कारोबारी सप्ताह के आखिरी दिन शुक्रवार, 16 अक्टूबर को भारतीय शेयर बाजार में पिछले दिनों से जारी तेज उछाल पर ब्रेक लगता दिखाई दिया। वैश्विक बाजारों से मिले-जुले संकेतों और निवेशकों की मुनाफावसूली के कारण घरेलू शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक गिरावट के साथ कारोबार करते नजर आए। सत्र की शुरुआत में सेंसेक्स करीब 250 अंक टूट गया, जबकि निफ्टी भी 60 अंकों से अधिक फिसल गया। हालांकि, बाजार में कमजोरी के बावजूद सूचना प्रौद्योगिकी और दूरसंचार क्षेत्र की प्रमुख कंपनियों के शेयरों में तेजी बनी रही। इन कंपनियों के शेयरों ने गिरावट के बीच बाजार को कुछ सहारा दिया।
सेंसेक्स और निफ्टी के शुरुआती आंकड़े: शुक्रवार को प्रमुख सूचकांकों पर बिकवाली का दबाव देखने को मिला। बीएसई सेंसेक्स 250 अंक यानी 0.34 प्रतिशत गिरकर 74,064.96 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं, निफ्टी 64.10 अंक यानी 0.28 प्रतिशत टूटकर 23,933.25 के स्तर पर कारोबार करता दिखाई दिया। शुरुआती कारोबार में बढ़त और गिरावट वाले शेयरों की संख्या लगभग बराबर रही। इस दौरान 1,119 शेयरों में तेजी दर्ज की गई, जबकि 1,076 शेयर गिरावट के साथ कारोबार करते नजर आए। इसके अलावा 183 शेयरों के भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ। इस तरह प्रमुख सूचकांकों में कमजोरी के बावजूद बाजार में कुछ शेयरों में खरीदारी जारी रही।
आईटी और सेवा क्षेत्र में तेजी, ज्यादातर सेक्टर लाल निशान में: क्षेत्रवार प्रदर्शन में सूचना प्रौद्योगिकी और सेवा क्षेत्र के सूचकांकों में मजबूती रही, जबकि अधिकांश अन्य क्षेत्रों में गिरावट दर्ज की गई। निफ्टी आईटी 1.54 प्रतिशत की बढ़त के साथ 31,193.90 के स्तर पर पहुंच गया। निफ्टी सर्विसेज में 0.50 प्रतिशत और निफ्टी पीएसयू बैंक में 0.11 प्रतिशत की तेजी रही। दूसरी ओर, निफ्टी रियल्टी में 0.73 प्रतिशत, निफ्टी एफएमसीजी में 0.63 प्रतिशत और निफ्टी एनर्जी में 0.61 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। निफ्टी बैंक 0.26 प्रतिशत, निफ्टी इंफ्रा 0.29 प्रतिशत और निफ्टी फार्मा 0.16 प्रतिशत नीचे कारोबार करते दिखाई दिए। इस प्रदर्शन से स्पष्ट हुआ कि आईटी और सेवा क्षेत्र में खरीदारी का रुझान बना रहा, जबकि रियल्टी, दैनिक उपभोग की वस्तुओं, ऊर्जा, बैंकिंग, बुनियादी ढांचे और दवा क्षेत्र के शेयर दबाव में रहे।
टेक महिंद्रा, इन्फोसिस और टीसीएस समेत इन शेयरों में तेजी: बाजार में बढ़त दर्ज करने वाले प्रमुख शेयरों में टेक महिंद्रा सबसे आगे रहा, जिसके भाव में 5.15 प्रतिशत की तेजी आई। इन्फोसिस के शेयर 3.59 प्रतिशत और टीसीएस के शेयर 3.10 प्रतिशत मजबूत हुए। एचसीएल टेक में 1.76 प्रतिशत तथा भारती एयरटेल में 1.06 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। इसके अलावा जेएसडब्ल्यू स्टील के शेयर 0.21 प्रतिशत, टाइटन के शेयर 0.11 प्रतिशत और एचडीएफसी बैंक के शेयर 0.10 प्रतिशत ऊपर कारोबार करते दिखाई दिए। हिंडाल्को के शेयर भी हरे निशान में रहे। प्रमुख सूचकांकों में गिरावट के बीच इन कंपनियों के शेयरों में मजबूती ने बाजार को सहारा दिया। खास तौर पर आईटी कंपनियों के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली।
बीएसई लिमिटेड, एचडीएफसी लाइफ और रिलायंस के शेयरों में गिरावट: गिरावट दर्ज करने वाले प्रमुख शेयरों में बीएसई लिमिटेड सबसे आगे रहा, जिसके भाव 2.61 प्रतिशत टूट गए। एचडीएफसी लाइफ में 2.28 प्रतिशत और जियो फाइनेंशियल में 1.83 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। श्रीराम फाइनेंस के शेयर 1.44 प्रतिशत तथा रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर 1.43 प्रतिशत नीचे आए। बजाज फिनसर्व में 1.36 प्रतिशत, ग्रासिम में 1.31 प्रतिशत और टाटा कंज्यूमर में 1.29 प्रतिशत की कमजोरी रही। हिंदुस्तान यूनिलीवर के शेयर 1.11 प्रतिशत और ट्रेंट के शेयर 1.05 प्रतिशत गिर गए। एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस के शेयर भी गिरावट वाले प्रमुख शेयरों में शामिल रहे। इस प्रकार वित्तीय सेवाओं, उपभोक्ता वस्तुओं और अन्य कंपनियों के शेयरों में बिकवाली का दबाव बना रहा।
मुनाफावसूली और वैश्विक संकेतों के बीच बाजार का मिला-जुला रुख: शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में गिरावट के पीछे वैश्विक बाजारों से मिले-जुले संकेत और पिछले दिनों की तेजी के बाद निवेशकों की मुनाफावसूली प्रमुख कारण रहे। सेंसेक्स और निफ्टी भले ही गिरावट में कारोबार करते दिखाई दिए, लेकिन शुरुआती कारोबार में बढ़त वाले शेयरों की संख्या गिरावट वाले शेयरों से थोड़ी अधिक रही। क्षेत्रीय सूचकांकों में भी मिला-जुला प्रदर्शन देखने को मिला। आईटी, सेवा और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के सूचकांक बढ़त में रहे, जबकि अधिकांश अन्य प्रमुख क्षेत्र कमजोर रहे। टेक महिंद्रा, इन्फोसिस, टीसीएस, एचसीएल टेक और भारती एयरटेल के शेयरों में मजबूती के विपरीत बीएसई लिमिटेड, एचडीएफसी लाइफ, जियो फाइनेंशियल और रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। इस तरह कारोबारी सप्ताह के अंतिम दिन बाजार में एकसमान रुझान नहीं रहा और प्रमुख सूचकांकों की कमजोरी के बावजूद चुनिंदा कंपनियों के शेयरों में खरीदारी जारी रही।














































