22 अक्टूबर 2026 को मिले-जुले वैश्विक संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत कमजोर रही। बाजार खुलते ही निवेशकों की बिकवाली बढ़ने से प्रमुख सूचकांकों में तेज गिरावट दर्ज की गई। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स करीब 587 अंक यानी 0.80 प्रतिशत गिरकर 73,121.84 के स्तर पर पहुंच गया। दूसरी ओर, एनएसई निफ्टी 50 में 223.90 अंक यानी 0.98 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 22,587.45 के स्तर पर कारोबार करने लगा। बाजार में गिरावट का असर केवल कुछ चुनिंदा कंपनियों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि ज्यादातर शेयरों और विभिन्न क्षेत्रों के सूचकांकों में कमजोरी दिखाई दी। शुरुआती आंकड़ों से संकेत मिला कि निवेशक सतर्क रुख अपना रहे हैं और बाजार में खरीदारी के मुकाबले बिकवाली का दबाव अधिक बना हुआ है।
बाजार में गिरने वाले शेयरों की संख्या बढ़ी: शुरुआती कारोबार के दौरान शेयर बाजार का दायरा भी कमजोर नजर आया। कुल 738 शेयरों में तेजी दर्ज की गई, जबकि 1,934 शेयर गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे। वहीं, 138 शेयरों के भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ। इन आंकड़ों से स्पष्ट था कि बाजार में गिरावट का प्रभाव व्यापक रहा और बढ़त हासिल करने वाले शेयरों की तुलना में नुकसान उठाने वाले शेयरों की संख्या काफी अधिक थी। सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट के साथ बड़ी संख्या में शेयरों का लाल निशान में कारोबार करना निवेशकों के कमजोर रुझान को दर्शाता रहा। मिले-जुले वैश्विक संकेतों के बीच घरेलू बाजार में इस तरह की बिकवाली ने शुरुआती कारोबारी माहौल को दबावपूर्ण बना दिया।
आईटी को छोड़ ज्यादातर सेक्टरों में बिकवाली: क्षेत्रवार कारोबार पर नजर डालें तो आईटी सेक्टर को छोड़कर लगभग सभी प्रमुख क्षेत्रों के सूचकांक गिरावट के साथ कारोबार करते दिखाई दिए। निफ्टी आईटी इकलौता प्रमुख सेक्टर रहा, जिसमें 0.21 प्रतिशत की मामूली बढ़त दर्ज हुई और यह 32,491.10 अंक पर पहुंच गया। इसके उलट निफ्टी एमएनसी में 1.41 प्रतिशत और निफ्टी पीएसई में 1.35 प्रतिशत की गिरावट आई। निफ्टी एनर्जी 1.34 प्रतिशत तथा निफ्टी एफएमसीजी 1.25 प्रतिशत टूट गया। इसके अलावा निफ्टी इंफ्रा और निफ्टी फार्मा, दोनों में 1.14 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। निफ्टी रियल्टी 0.93 प्रतिशत, निफ्टी पीएसयू बैंक 0.68 प्रतिशत, निफ्टी सर्विसेज 0.60 प्रतिशत और निफ्टी बैंक 0.50 प्रतिशत नीचे रहा। इस तरह बाजार में कमजोरी का असर कई क्षेत्रों पर दिखाई दिया और आईटी सेक्टर की मामूली बढ़त व्यापक गिरावट के सामने सीमित रही।
Nestle India, Power Grid, Hindalco और Tata Steel के शेयर टूटे: निफ्टी 50 में शामिल कई प्रमुख कंपनियों के शेयरों में शुरुआती कारोबार के दौरान तेज गिरावट दर्ज की गई। नेस्ले इंडिया का शेयर 2.84 प्रतिशत टूटकर सबसे अधिक गिरने वाले शेयरों में शामिल रहा। पावर ग्रिड में 2.60 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि कोल इंडिया 2.38 प्रतिशत नीचे कारोबार करता दिखा। हिंडाल्को के शेयर में 2.30 प्रतिशत और टाटा स्टील में 2.20 प्रतिशत की कमजोरी दर्ज की गई। इसके साथ ही बीईएल 2.07 प्रतिशत, डॉ. रेड्डीज 2.01 प्रतिशत, महिंद्रा एंड महिंद्रा 1.94 प्रतिशत, बजाज फिनसर्व 1.93 प्रतिशत और श्रीराम फाइनेंस 1.92 प्रतिशत गिर गया। इन प्रमुख शेयरों में बिकवाली ने बाजार की कमजोरी को और स्पष्ट किया। खासतौर पर बड़ी कंपनियों के शेयरों में गिरावट से निफ्टी 50 पर दबाव बना रहा और शुरुआती कारोबार में निवेशकों को व्यापक स्तर पर नुकसान का सामना करना पड़ा।
चुनिंदा शेयरों में ही दिखी खरीदारी: बाजार में गिरावट के बीच बढ़त हासिल करने वाले शेयरों की संख्या सीमित रही। निफ्टी 50 के प्रमुख शेयरों में इटर्नल 0.58 प्रतिशत और एक्सिस बैंक 0.18 प्रतिशत की बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे। आईसीआईसीआई बैंक में कोई बदलाव नहीं हुआ और इसका शेयर सपाट बना रहा। दूसरी ओर, इन्फोसिस और टेक महिंद्रा में शुरुआती दौर में मामूली खरीदारी दिखाई देने के बाद दबाव बढ़ गया। इससे संकेत मिला कि बाजार में खरीदारी का रुझान व्यापक नहीं था और निवेशक चुनिंदा शेयरों तक ही सीमित रहे। अधिकांश प्रमुख कंपनियों में गिरावट के बीच कुछ शेयरों की मामूली बढ़त बाजार को संभालने के लिए पर्याप्त नहीं रही। कुल मिलाकर, शुरुआती कारोबार में तेजी वाले शेयरों की तुलना में गिरावट वाले शेयरों की अधिक संख्या ने बाजार की कमजोर स्थिति को उजागर किया।
वैश्विक संकेतों और कमजोर नतीजों से निवेशकों में सतर्कता: भारतीय शेयर बाजार में शुरुआती गिरावट के पीछे मिले-जुले वैश्विक संकेतों, वैश्विक बाजारों में मंदी के संकेतों और कंपनियों के कमजोर वित्तीय नतीजों को प्रमुख कारणों के रूप में देखा गया। ऐसे माहौल में निवेशक जोखिम लेने से बचते हुए सतर्क रुख अपना रहे थे और कई शेयरों में मुनाफावसूली का दबाव दिखाई दिया। सेंसेक्स और निफ्टी की गिरावट के साथ अधिकांश सेक्टरों में कमजोरी तथा बड़ी कंपनियों के शेयरों में बिकवाली ने बाजार की दिशा को प्रभावित किया। हालांकि आईटी क्षेत्र में मामूली बढ़त और इटर्नल तथा एक्सिस बैंक जैसे कुछ शेयरों में खरीदारी दिखाई दी, लेकिन इससे व्यापक कमजोरी दूर नहीं हो सकी। शुरुआती कारोबार के आंकड़ों के आधार पर बाजार में निवेशकों का रुझान फिलहाल सतर्क और मुनाफावसूली की ओर बना हुआ था।














































