मुफ्त बिजली और नारी सम्मान पेंशन की ऐतिहासिक घोषणा लखनऊ में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 2027 के सत्ता संग्राम का बिगुल फूंक दिया है। प्रदेश मुख्यालय पर आयोजित एक जनसभा में, जिसमें पूरे प्रदेश और विशेष रूप से बुंदेलखंड के ऊर्जावान कार्यकर्ता शामिल हुए, अखिलेश ने बड़े नीतिगत वादों का एलान किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सपा शासन के दौरान उपभोक्ताओं को प्रतिमाह 300 यूनिट बिजली बिना किसी शुल्क के मिलेगी। इसके साथ ही, महिलाओं के सामाजिक उत्थान के लिए उन्होंने साल भर में कुल 40,000 रुपये की पेंशन देने का संकल्प लिया। इन घोषणाओं के माध्यम से अखिलेश यादव ने महंगाई की मार झेल रही प्रदेश की जनता को एक बड़ा विकल्प देने का प्रयास किया है।
कार्यकर्ताओं से अपील: 2027 में भाजपा मुक्त उत्तर प्रदेश का लक्ष्य अखिलेश यादव ने उपस्थित कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए रणनीतिक एकता का पाठ पढ़ाया। उन्होंने कहा कि 2027 का चुनाव केवल एक राजनीतिक मुकाबला नहीं है, बल्कि यह प्रदेश के भविष्य को बचाने की लड़ाई है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आग्रह किया कि वे आपसी तालमेल को मजबूत करें और बूथ स्तर तक भाजपा की विरोधी लहर को संगठित करें। सपा प्रमुख ने बुलंद आवाज में कहा कि हमें इस बार भाजपा को ऐसी स्थिति में लाना है जहां वे विधानसभा की एक भी सीट जीतने के लिए तरस जाएं। उनके भाषण का मुख्य केंद्र बिंदु भाजपा की चुनावी मशीनरी को जमीनी एकजुटता से ध्वस्त करना था।
विद्युत विभाग में कथित घोटाले और स्मार्ट मीटर पर प्रहार राज्य की बिजली व्यवस्था पर टिप्पणी करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि आज हर घर में बिजली के बिलों को लेकर कोहराम मचा हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि ‘स्मार्ट मीटर’ दरअसल जनता को लूटने का एक संगठित हथियार बन गया है। अखिलेश का कहना है कि उत्तर प्रदेश के नागरिक अब समझ चुके हैं कि उनके घरों में बिजली के दाम क्यों बढ़ रहे हैं। उन्होंने सीधे तौर पर भाजपा सरकार के भ्रष्टाचार को इसका जिम्मेदार ठहराया और कहा कि मीटरों की तेज गति और गलत रीडिंग के पीछे एक गहरा आर्थिक षड्यंत्र काम कर रहा है, जिसे अब जनता बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है।
कमीशनखोरी का खेल और ईवीएम जैसा संदेह सपा अध्यक्ष ने बिजली कंपनियों और भाजपा नेताओं के बीच ‘नेक्सस’ होने का दावा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि मीटर आपूर्ति करने वाली कंपनियों से एडवांस कमीशन लिया गया है और उसी की वसूली अब जनता की जेबों से की जा रही है। अखिलेश ने कहा कि ये डिजिटल मीटर भी ईवीएम की तरह ही अविश्वसनीय हो गए हैं, जो केवल सत्ताधारी दल के फायदे के लिए काम करते हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा को ‘जनता के गुस्से के करंट’ से सावधान रहना चाहिए। उन्होंने भविष्यवाण़ी की कि गैस सिलेंडरों की बढ़ती कीमतें और बिजली की ये धांधली भाजपा के सत्ता के पतन का मुख्य कारण बनेगी।
राज्य की अव्यवस्था: अस्पताल और खेती की बदहाली का जिक्र अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश की ध्वस्त होती स्वास्थ्य व्यवस्था पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों में पर्याप्त संसाधनों का अभाव है और आम आदमी इलाज के लिए भटकने को मजबूर है। इसके अलावा, उन्होंने खाद की कमी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि किसान आज खेतों में मेहनत करने के बजाय खाद की कतारों में खड़ा होने को विवश है। उनका कहना था कि सरकार इन गंभीर समस्याओं को सुलझाने के बजाय केवल स्मार्ट मीटर लगाकर जनता को और अधिक मानसिक और आर्थिक कष्ट दे रही है। भाजपा का मॉडल केवल शोषण पर आधारित है।
विपक्ष पर महिला विरोधी होने का ठप्पा और PDA की ताकत अपने संबोधन के अंतिम चरण में अखिलेश यादव ने भाजपा की महिला-नीति पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जो दल अपने संगठन के भीतर महिलाओं को उचित स्थान नहीं दे सकता, वह प्रदेश की महिलाओं का भला कभी नहीं करेगा। उन्होंने समाजवादी पार्टी को महिलाओं और पिछड़ों का सच्चा हितैषी बताया। अखिलेश ने कहा कि भागीदारी की यह लड़ाई बहुत पुरानी है और इसका समाधान ‘PDA’ (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) गठबंधन के पास है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि विभिन्न वर्गों को एक मंच पर लाकर सपा एक ऐसा समावेशी समाज बनाएगी जहां हर व्यक्ति को प्रगति के समान अवसर मिल सकें।



































