युद्धविराम की घोषणा डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि रूस और यूक्रेन 3 दिन के युद्धविराम पर सहमत हो गए हैं। सीजफायर के साथ ही दोनों देश बड़ी संख्या में युद्धबंदियों की अदला-बदली भी करने वाले हैं। यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की और पुतिन के सलाहकार यूरी उशाकोव ने इसकी आधिकारिक पुष्टि की है। ट्रंप का मानना है कि यह समझौता खूनी संघर्ष को समाप्त करने की दिशा में पहला कदम है।
व्हाइट हाउस का बयान ट्रंप ने पत्रकारों को बताया कि उनके अनुरोध पर पुतिन और जेलेंस्की ने सीजफायर पर सहमति जताई। उन्होंने कहा कि कुछ समय के लिए हिंसा का रुकना मानवता के लिए एक बहुत अच्छी खबर है। सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए ट्रंप ने बताया कि यह समझौता शनिवार से सोमवार तक चलेगा। यह निर्णय विशेष रूप से रूस के ‘विक्ट्री डे’ उत्सव को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
मई की समयसीमा ट्रंप के अनुसार 9, 10 और 11 मई को दोनों सेनाएं अपनी सैन्य गतिविधियां पूरी तरह बंद रखेंगी। उन्होंने जोर दिया कि द्वितीय विश्व युद्ध की जीत में यूक्रेन की भूमिका भी अत्यंत महत्वपूर्ण थी। इस तीन दिवसीय अवधि में दोनों पक्ष कुल 2000 युद्धबंदियों को उनके घर वापस भेजेंगे। पूर्व में किए गए युद्धविराम के विफल होने के बाद अब इस नए समझौते पर सबकी नजर है।
जेलेंस्की का रुख राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा कि युद्धबंदियों की रिहाई के कारण उन्होंने इस समझौते को स्वीकार किया। यूक्रेन लगातार अपने बंदी सैनिकों और आम नागरिकों की सुरक्षित वापसी की मांग करता रहा है। जेलेंस्की ने टेलीग्राम पर लिखा कि उनके लिए अपने लोगों की जिंदगी रेड स्क्वायर से अधिक कीमती है। यूक्रेनी प्रशासन का मुख्य उद्देश्य इस अवसर का लाभ उठाकर अपनों को वापस लाना है।
Red Square पर स्थिति जेलेंस्की ने आदेश जारी कर मॉस्को के रेड स्क्वायर पर सैन्य परेड आयोजित करने की छूट दी है। यूक्रेन की तरफ से स्पष्ट किया गया है कि इस दौरान रूसी क्षेत्र पर कोई हमला नहीं होगा। इस कदम के जरिए यूक्रेन ने अपनी लंबी दूरी तक मार करने वाली सैन्य क्षमता का प्रदर्शन किया। हालांकि रूस ने इस यूक्रेनी अनुमति को खारिज करते हुए इसे केवल एक राजनीतिक नाटक बताया है।
शांति वार्ता की प्रगति ट्रंप ने कहा कि वह व्यक्तिगत रूप से दोनों देशों के राष्ट्रपतियों के साथ लगातार संपर्क में हैं। उनका दावा है कि शांति वार्ता सही दिशा में बढ़ रही है और जल्द ही परिणाम सामने आएंगे। रूस और यूक्रेन के बीच जारी यह भीषण युद्ध फरवरी 2022 से पूरी दुनिया के लिए संकट बना है। अमेरिकी टीम की मध्यस्थता ने इस जटिल सीजफायर को सफल बनाने में मुख्य भूमिका निभाई है।



































