लगातार बढ़ते काम के दबाव और बॉस की प्रताड़ना के कारण एक खौफनाक वारदात को अंजाम दिया गया है। कानपुर के रहने वाले 30 वर्षीय सेल्स मैनेजर की उसके ही मातहत काम करने वाले दो कर्मचारियों ने बेरहमी से हत्या कर दी है। इस घटना ने काम के दबाव और कर्मचारियों के मानसिक तनाव को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस हत्या के दोनों आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया है।
गाली-गलौज से थे परेशान पुलिस के सामने दोनों आरोपियों ने अपना जुर्म कुबूल करते हुए हत्या की असल वजह का भी खुलासा किया है। गिरफ्तार कर्मचारियों का कहना था कि उनका मैनेजर उन पर जबरन सेल्स टारगेट पूरा करने का दबाव बनाता था और टारगेट पूरा न होने पर उनके साथ गाली-गलौज व बेइज्जती करता था। इसके अलावा वह खुद ज्यादा इंसेंटिव ले लेता था, जिससे परेशान होकर दोनों ने एक महीने पहले ही अपने बॉस की हत्या की योजना बना ली थी और एक सुनसान जगह भी फाइनल कर ली थी।
आंखों में स्प्रे कर किया हमला योजना के तहत, घटना की रात दोनों कर्मचारियों ने मैनेजर को शराब पार्टी के बहाने से उसी पहले से तय की गई सुनसान जगह पर बुलाया। जब मैनेजर वहां पहुंचा, तो आरोपियों ने अचानक उसकी आंखों में एक तेज स्प्रे डाल दिया। आंखों में स्प्रे पड़ते ही मैनेजर असहाय हो गया और खुद का बचाव नहीं कर सका। इसके बाद दोनों ने लोहे के डंडों और अन्य खतरनाक हथियारों से पीट-पीटकर अपने ही बॉस को मौत के घाट उतार दिया।
दूसरे दिन बरामद हुई लाश इस खौफनाक वारदात से पहले, 26 अप्रैल की शाम को मैनेजर अपने घर से निकला था और रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गया था। अगले दिन, 27 अप्रैल को उसका शव उन्नाव के गंगाघाट थाना क्षेत्र के अंतर्गत मरहाला चौकी के पास सड़क किनारे पड़ा हुआ मिला। शव मिलने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई और पुलिस ने तुरंत घटनास्थल पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और जांच प्रक्रिया को तेज कर दिया।
थाने पहुंचकर किया नाटक मुख्य आरोपी ने इस हत्याकांड को अंजाम देने के बाद पुलिस और परिजनों की आंखों में धूल झोंकने की पूरी कोशिश की। वारदात के बाद वह बड़ी चालाकी से मृतक के परिवार वालों के संपर्क में बना रहा और हमदर्दी का नाटक करता रहा। वह खुद को बेगुनाह साबित करने के लिए मृतक की गुमशुदगी दर्ज कराने थाने भी गया, ताकि किसी भी सूरत में पुलिस या परिवार वालों का ध्यान उसकी संलिप्तता की तरफ न जाए।
पुलिस के शिकंजे में आरोपी डीसीपी ईस्ट सत्यजीत गुप्ता के अनुसार, जांच के दौरान पता चला कि मृतक को आखिरी बार उसके कर्मचारी बापन पाल के साथ देखा गया था। पुलिस ने जब बापन को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की और कॉल डिटेल रिकॉर्ड, मोबाइल लोकेशन तथा सीसीटीवी फुटेज दिखाए, तो उसने अपना जुर्म कुबूल कर लिया और अपने साथी अतीत वर्मा का नाम भी उगल दिया। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है और मामले की तह तक जाने का प्रयास कर रही है।



































