चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने बैठक में अमेरिका और चीन के बीच स्थिर संबंधों को अनिवार्य बताया। उन्होंने कहा कि चीन और अमेरिका को प्रतिद्वंद्वी होने के बजाय एक-दूसरे का साझेदार बनना चाहिए। जिनपिंग के अनुसार दुनिया वर्तमान में एक ऐसे बदलाव से गुजर रही है जो सदियों में नहीं दिखा। तेजी से बदलते अंतरराष्ट्रीय हालात में उन्होंने दोनों देशों के मिलकर काम करने पर विशेष जोर दिया।
चुनौतियों पर गंभीर मंथन शी जिनपिंग ने वार्ता के दौरान भविष्य के रिश्तों को लेकर कई महत्वपूर्ण और गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि क्या दोनों देश आपसी टकराव को टालकर संबंधों का एक नया मॉडल बना सकते हैं। उनका मुख्य सवाल यह था कि क्या दोनों महाशक्तियां मिलकर वैश्विक चुनौतियों का प्रभावी सामना करेंगी। जिनपिंग ने मानवता के बेहतर भविष्य के लिए दोनों देशों के साथ आने को ऐतिहासिक आवश्यकता बताया।
थ्यूसीडाइड्स ट्रैप की चर्चा शी जिनपिंग ने बातचीत में ‘थ्यूसीडाइड्स ट्रैप’ का जिक्र कर बढ़ते तनाव की ओर सीधा इशारा किया। उन्होंने कहा कि उभरती और मौजूदा शक्तियों के बीच संघर्ष के खतरे को बातचीत से टालना होगा। इन महत्वपूर्ण सवालों के जवाब देना ट्रंप और जिनपिंग दोनों की एक बड़ी नैतिक जिम्मेदारी है। विशेषज्ञों के अनुसार यह शब्द महाशक्तियों के बीच संभावित संघर्ष और प्रतिस्पर्धा को परिभाषित करता है।
साझा हितों पर जोर जिनपिंग ने कहा कि चीन और अमेरिका के बीच मतभेदों की तुलना में साझा हित कहीं अधिक हैं। एक देश की आर्थिक सफलता दूसरे देश के लिए विकास के नए अवसर पैदा कर सकती है। सहयोग करने से दोनों देशों को लाभ होगा जबकि आपसी टकराव से भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। उन्होंने एक-दूसरे की सफलता में सहयोग करने और संबंधों का सही रास्ता तलाशने की अपील की।
ऐतिहासिक वर्षगांठ की बधाई शी जिनपिंग ने अमेरिका की स्वतंत्रता की 250वीं वर्षगांठ के अवसर पर अमेरिकी जनता को बधाई दी। उन्होंने 9 वर्ष के लंबे अंतराल के बाद चीन आने के लिए ट्रंप का व्यक्तिगत रूप से धन्यवाद किया। जिनपिंग ने उम्मीद जताई कि यह मुलाकात दोनों देशों के बीच एक नया अध्याय शुरू करेगी। उन्होंने कहा कि चीन और अमेरिका के बेहतर संबंध पूरी दुनिया के लिए सुखद संकेत होंगे।
दौरे के अन्य कार्यक्रम राष्ट्रपति ट्रंप बुधवार को चीन पहुंचे थे जहाँ उपराष्ट्रपति हान झेंग ने उनका औपचारिक स्वागत किया। इस दौरान चीन में तैनात अमेरिकी राजदूत डेविड पर्ड्यू भी हवाई अड्डे पर मौजूद रहे थे। शाम को ट्रंप के सम्मान में बीजिंग में एक भव्य राजकीय भोज का आयोजन किया जाना तय है। इससे पहले चीन ने चार रेड लाइन का जिक्र कर संवेदनशील मुद्दों पर अपना रुख स्पष्ट किया था।




































