला पारंपरिक गठबंधन (NDA vs Congress-DMK) से हटकर अभिनेता विजय की नई पार्टी Tamizhaga Vettri Kazhagam (TVK) की मौजूदगी के कारण दिलचस्प हो गया है। 10 लाख से अधिक मतदाताओं वाले इस क्षेत्र में त्रिकोणीय संघर्ष की स्थिति पैदा हो गई है, जिससे परिणाम काफी अनिश्चित और रोमांचक हो सकते हैं। यहां सबसे अधिक 89.87% मतदान दर्ज किया गया, जो केंद्र शासित प्रदेश की राजनीति में बड़े बदलाव या सत्ता के प्रति भारी समर्थन का संकेत हो सकता है।
सभी केंद्रों पर मतदान शांतिपूर्ण रहा और किसी बड़ी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली। अब पूरे देश की नजरें 4 मई को आने वाले नतीजों पर टिकी हैं।





































