मार्केट परिसर में भयंकर आग से हड़कंप गाजियाबाद के पॉश इलाके क्रॉसिंग रिपब्लिक में स्थित अजनारा सोसाइटी के व्यापारिक परिसर में आज आग लगने से भारी नुकसान की खबर है। जैसे ही बाजार की दुकानों से आग की लपटें निकलनी शुरू हुईं, वहां मौजूद ग्राहकों और दुकानदारों में भगदड़ मच गई। आग की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि देखते ही देखते पूरा बाजार धुएं के काले आगोश में समा गया। क्योंकि यह बाजार सीधे तौर पर रिहायशी सोसायटियों के प्रवेश द्वार के करीब है, इसलिए आग लगने से वहां खड़ी गाड़ियों और बहुमंजिला इमारतों को भी नुकसान पहुँचने की प्रबल संभावना पैदा हो गई है। अग्निशमन दल की गाड़ियां लगातार आग पर नियंत्रण पाने का प्रयास कर रही हैं।
सोसाइटी का ढांचा और भौगोलिक संवेदनशीलता क्रॉसिंग रिपब्लिक एक नियोजित लेकिन अत्यधिक सघन आबादी वाला क्षेत्र है। यहाँ की सोसायटियां बहुमंजिला टावरों से घिरी हुई हैं और अजनारा सोसाइटी भी इसी का हिस्सा है। इसकी भौगोलिक स्थिति ऐसी है कि यह ग्रेटर नोएडा वेस्ट (नोएडा एक्सटेंशन) और शाहबेरी के सीमावर्ती क्षेत्रों से जुड़ती है। मार्केट में लगी आग ने न केवल स्थानीय निवासियों को डरा दिया है, बल्कि पड़ोसी सोसायटियों में भी सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। भीड़भाड़ वाला इलाका होने की वजह से राहत कर्मियों को घटनास्थल तक पहुँचने और अपनी मशीनरी को सही तरीके से संचालित करने में काफी बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है।
तेज हवाओं और लू ने बढ़ाई आग की रफ्तार मौजूदा समय में चल रही भीषण गर्मी ने इस आग की घटना को और अधिक खतरनाक बना दिया है। शुष्क हवाओं और उच्च तापमान के कारण आग की लपटें बहुत तेजी से एक दुकान से दूसरी दुकान में फैलती चली गईं। दमकल विभाग के अनुसार, गर्मी के कारण लोहे और प्लास्टिक के सामान जल्दी गर्म हो रहे हैं, जिससे आग बुझाने की प्रक्रिया धीमी हो रही है। अग्निशमन कर्मियों का मुख्य लक्ष्य आग की ‘पेरिफेरी’ को नियंत्रित करना है ताकि यह आसपास की सघन बस्तियों की ओर न बढ़ सके। वर्तमान में हाइड्रोलिक प्लेटफार्म की मदद से आग पर ऊपर से पानी की बौछारें डाली जा रही हैं।
फ्लैटों में आग की दस्तक और धुएं का संकट आग की भीषणता इतनी अधिक थी कि पास के एक ऊंचे टावर के कुछ फ्लैटों तक भी लपटें पहुँचती हुई दिखाई दीं। आसमान में धुएं का ऐसा गुबार उठा है जिसने सूरज की रोशनी को भी धुंधला कर दिया है। इमारतों में रहने वाले लोग जान बचाने के लिए नीचे उतर आए हैं, जिससे सड़कों पर भी जाम की स्थिति बन गई है। यह आशंका जताई जा रही है कि धुएं और गर्मी के कारण फ्लैटों के एसी कंप्रेसर और कांच को नुकसान पहुँच सकता है। दमकल विभाग के कर्मचारी अंदर फंसे लोगों को निकालने और पालतू जानवरों को सुरक्षित बाहर लाने के लिए निरंतर प्रयास कर रहे हैं।
दुर्घटना के पीछे शॉर्ट सर्किट का प्राथमिक अंदेशा प्राथमिक जांच और चश्मदीदों के बयानों के आधार पर ऐसा लग रहा है कि बिजली के तारों में शॉर्ट सर्किट होने से यह अग्निकांड हुआ। गर्मी के मौसम में बिजली की अधिक खपत के कारण अक्सर तारों पर लोड बढ़ जाता है, जो ऐसे हादसों का मुख्य कारण बनता है। हालांकि, अधिकारी अभी किसी निष्कर्ष पर पहुँचने से बच रहे हैं। उनका कहना है कि प्राथमिकता आग को पूरी तरह शांत करना है। एक बार स्थिति सामान्य होने के बाद, बिजली विभाग और अग्नि सुरक्षा विभाग मिलकर विस्तृत जांच करेंगे कि क्या निर्माण कार्य में किसी सुरक्षा मानक की अनदेखी की गई थी।
राहत कार्य की प्रगति और सुरक्षा अलर्ट घटनास्थल पर राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है। दमकल की कई और गाड़ियों को पास के केंद्रों से बुलाया गया है। पुलिस ने सुरक्षा घेरा बना लिया है ताकि आम लोग घटनास्थल के करीब न जा सकें। अब तक किसी के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना नहीं है, जो एक बड़ी राहत की बात है। स्थानीय प्रशासन ने आरडब्ल्यूए (RWA) के साथ मिलकर आग से बचाव के उपायों पर चर्चा शुरू कर दी है। यह घटना एक चेतावनी है कि घनी आबादी वाले सोसायटियों के बाजारों में बिजली के फिटिंग और फायर फाइटिंग सिस्टम की नियमित जांच कितनी अनिवार्य है।



































