अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में बड़ी सैन्य कार्रवाई और पलटवार मध्य पूर्व के समुद्री क्षेत्र में एक बार फिर से युद्ध के बादल गहरे हो गए हैं। होर्मुज जलसंधि के पास से गुजर रहे तेहरान के एक विशाल मालवाहक पोत (कार्गो शिप) पर अमेरिका द्वारा की गई गोलीबारी और उसके बाद जहाज को सीज (जब्त) किए जाने की घटना ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खलबली मचा दी है। यह जहाज एक ईरानी बंदरगाह से अपनी यात्रा पर था, जब इसे रोका गया। इस बड़ी और उकसावे वाली कार्रवाई के परिणामस्वरूप होर्मुज के आसपास के क्षेत्र में तनाव अपने चरम बिंदु पर पहुंच गया है। इस घटनाक्रम पर तीव्र प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए, ईरान ने भी दावा किया है कि उसने प्रतिशोध स्वरूप अमेरिकी सैन्य जहाजों को निशाना बनाते हुए घातक ड्रोन हमले किए हैं। इस लगातार हो रहे हमले और पलटवार के कारण दोनों देशों के बीच पहले से मौजूद नाजुक सीजफायर पूरी तरह से ध्वस्त हो गया है।
सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर नाकाबंदी की आधिकारिक पुष्टि इस पूरे सैन्य टकराव की सत्यता और अपनी कार्रवाई को सही ठहराने के लिए अमेरिका के युद्ध विभाग ने सोशल मीडिया साइट ‘एक्स’ पर उस ईरानी कार्गो शिप का एक एक्सक्लूसिव वीडियो भी जारी किया है जिसे उनके बलों ने सीज किया है। युद्ध विभाग ने इस वीडियो के साथ एक विस्तृत बयान में लिखा है कि अरब सागर के पानी में गश्त कर रहे अमेरिकी सैन्य बलों ने 19 अप्रैल को एक बड़ा अभियान चलाते हुए ईरानी ध्वज फहराते हुए आगे बढ़ रहे एक मालवाहक जहाज के खिलाफ कड़ा नेवी ब्लॉकेड (नौसैनिक नाकाबंदी) लगा दिया। यह संदिग्ध जहाज अमेरिकी चेतावनियों को धता बताते हुए एक ईरानी बंदरगाह की ओर घुसने का निरंतर प्रयास कर रहा था।
बंदर अब्बास की दिशा में बढ़ते पोत का रास्ता रोका गया अमेरिकी सेना के अनुसार, एम/वी तौस्का (M/V Touska) नामक यह मालवाहक पोत उत्तरी अरब सागर में लगभग 17 नॉट की तेज गति से चलते हुए बंदर अब्बास (ईरान) की दिशा में आगे बढ़ रहा था। इस पोत को रोकने का जिम्मा अमेरिका के अत्याधुनिक और मारक हथियारों से लैस गाइडेड-मिसाइल डिस्ट्रॉयर, यूएसएस स्प्रुआंस (DDG 111) ने उठाया। स्प्रुआंस ने तेजी से आगे बढ़कर एम/वी तौस्का का रास्ता ब्लॉक कर दिया। इसके बाद अमेरिकी सैन्य बलों ने रेडियो उपकरणों के माध्यम से जहाज के क्रू को कई बार सख्त चेतावनी दी और उन्हें यह साफ तौर पर बताया कि उनकी आगे की यात्रा अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी का सीधा और गंभीर उल्लंघन है।
छह घंटे की मोहलत खत्म होने पर तोप से सीधा प्रहार अमेरिका का यह आधिकारिक दावा है कि यूएसएस स्प्रुआंस द्वारा एम/वी तौस्का के चालक दल को लगातार छह घंटों के लंबे अंतराल तक बार-बार चेतावनी संदेश भेजे गए। ईरान की तरफ से इस चेतावनी का कोई सकारात्मक जवाब नहीं आया और उन्होंने इन निर्देशों की पूर्ण रूप से अवहेलना की। जब छह घंटे बीत जाने के बाद भी जहाज नहीं रुका, तो विध्वंसक पोत स्प्रुआंस ने जहाज के कप्तान को तुरंत अपना इंजन रूम खाली करने का सख्त आदेश दिया। इसके पश्चात, किसी भी प्रकार की कोताही न बरतते हुए, स्प्रुआंस ने अपनी शक्तिशाली 5-इंच की एमके 45 (MK 45) नेवल तोप से कई राउंड गोले दागे। ये गोले सीधे तौस्का के इंजन रूम पर लगे, जिससे जहाज की प्रोपल्शन (प्रणोदन) प्रणाली नष्ट हो गई और वह समुद्र में रुक गया।
31वीं मरीन एक्सपीडिशनरी यूनिट का जहाज पर पूर्ण नियंत्रण ईरानी जहाज की गति शून्य हो जाने और इंजन रूम के निष्क्रिय होने के तुरंत बाद, अमेरिकी सेना के विशिष्ट सैनिकों ने मोर्चा संभाला। अमेरिका की 31वीं मरीन एक्सपीडिशनरी यूनिट के मरीन जवानों ने पूरी सैन्य तैयारी के साथ इस अवज्ञाकारी और नियम तोड़ने वाले जहाज पर बोर्डिंग की। इस त्वरित कार्रवाई के बाद जहाज को पूरी तरह से कब्जे में ले लिया गया और यह आज भी अमेरिकी सुरक्षा बलों की कड़ी हिरासत में मौजूद है। अमेरिकी सेना ने अपनी इस कार्रवाई का बचाव करते हुए स्पष्ट किया है कि यह कदम नौसैनिक नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया था, जो कि पूरी तरह से पेशेवर, सोच-समझकर और स्थिति की गंभीरता के अनुसार समानुपातिक था।
25 अन्य वाणिज्यिक जहाजों को वापस लौटने का कड़ा निर्देश अमेरिकी नौसेना का यह कड़ा रवैया केवल इसी जहाज तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक बड़े सैन्य अभियान का हिस्सा है। अमेरिकी युद्ध विभाग ने यह भी रेखांकित किया है कि जब से अरब सागर और संबंधित क्षेत्रों में यह नौसैनिक नाकाबंदी आरंभ की गई है, तब से अमेरिकी बलों ने असाधारण मुस्तैदी दिखाते हुए कुल 25 वाणिज्यिक जहाजों को रोककर उन्हें अपना मार्ग बदलने या वापस किसी ईरानी बंदरगाह पर लौट जाने का कड़ा निर्देश दिया है। एक तरफ जहां अमेरिका अपनी नाकाबंदी से पीछे हटने को तैयार नहीं है, वहीं ईरान का अमेरिकी सैन्य जहाजों पर जवाबी ड्रोन हमले का दावा इस बात का संकेत है कि दोनों राष्ट्रों के बीच टकराव अब खतरनाक मोड़ ले चुका है।



































