गाजियाबाद के टीला मोड़ थाना क्षेत्र में पुलिस और हत्यारे के बीच भीषण एनकाउंटर उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जनपद में अपराधियों के खिलाफ पुलिस का अभियान पूरी सख्ती के साथ जारी है। इसी क्रम में, टीला मोड़ थाना क्षेत्र में पुलिस की स्वाट (Special Weapons and Tactics) टीम ने एक बहुत बड़ी और अहम कामयाबी हासिल की है। स्वाट टीम ने एक साहसिक मुठभेड़ के दौरान जसीम उर्फ छोटू नाम के एक ऐसे दुर्दांत अपराधी को मार गिराया है, जिसने एक 4 साल की छोटी सी बच्ची के साथ बलात्कार और उसकी हत्या की खौफनाक वारदात को अंजाम दिया था। इस अमानवीय कृत्य को अंजाम देने वाले फरार दरिंदे पर शिकंजा कसने के लिए गाजियाबाद पुलिस द्वारा 50,000 रुपये का नकद इनाम भी रखा गया था। इस सफल एनकाउंटर के बाद पुलिस विभाग ने राहत की सांस ली है और क्षेत्र में कानून का इकबाल एक बार फिर से बुलंद हुआ है।
टॉफी का लालच देकर सगे साले की बेटी को ले गया और किया बलात्कार इस दिल दहला देने वाली घटना की पटकथा 11 अप्रैल को लिखी गई थी, जब इस वहशी दरिंदे ने अपने ही परिवार के विश्वास का बेरहमी से कत्ल कर दिया। आरोपी जसीम उर्फ छोटू ने अपने ही सगे साले की चार वर्षीय नन्ही बेटी को अपना शिकार बनाने की घिनौनी साजिश रची। उसने बच्ची को मीठी टॉफी दिलाने का लालच देकर उसे उसके घर के पास से अगवा कर लिया। बच्ची, जो अपने रिश्ते के फूफा को अच्छी तरह पहचानती थी, उसके साथ खुशी-खुशी चली गई। इसके बाद वह जल्लाद उस मासूम को अपने एक निजी कमरे में ले गया, जहां उसने उसके साथ दुष्कर्म जैसी नीच और अमानवीय घटना को अंजाम दिया। जब बच्ची इस दरिंदगी से तड़पने और चिल्लाने लगी, तो अपना पाप छुपाने की नीयत से उसने मासूम का गला घोंटकर उसकी निर्मम हत्या कर दी।
सीसीटीवी में कैद हुआ दरिंदा, शालीमार गार्डन में गाड़ी के नीचे फेंका था शव रेप और मर्डर की इस वीभत्स घटना को अंजाम देने के बाद, आरोपी जसीम ने सबूत मिटाने और बच्ची के शव को ठिकाने लगाने की योजना बनाई। वह बच्ची के मृत शरीर को लेकर साहिबाबाद इलाके के शालीमार गार्डन क्षेत्र में गया। वहां एक स्थानीय पार्क के समीप एक कार खड़ी हुई थी, जिसकी आड़ लेकर उसने बच्ची के शव को गाड़ी के नीचे फेंक दिया और वहां से चुपचाप फरार हो गया। हालांकि, अपराधी कितना भी शातिर क्यों न हो, वह कानून की नजरों से नहीं बच सकता। पुलिस द्वारा की गई गहन तफ्तीश और इलाके के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने पर आरोपी जसीम की पोल खुल गई। डिजिटल फुटेज में वह स्पष्ट रूप से बच्ची को अपने साथ बहलाकर ले जाता हुआ दिखाई दे गया, जो उसके खिलाफ सबसे बड़ा साक्ष्य बन गया।
उन्नीस अप्रैल की रात मुखबिर का अलर्ट और बंथला नहर पर पुलिस का जाल घटना के खुलासे के बाद से ही पुलिस की कई टीमें इस इनामी बदमाश की तलाश में दिन-रात एक किए हुए थीं। अंततः 19 अप्रैल को गाजियाबाद पुलिस की स्वाट टीम को अपने एक बेहद भरोसेमंद मुखबिर से यह अहम सूचना मिली कि जसीम उर्फ छोटू टीला मोड़ थाना क्षेत्र के अंतर्गत अपने कुछ अन्य साथियों के साथ एक मोटरसाइकिल पर सवार होकर घूम रहा है। इस सटीक सूचना को गंभीरता से लेते हुए स्वाट टीम ने तुरंत एक रणनीतिक योजना बनाई और बंथला नहर कट के पास जाकर पूरी तरह से घेराबंदी कर ली। जब पुलिस टीम ने मुखबिर के बताए अनुसार हुलिए वाले संदिग्धों को बाइक पर आते देखा, तो उन्हें रुकने और आत्मसमर्पण करने का इशारा किया गया।
आत्मरक्षा में चली पुलिस की गोलियां, अस्पताल में इनामी जसीम ने तोड़ा दम पुलिस की इस भारी घेराबंदी को देखकर बाइक सवार बदमाशों में खलबली मच गई। खुद को बचाने के लिए बदमाशों ने पुलिस की टीम पर अपने पास मौजूद हथियारों से अंधाधुंध और जानलेवा गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। बदमाशों के इस जानलेवा हमले का माकूल जवाब देते हुए, पुलिस टीम ने भी पूर्ण अदम्य साहस दिखाया और आत्मरक्षा (सेल्फ डिफेंस) में अपनी तरफ से जवाबी फायरिंग शुरू कर दी। इस जबरदस्त क्रॉस फायरिंग के दौरान पुलिस की एक गोली सीधे मुख्य आरोपी जसीम उर्फ छोटू को लगी, जिससे वह खून से लथपथ होकर सड़क पर गिर पड़ा। घायल अवस्था में पुलिस ने उसे तुरंत हिरासत में लिया और उसकी जान बचाने के लिए उसे फौरन एक नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया। हालांकि, अस्पताल में इलाज के दौरान उस कुख्यात अपराधी की मौत हो गई।
बहादुर जवानों के लगी गोलियां, मौके से असलहा व बाइक बरामद और फरार साथियों की तलाश जिस समय नहर के पास यह गोलियों की तड़तड़ाहट हो रही थी, उस वक्त काफी अंधेरा था। इसी रात के अंधेरे का फायदा उठाते हुए, जसीम के साथ बाइक पर सवार उसके दो अन्य साथी पुलिस को चकमा देकर मौके से भागने में कामयाब हो गए। इन फरार अपराधियों की धरपकड़ के लिए पुलिस ने पूरे इलाके में एक सघन कॉम्बिंग ऑपरेशन चला रखा है। इस पूरे अभियान में गाजियाबाद पुलिस के जवानों ने अदम्य वीरता का प्रदर्शन किया। बदमाशों की तरफ से हुई फायरिंग में यूपी पुलिस के हेड कांस्टेबल अमित और हेड कांस्टेबल इकबाल गोली लगने से घायल हो गए हैं, जबकि कांस्टेबल मोहित शर्मा की जान उनकी बुलेट प्रूफ जैकेट के कारण चमत्कारिक रूप से बच गई। घटनास्थल की तलाशी लेने पर पुलिस को वहां से एक अवैध आग्नेयास्त्र (असलहा) और बदमाशों द्वारा इस्तेमाल की गई एक चोरी की मोटरसाइकिल बरामद हुई है। जांच में सामने आया है कि मारा गया अपराधी जसीम मूल रूप से मुजफ्फरनगर जिले का निवासी था और पूर्व में भी कई आपराधिक वारदातों के सिलसिले में जेल की हवा खा चुका था। पुलिस अब इस प्रकरण से जुड़ी अग्रिम विधिक कार्यवाही को पूरा कर रही है।



































