खुटहन चौराहे पर सघन जांच और तस्करों की गुप्त जानकारी उत्तर प्रदेश पुलिस लगातार अपराधियों के सफाए के लिए अभियान चला रही है। इसी क्रम में जौनपुर जनपद के खुटहन थाना क्षेत्र में बीती रात एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया, जब पुलिस और गोवंशीय पशुओं की तस्करी करने वाले एक गिरोह के बीच सीधा आमना-सामना हो गया। घटना की शुरुआत तब हुई जब खुटहन पुलिस थाने के प्रभारी अपनी पूरी टीम के साथ खुटहन चौराहे पर खड़े होकर संदिग्ध वाहनों और लोगों की रूटीन सघन चेकिंग कर रहे थे। चेकिंग के इसी क्रम के बीच पुलिस को अपने एक विश्वसनीय सूत्र (मुखबिर) के माध्यम से एक बेहद चौंकाने वाली गुप्त सूचना मिली। मुखबिर ने पुलिस को आगाह किया कि रसूलपुर गांव के पास स्थित राम आधार यादव इंटर कॉलेज के पीछे के सुनसान जंगल में कुछ आपराधिक प्रवृत्ति के लोग छिपे हुए हैं। ये लोग कोई और नहीं बल्कि शातिर गौ-तस्कर हैं, जो इलाके में लावारिस घूमने वाले बेसहारा गोवंशों को क्रूरतापूर्वक पकड़कर उन्हें काटने के लिए ले जाने की योजना बना रहे हैं।
रसूलपुर के जंगली इलाके में पुलिस बल की त्वरित घेराबंदी इस सनसनीखेज और गंभीर सूचना के प्राप्त होते ही खुटहन पुलिस एकदम से हरकत में आ गई। थानाध्यक्ष ने तुरंत एक प्रभावी रणनीति तैयार की और अपने मातहत पुलिसकर्मियों को आवश्यक निर्देश देकर दल-बल के साथ मुखबिर द्वारा बताए गए सटीक स्थान की ओर कूच कर दिया। पुलिस की यह टीम अत्यंत गोपनीयता बरतते हुए सेवई नाला से आगे राम आधार यादव इंटर कॉलेज के करीब रसूलपुर गांव की ओर जाने वाले कच्चे रास्ते पर पहुंची। वहां पहुंचकर पुलिस जवानों ने बेहद पेशेवर तरीके से उस पूरे जंगली और झाड़ियों वाले इलाके की घेराबंदी करनी शुरू कर दी। पुलिस का उद्देश्य उन सभी तस्करों को रंगे हाथों पकड़ना था। जैसे ही पुलिस ने इलाके को चारों तरफ से सील करना शुरू किया, वहां घात लगाकर बैठे तस्करों को खाकी की मौजूदगी का अहसास हो गया और उनमें खलबली मच गई।
चेतावनी को दरकिनार कर पुलिस टीम पर किया गया जानलेवा हमला पुलिस की भारी भरकम घेराबंदी को देखकर गौ-तस्करों को यह समझ में आ गया कि अब उनके बचने का कोई रास्ता नहीं बचा है। ऐसे में घबराहट और हताशा में उन बदमाशों ने पुलिस दल पर अपने अवैध हथियारों से फायरिंग झोंक दी। पुलिस ने तुरंत अपनी पोजीशन ली और लाउडस्पीकर के माध्यम से बदमाशों को बार-बार यह सख्त चेतावनी दी कि वे खुद को चारों तरफ से घिरा हुआ समझें और बिना किसी देरी के अपने हथियार डालकर आत्मसमर्पण कर दें। लेकिन पुलिस की इस वैधानिक चेतावनी का उन दुस्साहसी अपराधियों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा। सरेंडर करने के बजाय, बदमाशों ने पुलिस पार्टी को निशाना बनाते हुए और उन्हें जान से मारने के स्पष्ट इरादे से दोबारा ताबड़तोड़ गोलियां बरसानी शुरू कर दीं।
थानाध्यक्ष का साहसिक बचाव और तस्कर के पैर में लगी गोली बदमाशों द्वारा की जा रही इस अंधी और जानलेवा फायरिंग में खुटहन थानाध्यक्ष की जान जाते-जाते बची, क्योंकि एक गोली उनके बेहद करीब से होकर गुजर गई। हालात को बेकाबू होता देख और अपनी तथा अपनी टीम की आत्मरक्षा को सर्वोपरि मानते हुए, थानाध्यक्ष ने आखिरकार अपने हथियार से जवाबी फायरिंग करने का कड़ा निर्णय लिया। पुलिस की तरफ से हुई इस सटीक जवाबी कार्रवाई में एक गोली सीधे एक तस्कर के बाएं पैर को चीरती हुई निकल गई। पैर में गोली लगते ही वह बदमाश लहूलुहान होकर वहीं जमीन पर ढेर हो गया, जिसके बाद पुलिस टीम ने तेजी से आगे बढ़कर उसे दबोच लिया। घायल अवस्था में पकड़े गए इस शातिर तस्कर की शिनाख्त हसनैन उर्फ गज्जू के रूप में की गई है, जो कि जौनपुर के ही खेतासराय थाना क्षेत्र के लेदरही गांव का रहने वाला है।
रात के घने अंधेरे में चकमा देकर भाग निकले दो अन्य तस्कर जिस वक्त यह पूरा घटनाक्रम चल रहा था, वह रात का पहर था और इलाके में रोशनी की कोई उचित व्यवस्था नहीं थी। पुलिस का पूरा ध्यान उस समय जवाबी फायरिंग करने और घायल हुए मुख्य अपराधी हसनैन को अपने नियंत्रण में लेने पर केंद्रित था। इसी अफरा-तफरी और रात के गहरे कालेपन का अनुचित लाभ उठाते हुए, घायल बदमाश के दो अन्य साथी तस्कर पुलिस की नजरों से बचकर वहां से रफूचक्कर होने में कामयाब हो गए। पुलिस के रिकॉर्ड के अनुसार, मौके से फरार हुए इन दोनों शातिर अपराधियों की पहचान इकबाल उर्फ गज्जू (निवासी लमहन, थाना महाराजगंज) और आशिक (निवासी बीरी समसुद्दीनपुर, थाना खुटहन) के तौर पर हुई है। इन दोनों ने जंगल के कच्चे रास्तों का फायदा उठाया और वहां से भाग निकले।
बरामद हुए घातक हथियार, दर्ज हुए मुकदमे और सरगर्मी से तलाश जारी मुठभेड़ के तुरंत बाद पुलिस ने घायल अपराधी हसनैन उर्फ गज्जू को हिरासत में लेते हुए उसे तत्काल प्रभाव से स्थानीय चिकित्सालय में इलाज के लिए भर्ती कराया है, जहां उसकी स्थिति सामान्य बताई जा रही है। पुलिस द्वारा घटनास्थल की गई व्यापक छानबीन में कई अहम सुराग और साक्ष्य हाथ लगे हैं। मौके से पुलिस ने एक अवैध देसी तमंचा, कई जिंदा कारतूस, गोवंशों को काटने के लिए रखा गया एक धारदार चाकू, उन्हें बांधने के लिए मोटी रस्सी और मौके पर इस्तेमाल की गई एक मोटरसाइकिल को बरामद कर सीज कर दिया है। जांच में यह भी पता चला है कि पकड़े गए आरोपी हसनैन पर पहले से ही गौ तस्करी से संबंधित सात गंभीर आपराधिक मामले विभिन्न थानों में दर्ज हैं। वहीं, मौके से फरार हुए इकबाल और आशिक को पकड़ने के लिए पुलिस ने कई विशेष टीमों का गठन किया है जो संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं। पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्यवाही शुरू कर दी है।



































