उत्तर प्रदेश के शामली जिले के अंतर्गत आने वाले गांव जसाला में कश्यप समाज के एक युवक मोनू की मौत हो गई थी। इस दुखद मौत के मामले ने अब राज्य के भीतर एक बहुत बड़ा राजनीतिक रूप ले लिया है। पीड़ित को न्याय दिलाने की मांग को लेकर हुए प्रदर्शन के बाद पुलिस प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाया है। इस पूरे मामले में कैराना लोकसभा सीट से समाजवादी पार्टी की मौजूदा सांसद इकरा हसन के खिलाफ पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है। सांसद पर अपने समर्थकों के साथ मिलकर सरकारी नियमों का उल्लंघन करने का बेहद गंभीर आरोप लगाया गया है।
डीआईजी कार्यालय के बाहर चक्काजाम
पुलिस विभाग द्वारा दर्ज की गई आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार समाजवादी पार्टी की सांसद और उनके समर्थकों पर कानून व्यवस्था बिगाड़ने का आरोप है। इन सभी लोगों ने सहारनपुर स्थित डीआईजी कार्यालय के ठीक बाहर मुख्य सड़क को पूरी तरह से जाम कर दिया था। इस अचानक किए गए चक्काजाम के कारण शहर की पूरी यातायात व्यवस्था बुरी तरह से प्रभावित हो गई थी। सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लगने से आम जनता को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। पुलिस ने इसे आम रास्ते को अवरुद्ध करने और कानून हाथ में लेने की श्रेणी में माना है।
सांसद समेत सात लोग नामजद
स्थानीय पुलिस की तरफ से सिविल लाइन थाने में दर्ज की गई इस एफआईआर में कुल 7 लोगों को मुख्य आरोपी के रूप में नामजद किया गया है। इसके साथ ही पुलिस ने कानून तोड़ने वाले अन्य 20 से 25 अज्ञात व्यक्तियों को भी इस मुकदमे में आरोपी बनाया है। नामजद किए गए मुख्य आरोपियों में सपा सांसद इकरा हसन के अलावा पूर्व राज्यमंत्री मांगेराम कश्यप का नाम भी शामिल है। इनके साथ ही तेजपाल सिंह, अजय, अनुज, शीशपाल और सत्यपाल सिंह को भी पुलिस ने नामजद किया है। यह पूरा आपराधिक मुकदमा सब-इंस्पेक्टर संजय कुमार शर्मा की लिखित तहरीर के आधार पर दर्ज हुआ है।
भारतीय न्याय संहिता के तहत कार्रवाई
सहारनपुर के सिविल लाइन थाने में इकरा हसन समेत सभी 7 नामजद आरोपियों के खिलाफ बेहद सख्त धाराओं में केस दर्ज किया गया है। इन सभी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता यानी बीएनएस की धारा 191 (2), 221, 132 और 126 (2) के तहत मुकदमा कायम किया गया है। एफआईआर के मुताबिक बीती 19 मई को दोपहर करीब सवा 2 बजे चौकी प्रभारी सिविल लाइन को एक महत्वपूर्ण सूचना मिली थी। इस सूचना में बताया गया था कि डीआईजी कार्यालय के गेट के बाहर भारी भीड़ जुटी है और मुख्य रोड को जाम कर रही है।
समर्थकों संग धरने पर बैठीं सांसद
रोड जाम किए जाने की इस खबर को पाते ही स्थानीय पुलिस की एक विशेष टीम तुरंत भारी बल के साथ मौके पर पहुँच गई। जब पुलिस टीम घटना स्थल पर पहुँची तो वहाँ सांसद इकरा हसन अपने कई प्रमुख सहयोगियों के साथ सड़क पर बैठी हुई थीं। वे अपने समर्थक मांगेराम, तेजपाल सिंह, अजय, अनुज, शीशपाल, सत्यपाल सिंह व अन्य 20-25 अज्ञात लोगों के साथ लगातार हंगामा कर रहे थे। मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने सांसद और उनके साथ आए सभी लोगों को समझाने का काफी प्रयास किया लेकिन वे नहीं माने।
सरकारी कार्य में डाली गई बाधा
डीआईजी दफ्तर के बाहर जारी इस भारी हंगामे को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस के जवानों ने तुरंत मोर्चा संभाल लिया था। मौके पर मौजूद ट्रैफिक पुलिस की तरफ से रोड का जाम खुलवाने और वाहनों को निकालने की लगातार कोशिश की गई। लेकिन जाम लगाए हुए इन प्रदर्शनकारियों की तरफ से लगातार हंगामा कर ट्रैफिक को दोबारा बहाल करने के काम में भारी बाधा डाली गई। प्रदर्शनकारियों के इस अड़ियल रुख की वजह से ऑन-ड्यूटी पुलिसकर्मियों के सरकारी कार्य में बड़ी रुकावट पैदा हुई। इस बाधा के कारण पूरी व्यस्त सड़क पर गाड़ियों का एक बहुत लंबा और किलोमीटर लंबा जाम लग गया।





































