अमेरिका और ईरान के बीच हुई जंग ने मध्य पूर्व के कई हिस्सों को प्रभावित किया है और इसके कारण ऊर्जा तथा अन्य सामग्रियों की आपूर्ति पर भी असर पड़ा है। आपूर्ति प्रभावित होने के चलते तेल सहित कई वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। क्षेत्र में तनाव कब खत्म होगा, इसे लेकर अभी कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। ऐसे माहौल में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत, मध्य पूर्व और यूरोप के बीच प्रस्तावित आर्थिक गलियारे आईएमईसी को अपना समर्थन दिया है। ट्रंप ने कहा कि मध्य पूर्व के ऊर्जा ढांचे को ऐसे रास्तों से दूर ले जाने की जरूरत है, जहां ईरान के नियंत्रण वाले चौकी और मार्ग मौजूद हैं। उन्होंने तेल को बाहर निकालने के लिए पाइपलाइन या अन्य वैकल्पिक तरीकों को भी समर्थन देने की बात कही है।
ईरान पर ट्रंप का आरोप: डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान ने अपने पड़ोसी देशों में वाणिज्यिक जहाजों के खिलाफ आतंकवादी हमले किए हैं। उनके अनुसार, ईरान की इस कार्रवाई ने यह दिखा दिया है कि मध्य पूर्व के ऊर्जा ढांचे को ईरान के नियंत्रण वाले मार्गों से दूर ले जाना जरूरी है। ट्रंप ने इसी संदर्भ में कहा कि उनका प्रशासन भारत, मध्य पूर्व और यूरोप के आर्थिक गलियारे का जोरदार समर्थन करता है। उन्होंने तेल की आपूर्ति के लिए पाइपलाइन सहित दूसरे रास्तों को विकसित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। ट्रंप ने कहा कि सभी देश मिलकर उन चुनौतियों से पार पाने के करीब हैं, जिन्होंने कई दशकों से पूरे मध्य पूर्व क्षेत्र को परेशान कर रखा है।
नई दिल्ली में हुआ था आईएमईसी का ऐलान: भारत, पश्चिम एशिया और यूरोप को जोड़ने वाले आर्थिक गलियारे आईएमईसी की घोषणा नई दिल्ली में आयोजित 18वें जी-20 शिखर सम्मेलन के दौरान की गई थी। इस पहल को चीन की बेल्ट एंड रोड परियोजना के विकल्प के रूप में देखा जाता है। आईएमईसी की घोषणा के समय अमेरिका, भारत, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, फ्रांस, जर्मनी, इटली और यूरोपीय संघ के नेताओं ने इस आर्थिक गलियारे को लेकर सहमति जताई और दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए। प्रस्तावित गलियारा भारत को पश्चिम एशिया और यूरोप से जोड़ने का काम करेगा। इसके मार्ग में भारत, संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, जॉर्डन और इजराइल के जरिए यूरोप तक संपर्क स्थापित करने की योजना है।
ऊर्जा के वैकल्पिक रास्तों की जरूरत: मध्य पूर्व में जारी तनाव और ऊर्जा आपूर्ति पर पड़े प्रभाव के बीच ट्रंप ने तेल को बाहर निकालने के दूसरे तरीकों का भी समर्थन किया है। उन्होंने पाइपलाइन सहित ऐसे विकल्पों की बात की है, जिनके जरिए ऊर्जा ढांचे को मौजूदा तनाव वाले रास्तों से दूर रखा जा सके। ट्रंप के बयान में आईएमईसी के साथ ऊर्जा परिवहन के दूसरे साधनों का भी उल्लेख किया गया। उनका कहना है कि मध्य पूर्व के ऊर्जा ढांचे को ईरान के नियंत्रण वाले चौकी और मार्गों से दूर ले जाने की आवश्यकता है। इसी संदर्भ में उन्होंने अपने प्रशासन की ओर से आईएमईसी और तेल बाहर निकालने के अन्य तरीकों को जोरदार समर्थन देने की बात कही।
ईरान से प्रस्तावित समझौते पर प्रगति: ट्रंप ने ईरान के साथ चल रही बातचीत को लेकर भी महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने कहा कि स्टीव विटकोफ और जेरेड कुशनर ने ईरान से प्रस्तावित समझौते को लेकर मध्यस्थों से मुलाकात की है। ट्रंप के अनुसार, मध्यस्थ उनसे मिलने आए थे और बातचीत में कई बातें काफी अच्छी तरह आगे बढ़ रही हैं। इस बयान से यह स्पष्ट होता है कि मध्य पूर्व में तनाव की स्थिति के बीच ईरान के साथ प्रस्तावित समझौते को लेकर संपर्क बना हुआ है। ट्रंप ने बातचीत से जुड़े प्रतिनिधियों की गतिविधियों का उल्लेख करते हुए यह भी संकेत दिया कि मध्यस्थों के जरिए चर्चा आगे बढ़ रही है।
शील्ड ऑफ द अमेरिकाज का भी उल्लेख: ट्रंप ने अपने बयान में शील्ड ऑफ द अमेरिकाज की दूसरी बैठक का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वह इस बैठक में शामिल होकर काफी खुश हैं और इसे पश्चिमी गोलार्ध में आर्थिक तथा राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए अब तक का सबसे बड़ा और सबसे ताकतवर गठबंधन बताया। इस बयान में एक तरफ मध्य पूर्व की ऊर्जा आपूर्ति, आईएमईसी और तेल के वैकल्पिक रास्तों का उल्लेख किया गया, तो दूसरी तरफ ईरान के साथ प्रस्तावित समझौते पर बातचीत की जानकारी दी गई। ट्रंप के अनुसार, क्षेत्रीय चुनौतियों से निपटने के लिए कई स्तरों पर प्रयास चल रहे हैं और उनका प्रशासन आर्थिक गलियारे तथा ऊर्जा आपूर्ति के दूसरे विकल्पों का समर्थन कर रहा है।














































