घर में लगाएं हनुमान जी के ये 5 शुभ स्वरूप: वास्तु अनुसार जानें सही दिशा, प्रकार और उनसे मिलने वाले अद्भुत लाभ
सनातन धर्म परंपरा में प्रभु श्रीराम के परम भक्त श्री हनुमान जी को असीम शक्ति, अदम्य साहस, समर्पण और निश्चल भक्ति का प्रतीक माना गया है। सामान्य दिनों में मंगलवार और शनिवार के अलावा रामनवमी तथा हनुमान जन्मोत्सव जैसे पावन अवसरों पर देशभर के मंदिरों में बजरंगबली के भक्तों का विशाल जनसैलाब उमड़ पड़ता है।
धार्मिक आस्थाओं के साथ-साथ वास्तु शास्त्र में भी घर के देवस्थान व विभिन्न स्थानों पर हनुमान जी की तस्वीर या प्रतिमा स्थापित करना अत्यंत शुभ और कल्याणकारी बताया गया है। वास्तु विशेषज्ञों के अनुसार, घर में हनुमान जी के 5 विशेष स्वरूपों की तस्वीर लगाना बेहद लाभदायी माना जाता है। इससे न केवल घर का वास्तु दोष समाप्त होता है, बल्कि परिवार में सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी होता है।
आइए विस्तार से जानते हैं कि वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में हनुमान जी की कौन-कौन सी फोटो रखनी चाहिए, उन्हें किस दिशा में लगाना चाहिए और उनके क्या-क्या चमत्कारिक लाभ हैं:
1. किस दिशा में लगाएं हनुमान जी की तस्वीर?
हनुमान जी की तस्वीर लगाने से पहले वास्तु के अनुसार सही दिशा का ज्ञान होना अति आवश्यक है।
- दक्षिण दिशा सर्वोत्तम: वास्तु शास्त्र के अनुसार, हनुमान जी का चित्र हमेशा घर की दक्षिण दिशा में लगाना सबसे अधिक फलदायी और शुभ माना जाता है।
- लाल रंग का स्वरूप: दक्षिण दिशा के लिए विशेष रूप से लाल रंग के वस्त्र धारण किए हुए या लाल रंग में ध्यान मुद्रा में बैठे हुए हनुमान जी का चित्र सबसे उपयुक्त होता है।
- नकारात्मक ऊर्जा का नाश: पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, दक्षिण दिशा को यम और नकारात्मक शक्तियों की दिशा माना जाता है। इस दिशा में बजरंगबली की तस्वीर लगाने से वहां से प्रवेश करने वाली समस्त नकारात्मक ऊर्जा एवं बुरी शक्तियों का प्रभाव स्वतः ही नष्ट हो जाता है।
2. श्रीराम भक्ति में लीन हनुमान जी की तस्वीर
भगवान श्री राम की पूजा-अर्चना, ध्यान या राम नाम का भजन-कीर्तन करते हुए हनुमान जी की तस्वीर घर में स्थापित करना संपूर्ण परिवार के लिए अत्यंत मंगलकारी होता है।
- आपसी प्रेम व सौहार्द: वास्तु शास्त्र के अनुसार, भक्ति भाव में लीन हनुमान जी की फोटो घर के मंदिर या लिविंग रूम में लगाने से परिवार के सदस्यों के बीच आपसी प्रेम, समझदारी और अपनेपन की भावना में वृद्धि होती है।
- सुख-शांति का वास: इस तस्वीर के प्रभाव से घर के आंतरिक वातावरण में हमेशा शांति, पवित्रता और सकारात्मकता बनी रहती है तथा पारिवारिक कलह दूर होती है।
3. हाथ में संजीवनी पर्वत उठाए बजरंगबली
भगवान हनुमान जी द्वारा हाथ में द्रोणाचल/संजीवनी पर्वत उठाए हुए उड़ने का चित्र साहस, पराक्रम और अपार ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है।
- आत्मविश्वास में वृद्धि: वास्तु के अनुसार ऐसी तस्वीर घर में रखने या लगाने से व्यक्ति के भीतर सोए हुए आत्मविश्वास, निडरता और नई कार्य-ऊर्जा का संचार होता है।
- विपरीत परिस्थितियों में प्रेरणा: जीवन में आने वाली कठिन से कठिन परिस्थितियों, बाधाओं और संकटों का डटकर सामना करने के लिए यह स्वरूप व्यक्ति को मानसिक मजबूती और निरंतर प्रेरणा प्रदान करता है।
4. आकाश में उड़ते हुए हनुमान जी की तस्वीर
आकाश मार्ग से उड़ते हुए हनुमान जी के स्वरूप की तस्वीर को जीवन में निरंतर प्रगति, उन्नति और सफलता का सूचक माना गया है।
- प्रगति के नए अवसर: मान्यता है कि उड़ते हुए हनुमान जी का चित्र अध्ययन कक्ष (स्टडी रूम) या कार्यस्थल पर रखने से व्यक्ति के करियर और व्यापार में आगे बढ़ने के नए-नए रास्ते व सुनहरे अवसर खुलते हैं।
- लक्ष्य प्राप्ति में सहायक: यह स्वरूप जटिल और असंभव लगने वाले कार्यों को भी समय पर पूरा करने का असीम साहस और दृढ़ संकल्प प्रदान करता है।
5. मुख्य द्वार पर लगाएं ‘पंचमुखी हनुमान’ जी
वास्तु शास्त्र में घर के मुख्य प्रवेश द्वार (Main Door) पर पंचमुखी हनुमान जी की तस्वीर, पोस्टर या प्रतिमा स्थापित करना अत्यंत रक्षात्मक और शुभ बताया गया है।
- विराट स्वरूप का आशीर्वाद: पंचमुखी अवतार को हनुमान जी का सबसे शक्तिमान और विराट स्वरूप माना जाता है, जिसमें वे पांच अलग-अलग दिशाओं व शक्तियों का प्रतिनिधित्व करते हैं।
- सुरक्षा कवच: मुख्य द्वार पर पंचमुखी हनुमान जी की फोटो लगाने से घर में किसी भी प्रकार की बुरी नजर, तंत्र-मंत्र का प्रभाव, प्रेत बाधा या नकारात्मक ऊर्जा प्रवेश नहीं कर पाती। यह घर के लिए एक अभेद्य सुरक्षा कवच की तरह कार्य करता है।











































