शांति के लिए फ्रेमवर्क ईरान और अमेरिका के बीच सैन्य संघर्ष को टालने के लिए एक नए फ्रेमवर्क पर विस्तृत चर्चा हो रही है। द न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि दोनों पक्ष सैन्य गतिविधियों को रोकने पर सहमत हो सकते हैं। इस समझौते का प्राथमिक लक्ष्य स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जैसे रणनीतिक मार्ग को व्यावसायिक जहाजों के लिए खोलना है। वर्तमान में यह वार्ता दोनों देशों के बीच जारी कड़वाहट को कम करने का एक प्रारंभिक प्रयास मानी जा रही है।
अस्थायी समाधान का प्रयास ईरान के तीन वरिष्ठ अधिकारियों ने पुष्टि की है कि एक पन्ने का ड्राफ्ट शांति के लिए तैयार किया जा रहा है। इसका मकसद भविष्य में किसी स्थायी और बड़े समझौते तक पहुंचने के लिए एक अनुकूल माहौल तैयार करना है। अस्थायी व्यवस्था के तहत ईरान और अमेरिका के बीच 30 दिनों तक किसी भी प्रकार का युद्ध नहीं होगा। अधिकारियों के अनुसार वर्तमान में इस ड्राफ्ट की जटिल भाषा और शर्तों को लेकर अंतिम दौर की चर्चा है।
यूरेनियम संवर्धन का संकट ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर बना गतिरोध इस बातचीत में अब भी सबसे बड़ी बाधा बना हुआ है। अमेरिका की ओर से दबाव है कि ईरान अपने संवर्धित यूरेनियम के भंडार का पूरा नियंत्रण उसे सौंप दे। शर्तों के अनुसार ईरान को अपने 3 परमाणु केंद्र बंद करने होंगे और लंबे समय तक संवर्धन रोकना होगा। अमेरिकी पक्ष चाहता है कि सुरक्षा की दृष्टि से ईरान कम से कम 20 साल तक परमाणु गतिविधियों से दूर रहे।
तेहरान की नई पेशकश ईरानी नेतृत्व ने अमेरिका की कड़ी मांगों के मुकाबले अपनी कुछ लचीली शर्तें बातचीत की मेज पर रखी हैं। तेहरान अपने संवर्धित यूरेनियम के एक बड़े हिस्से को रूस को सौंपने की संभावना पर विचार कर रहा है। ईरान ने यह भी स्पष्ट किया है कि वह संवर्धन की प्रक्रिया को 10 से 15 साल तक स्थगित रख सकता है। फिलहाल परमाणु केंद्रों को पूरी तरह बंद करने के मुद्दे पर अमेरिका और ईरान के बीच गहरा मतभेद है।
आर्थिक और व्यापारिक लाभ इस अंतरिम समझौते के लागू होने से ईरानी जहाजों पर लगे प्रतिबंधों में ढील मिलने की प्रबल संभावना है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के खुलने से अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में कीमतों और सप्लाई में स्थिरता आने की उम्मीद है। समझौते का एक प्रमुख बिंदु दोनों देशों के बीच पूर्ण संघर्ष विराम लागू करना और सैन्य गतिविधि रोकना है। वैश्विक तेल व्यापार का बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से गुजरता है, इसलिए इसका खुलना दुनिया के लिए राहत है।
दीर्घकालिक लक्ष्यों पर नजर आगामी 30 दिनों के भीतर आर्थिक प्रतिबंधों को हटाने और ईरानी संपत्तियों को फ्रीज मुक्त करने पर चर्चा होगी। ईरान ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय को भरोसा दिया है कि वह परमाणु हथियार बनाने की दिशा में काम नहीं करेगा। बातचीत में यूरेनियम संवर्धन रोकने की अवधि को लेकर दोनों देशों के बीच खींचतान अब भी जारी है। यदि यह 30 दिनों का सैन्य विराम सफल रहता है, तो यह मध्य पूर्व में स्थायी शांति का आधार बनेगा।



































