हादसे का खौफनाक मंजर: कैसे पलटी नाव? शुक्रवार को जब यमुना में नाव श्रद्धालुओं को लेकर जा रही थी, तभी मौसम ने अचानक करवट ली। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तेज हवाओं के कारण नाव का संतुलन बिगड़ गया और वह बीच नदी में डगमगाने लगी। दुर्घटना का मुख्य कारण यमुना में तैरता हुआ एक ‘पोंटून’ (पीपा पुल का हिस्सा) बना। दरअसल, नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण हाल ही में पीपा पुल को हटाया गया था, लेकिन उसके कुछ हिस्से (Pontoons) पानी में खुले छोड़ दिए गए थे। नाव तेजी से एक पोंटून से टकराई और देखते ही देखते गहरे पानी में समा गई।
वायरल वीडियो: जान बचाने की जद्दोजहद सोशल मीडिया पर इस घटना का एक दिल दहला देने वाला वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कैसे लोग डूबती हुई नाव से निकलकर अपनी जान बचाने के लिए यमुना की लहरों से संघर्ष कर रहे हैं। स्थानीय लोग और नाविक अपनी छोटी नावों के सहारे डूबते हुए श्रद्धालुओं को खींचने की कोशिश करते नजर आ रहे हैं। यह वीडियो चीख-पुकार और दहशत की उस दास्ताँ को बयां कर रहा है, जिसने कई परिवारों को हमेशा के लिए उजाड़ दिया।
सुरक्षा मानकों पर उठते सवाल यह हादसा कई गंभीर सवाल छोड़ गया है। क्या नाव में क्षमता से अधिक लोग सवार थे? पीपा पुल के हिस्सों को असुरक्षित तरीके से नदी में क्यों छोड़ा गया? और क्या श्रद्धालुओं के लिए लाइफ जैकेट (Life Jackets) की अनिवार्य व्यवस्था थी? स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन ने नदी में खुले पड़े पोंटून्स को समय रहते किनारे लगा दिया होता, तो शायद यह बड़ी दुर्घटना टाली जा सकती थी। अब जांच का विषय यह है कि भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए क्या कड़े कदम उठाए जाएंगे।



































