विष्कुम्भ योग कब से कब तक रहेगा
वैदिक ज्योतिष के अनुसार 12 अक्टूबर 2026 को विष्कुम्भ योग प्रभावी रहेगा। यह योग 12 अक्टूबर की रात 8 बजकर 32 मिनट पर समाप्त होगा। प्रीति योग की गणना सूर्य और चंद्रमा की निरयन स्थितियों के आधार पर की जाती है। ज्योतिषीय मान्यताओं में इस योग के दौरान धैर्य बनाए रखने, विवादों से बचने और महत्वपूर्ण निर्णय सोच-समझकर लेने की सलाह दी जाती है। प्रीति योग: विष्कुम्भ योग समाप्त होने के बाद उसी समय, यानी रात 8 बजकर 32 मिनट पर शुरू होगा और 13 अक्टूबर 2026 की रात लगभग 8 बजकर 24 मिनट तक रहेगा।
प्रीति योग कब होगा शुरू
विष्कुम्भ योग समाप्त होने के बाद 12 अक्टूबर 2026 की रात लगभग 8 बजकर 32 मिनट पर प्रीति योग शुरू होगा। यह योग 13 अक्टूबर 2026 की रात लगभग 8 बजकर 24 मिनट तक रहेगा। वैदिक ज्योतिष में प्रीति योग को आपसी मेल-मिलाप, संबंधों में मधुरता और सहयोग के लिए अनुकूल माना जाता है।
विष्कुम्भ योग में इन राशियों को मिल सकते हैं शुभ संकेत
तुला राशि: चंद्रमा, बुध और शुक्र की तुला राशि में स्थिति के कारण बातचीत, रचनात्मक कार्यों और सामाजिक संपर्कों में अनुकूलता मिल सकती है। पुराने मतभेद सुलझाने और अधूरे कामों की योजना बनाने पर ध्यान देना लाभकारी रहेगा।
मिथुन राशि: विचारों को स्पष्ट ढंग से रखने, नए संपर्क बनाने और रुके हुए कामों को आगे बढ़ाने की योजना तैयार करने के लिए समय उपयोगी हो सकता है। बातचीत में संतुलन रखने से सहयोग मिलने की संभावना बढ़ेगी।
कुंभ राशि: नई योजनाओं, सामाजिक संपर्कों और रचनात्मक सोच से जुड़े कामों में सकारात्मक अवसर मिल सकते हैं। किसी योजना को आगे बढ़ाने से पहले उसकी व्यावहारिकता और जरूरी संसाधनों की जांच करें।
सिंह राशि: अपनी बात प्रभावी ढंग से रखने और पुराने कामों को व्यवस्थित करने में मदद मिल सकती है। जल्दबाजी के बजाय सोच-समझकर कदम उठाना बेहतर रहेगा।
विष्कुम्भ योग में इन राशियों को रहना होगा सावधान
वृषभ राशि: आर्थिक लेन-देन और खर्चों को लेकर सतर्क रहें। किसी को बड़ी रकम उधार देने या जल्दबाजी में निवेश करने से बचें। जरूरी भुगतान और दस्तावेज दोबारा जांच लें। उपाय: मां दुर्गा की पूजा करें और जरूरतमंद व्यक्ति को भोजन कराएं।
कन्या राशि: कामकाज के दबाव और पारिवारिक बातचीत में तनाव बढ़ने से बचें। किसी की बात का तुरंत जवाब देने के बजाय सोचने के लिए समय लें। आर्थिक फैसलों में जल्दबाजी न करें। उपाय: मां दुर्गा के सामने घी का दीपक जलाएं और शांत मन से प्रार्थना करें।
मीन राशि: बड़े निवेश, साझेदारी और भविष्य की योजनाओं में सावधानी रखें। पूरी जानकारी के बिना किसी की सलाह पर पैसा न लगाएं। परिवार में अपनी बात विनम्रता से रखें। उपाय: मां दुर्गा को लौंग अर्पित करें और जरूरतमंद व्यक्ति की सहायता करें।
मेष राशि: आवेश में बोलने या किसी विवाद को बढ़ाने से बचें। कार्यस्थल पर निर्णय लेने से पहले दूसरे पक्ष की बात भी सुनें। उपाय: मां ब्रह्मचारिणी का स्मरण करें और बातचीत में संयम बनाए रखें।
निष्कर्ष
वैदिक ज्योतिष के अनुसार विष्कुम्भ योग के दौरान धैर्य, संयम और सोच-समझकर निर्णय लेना महत्वपूर्ण माना जाता है। तुला, मिथुन, कुंभ और सिंह राशि के जातक संवाद, संपर्कों तथा योजनाओं से जुड़े अवसरों का लाभ उठाने पर ध्यान दे सकते हैं। वहीं वृषभ, कन्या, मीन और मेष राशि के जातकों को आर्थिक मामलों, पारिवारिक बातचीत और जल्दबाजी में लिए जाने वाले फैसलों में सावधानी रखनी चाहिए। ये शुभ-अशुभ संकेत ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित हैं।













































