ग्रेटर नोएडा के ईकोटेक-1 क्षेत्र की एक कंपनी में बॉयलर हादसे का शिकार हुए फिटर प्रदीप कुमार की रविवार को मौत हो गई। 17 अप्रैल को हुए इस हादसे के बाद उन्हें दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया था। पुलिस ने इस मामले में कानूनी प्रक्रिया शुरू करते हुए शव का पंचनामा भरा है और जांच को आगे बढ़ाया है।
कार्यस्थल पर हादसा: भनेड़ा गांव, गाजियाबाद निवासी प्रदीप कुमार साढ़े चार वर्षों से कंपनी में कार्यरत थे। अपनी ड्यूटी के दौरान वे अचानक बॉयलर से निकले गर्म तेल की चपेट में आ गए। तेल गिरने से भड़की आग ने उन्हें बुरी तरह झुलसा दिया था। इस घटना ने कंपनी परिसर के भीतर कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
सुरक्षा पर सवाल: हादसे में प्रदीप कुमार के अलावा चार अन्य सहकर्मी भी घायल हुए हैं, जिनका उपचार अभी जारी है। परिवार के अनुसार, कंपनी के भीतर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं थे, जिसके कारण एक साथ कई कर्मचारी आग की चपेट में आ गए। इस घटना के बाद से ही कंपनी के अन्य कर्मचारियों में भी डर और रोष का माहौल है।
चेतावनी की अनदेखी: परिजनों का आरोप है कि मशीनों की जर्जर हालत और खराबी को लेकर प्रबंधन को पहले ही आगाह किया गया था। संचित त्यागी ने बताया कि भविष्य में होने वाले किसी जानलेवा हादसे की आशंका पहले ही जताई गई थी। आरोप है कि कंपनी प्रबंधन ने कर्मचारियों की इस वाजिब चिंता को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया, जिसका नतीजा इस मौत के रूप में सामने आया है।
पुलिसिया जांच: पुलिस अब कंपनी के दस्तावेजों और सुरक्षा प्रमाणपत्रों की जांच कर रही है। ईकोटेक-1 कोतवाली पुलिस यह सुनिश्चित करने में जुटी है कि क्या बॉयलर का रखरखाव नियमों के अनुसार किया जा रहा था। इस मामले में कंपनी प्रबंधन की भूमिका की बारीकी से पड़ताल की जा रही है ताकि दोषियों को सजा मिल सके।
मुकदमा दर्ज: घटना की गंभीरता को देखते हुए मृतक के परिजनों ने कानूनी रास्ता अपनाया है। कंपनी के मालिक और वरिष्ठ अधिकारियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई गई है। परिजनों की मांग है कि लापरवाही बरतने वालों पर सख्त कार्रवाई हो, ताकि भविष्य में किसी अन्य श्रमिक को अपनी जान न गंवानी पड़े।



































