उत्तर प्रदेश में वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियों के बीच समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और जसवंत नगर के विधायक शिवपाल सिंह यादव ने भारतीय जनता पार्टी पर सीधा हमला बोला है। मंगलवार 6 अक्टूबर को कन्नौज पहुंचे शिवपाल यादव ने मीडिया से बातचीत में दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार जाने वाली है और उसकी उलटी गिनती शुरू हो गई है। उन्होंने कहा कि 2027 के विधानसभा चुनाव में इंडिया गठबंधन सरकार बनाएगा। शिवपाल यादव ने यह भी बताया कि चुनाव समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के नेतृत्व में लड़ा जाएगा। उनके बयान से यह संकेत मिला कि समाजवादी पार्टी आगामी चुनाव को अखिलेश यादव के नेतृत्व और विपक्षी गठबंधन के साथ सत्ता परिवर्तन के मुद्दे पर आगे बढ़ाने की तैयारी में है। कन्नौज में दिए गए इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में चुनावी दावों और गठबंधन की संभावनाओं को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
गठबंधन में सीटों के बंटवारे पर फैसला बाकी: इंडिया गठबंधन के घटक दलों के बीच विधानसभा चुनाव में सीटों के बंटवारे को लेकर जब शिवपाल यादव से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि इस संबंध में निर्णय राष्ट्रीय नेतृत्व करेगा। उन्होंने सीटों के बंटवारे को लेकर कोई निश्चित संख्या या समयसीमा नहीं बताई। उनके बयान से यह स्पष्ट है कि गठबंधन के भीतर सीटों के तालमेल से जुड़े अंतिम फैसले शीर्ष नेतृत्व के स्तर पर किए जाने हैं। वहीं उन्होंने आगामी चुनाव को लेकर यह दावा दोहराया कि इंडिया गठबंधन सरकार बनाएगा। समाजवादी पार्टी की ओर से अखिलेश यादव के नेतृत्व में चुनाव लड़ने की बात भी उन्होंने स्पष्ट रूप से कही। इस तरह शिवपाल यादव ने नेतृत्व के सवाल पर पार्टी की स्थिति साफ करने के साथ ही गठबंधन के भीतर सीट बंटवारे जैसे विषय पर अंतिम निर्णय का अधिकार राष्ट्रीय नेतृत्व के पास होने की बात कही।
बसपा के राजनीतिक प्रभाव पर सवाल: बहुजन समाज पार्टी की संभावित चुनावी चुनौती को लेकर शिवपाल यादव से सवाल पूछा गया तो उन्होंने पार्टी के मौजूदा राजनीतिक प्रभाव को लेकर तीखी टिप्पणी की। उन्होंने दावा किया कि बहुजन समाज पार्टी का राजनीतिक अस्तित्व समाप्त हो चुका है और पार्टी टूट गई है। शिवपाल यादव ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी जो भी कहती है, बहुजन समाज पार्टी वही करती है। इस बयान के जरिए उन्होंने आगामी विधानसभा चुनाव में बसपा की भूमिका को लेकर समाजवादी पार्टी का रुख सामने रखा। उत्तर प्रदेश में चुनावी मुकाबले के दौरान बहुजन समाज पार्टी की स्थिति और उसके संभावित प्रभाव को लेकर लगातार राजनीतिक चर्चा होती रही है। ऐसे में शिवपाल यादव की टिप्पणी को समाजवादी पार्टी की चुनावी रणनीति और विपक्षी दलों के बीच संभावित समीकरणों के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
निष्पक्ष चुनाव की मांग उठाई: शिवपाल यादव ने कथित वोट चोरी के मुद्दे को लेकर भी भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा। उन्होंने राम मंदिर में चढ़ावे में कथित गड़बड़ी का मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी वोट की चोरी के साथ भगवान को चढ़ाए जाने वाले चढ़ावे की भी चोरी करती है। इसके साथ ही निर्वाचन आयोग से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि लोग अब सड़कों पर हैं और चुनाव निष्पक्ष तरीके से कराने की मांग कर रहे हैं। शिवपाल यादव ने जोर देकर कहा कि चुनाव ईमानदारी से होने चाहिए। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता को आगामी राजनीतिक मुकाबले के लिए महत्वपूर्ण मुद्दे के रूप में उठाया। उनके आरोप और मांगें सीधे तौर पर चुनावी व्यवस्था और सत्तारूढ़ दल की भूमिका को लेकर थीं, जिससे कन्नौज में उनकी मीडिया बातचीत का एक बड़ा हिस्सा चुनाव की निष्पक्षता के सवाल पर केंद्रित रहा।
धार्मिक आयोजन में भी शामिल हुए: शिवपाल सिंह यादव मंगलवार दोपहर कन्नौज पहुंचे थे, जहां स्थानीय स्तर पर उनका जोरदार स्वागत किया गया। कन्नौज प्रवास के दौरान वह समाजवादी पार्टी के नेता जय कुमार तिवारी ‘बौवन’ के आवास पर आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में शामिल हुए। धार्मिक आयोजन में भाग लेने के बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत की और प्रदेश की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों तथा आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर अपनी बात रखी। उनके दौरे में राजनीतिक गतिविधि के साथ धार्मिक कार्यक्रम में भागीदारी भी रही। इस दौरान उन्होंने भारतीय जनता पार्टी की सरकार, इंडिया गठबंधन, बहुजन समाज पार्टी और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े कई मुद्दों पर अपनी स्थिति स्पष्ट की। उनके बयान के बाद कन्नौज में समाजवादी पार्टी की राजनीतिक गतिविधियों और आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर चर्चा का माहौल और तेज हुआ।
सत्ता परिवर्तन के दावे के साथ चुनावी तैयारी: शिवपाल यादव के कन्नौज दौरे से सामने आया सबसे प्रमुख राजनीतिक संदेश भारतीय जनता पार्टी सरकार की विदाई और 2027 में इंडिया गठबंधन की सरकार बनने का दावा रहा। उन्होंने अखिलेश यादव के नेतृत्व में चुनाव लड़ने की बात कही और गठबंधन के भीतर सीटों के बंटवारे का फैसला राष्ट्रीय नेतृत्व पर छोड़ दिया। साथ ही उन्होंने बहुजन समाज पार्टी के राजनीतिक प्रभाव को लेकर अपना आकलन सामने रखा और चुनावी प्रक्रिया में ईमानदारी तथा निष्पक्षता की मांग उठाई। वोट चोरी और राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े उनके आरोपों ने भी राजनीतिक बयानबाजी को और धार दी। उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव को अभी समय है, लेकिन विभिन्न दलों के नेताओं की ओर से सामने आ रहे दावे और बयान यह संकेत दे रहे हैं कि प्रदेश की चुनावी राजनीति में गतिविधियां तेज होने लगी हैं। शिवपाल यादव का ताजा बयान इसी बढ़ती राजनीतिक हलचल का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।















































