ज्योतिष शास्त्र में देवगुरु बृहस्पति (गुरु) का राशि और नक्षत्र परिवर्तन अत्यंत महत्वपूर्ण और प्रभावशाली माना जाता है। पंचांग और ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, देवगुरु बृहस्पति का शनि देव के स्वामित्व वाले ‘पुष्य नक्षत्र’ में गोचर होना एक बेहद शुभ और दुर्लभ संयोग बन रहा है।
गोचर का समय और अवधि:
- प्रवेश की तिथि और समय: 18 जून 2026 की रात 09:32 बजे।
- अवधि: गुरु इस पुष्य नक्षत्र में 19 अगस्त 2026 तक विराजमान रहेंगे।
- अगला चरण: इसके पश्चात देवगुरु बृहस्पति अपना गोचर अश्लेशा नक्षत्र में आरंभ कर देंगे।
शनि के नक्षत्र में गुरु का यह विशेष गोचर ज्योतिषीय दृष्टि से एक बड़ा बदलाव लेकर आ रहा है। यह महासंयोग मुख्य रूप से 4 राशि वालों की किस्मत को पूरी तरह से पलटने की क्षमता रखता है। इन राशियों को जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में बंपर लाभ और अपार सफलता मिलने की प्रबल उम्मीद है। आइए विस्तार से जानते हैं कि वे 4 भाग्यशाली राशियां कौन सी हैं:
❖ कर्क राशि
कर्क राशि के जातकों के लिए देवगुरु बृहस्पति का पुष्य नक्षत्र में गोचर किसी वरदान से कम साबित नहीं होगा। आपके जीवन में यह गोचर बेहद लाभकारी परिणाम लेकर आएगा:
- आर्थिक लाभ: आपकी आर्थिक स्थिति पहले की तुलना में काफी अधिक मजबूत और सुदृढ़ हो जाएगी। धन के नए स्रोत बनेंगे।
- करियर व व्यवसाय: नौकरीपेशा लोगों को पदोन्नति और लाभ प्राप्त करने के कई सुनहरे अवसर मिलेंगे। कार्यस्थल पर आपको कोई नई और बड़ी जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है, जिससे आपके मान-सम्मान में भारी वृद्धि होगी।
- निवेश व स्वास्थ्य: यदि आप कहीं निवेश करने की योजना बना रहे हैं, तो उसमें तगड़ा मुनाफा मिलने के योग हैं। लंबे समय से चला आ रहा मानसिक तनाव दूर होगा और किसी पुरानी स्वास्थ्य समस्या या रोग से भी आपको छुटकारा मिल सकता है।
❖ कन्या राशि
कन्या राशि वालों के लिए गुरु का यह गोचर सुख-समृद्धि और धन-धान्य की बारिश करने वाला है:
- धन और संपत्ति: आर्थिक स्थिति में जबरदस्त सुधार देखने को मिलेगा। बैंक बैलेंस में लगातार वृद्धि होगी और पैसों की तंगी काफी हद तक दूर हो जाएगी।
- कार्य और व्यापार: आपके लंबे समय से रुके हुए या अटके हुए सभी काम सफलतापूर्वक पूरे होंगे। आप जिस भी नए कार्य में हाथ डालेंगे, उसमें आपको सफलता मिलेगी। बिजनेस का विस्तार होगा और साझेदारी (पार्टनरशिप) के कार्यों में भारी मुनाफा कमाने में आप सफल रहेंगे।
- पारिवारिक व व्यक्तिगत जीवन: हर महत्वपूर्ण कार्य में आपको अपने माता-पिता का पूरा सहयोग और आशीर्वाद प्राप्त होगा। आपके पुराने कर्ज से मुक्ति मिलने की प्रबल संभावना है। साथ ही, परिवार के साथ किसी पवित्र धार्मिक यात्रा पर जाने का अवसर भी मिल सकता है।
❖ धनु राशि
देवगुरु बृहस्पति आपकी अपनी राशि के स्वामी हैं, इसलिए पुष्य नक्षत्र में उनका यह गोचर धनु राशि वालों के लिए किसी चमत्कार से कम साबित नहीं होगा:
- नौकरी और सफलता: जो लोग नौकरी की तलाश में हैं, उन्हें अपनी मनचाही जगह पर नौकरी मिल सकती है। नौकरीपेशा जातकों के लिए प्रमोशन के स्पष्ट योग बन रहे हैं और कार्यस्थल पर आपके काम की जमकर तारीफ होगी।
- व्यापारिक उन्नति: बिजनेस करने वालों को इस अवधि में बंपर लाभ होगा। आपकी योजनाएं सफल होंगी और आर्थिक स्थिति पहले से काफी अच्छी रहेगी।
- पारिवारिक सुख: आपके वैवाहिक जीवन में खुशियों की बहार आएगी। जीवनसाथी के साथ रिश्ते और अधिक मधुर होंगे। इसके अलावा, आपके घर-परिवार में कोई शुभ और मांगलिक कार्य भी संपन्न हो सकता है।
❖ मीन राशि
मीन राशि के जातकों के लिए गुरु का पुष्य नक्षत्र में यह गोचर धन लाभ और सर्वांगीण विकास के नए रास्ते खोलने वाला साबित होगा:
- आय में वृद्धि: आपकी नियमित कमाई में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी। आप अपनी बुद्धि और विवेक से एक साथ कई अलग-अलग माध्यमों से धन कमाने में सफल रहेंगे।
- पैतृक संपत्ति और निवेश: पैतृक संपत्ति से जुड़े मामलों में आपको कोई बड़ा लाभ प्राप्त हो सकता है। यह समय किसी अच्छी और सुरक्षित जगह पर निवेश करने के लिए बेहद अनुकूल है, जिसका भविष्य में आपको शानदार रिटर्न मिलेगा।
- रुका हुआ धन: यदि आपका पैसा कहीं फंसा हुआ है या लंबे समय से किसी ने आपका उधार वापस नहीं किया है, तो वह अटका हुआ धन आपको अचानक से वापस मिल सकता है।





































