यहाँ आपके द्वारा दी गई जानकारी को स्पष्ट और व्यवस्थित रूप में प्रस्तुत किया गया है:
राहु नक्षत्र परिवर्तन 2026 और राशियों पर इसका महा-प्रभाव
राहु को ज्योतिष में रहस्य, अचानक होने वाली घटनाओं और महत्वाकांक्षा का कारक माना जाता है। अक्सर लोग इसे बुरे फल देने वाला ग्रह मानते हैं, लेकिन राहु हमेशा बुरे परिणाम नहीं देता। अगर यह छाया ग्रह कुंडली में शुभ स्थिति में बैठा हो, तो व्यक्ति को फर्श से अर्श तक पहुंचा सकता है। राहु अचानक से छीनता भी है और अचानक से छप्पर फाड़ कर देता भी है।
जब भी इस ग्रह की चाल में परिवर्तन होता है, तो इसका कुछ न कुछ प्रभाव सभी राशियों पर अवश्य पड़ता है। आइए जानते हैं किन राशियों के लिए यह गोचर वरदान और भाग्यशाली साबित होने वाला है:
- वृषभ राशि: आपके लिए राहु का नक्षत्र परिवर्तन बेहद शानदार साबित होगा। आपकी आर्थिक स्थिति में अचानक से सुधार देखने को मिलेगा। 1 जून से आपकी किस्मत के सितारे चमक जाएंगे। हर काम में सफलता प्राप्त होने के योग बन रहे हैं और आपका कोई बड़ा सपना पूरा हो सकता है।
- मिथुन राशि: राहु का यह गोचर आपके लिए किसी वरदान से कम नहीं है। जिस भी काम में हाथ डालेंगे, वह जरूर पूरा होगा। आर्थिक स्थिति में मजबूती आएगी और बिजनेस में बंपर लाभ कमाने में सफल रहेंगे। नई नौकरी मिलने के प्रबल योग हैं। यात्राएं भी आपके लिए फायदेमंद साबित होंगी।
- तुला राशि: आपके लिए यह गोचर अत्यंत लाभकारी रहेगा। करियर में जबरदस्त तरक्की देखने को मिलेगी। बिजनेस में भी अच्छा मुनाफा प्राप्त होने की उम्मीद है। अचानक से धन प्राप्ति के योग बनेंगे और जीवनसाथी के साथ आपके संबंध पहले से कहीं अधिक मजबूत होंगे।
- धनु राशि: आपके लिए यह नक्षत्र गोचर बंपर लाभ प्रदान करने वाला साबित होगा। कार्यस्थल पर आपके काम की खूब प्रशंसा होगी। नई नौकरी मिलने के योग बन रहे हैं। किसी खास और प्रभावशाली व्यक्ति से मुलाकात हो सकती है, साथ ही पूजा-पाठ व अध्यात्म में आपका खूब मन लगेगा।
जून ‘मृत्यु पंचक’ 2026 – तिथि, समय और वर्जित कार्य
हर माह के पांच दिन ऐसे होते हैं जो किसी भी शुभ और मांगलिक कार्य के लिए पूरी तरह वर्जित माने जाते हैं, इन्हें ‘पंचक’ कहा जाता है। हिंदू धर्म में पंचक को अशुभ समय माना जाता है। यह किस दिन से शुरू हो रहा है, इस आधार पर इसके नाम और प्रभाव बदल जाते हैं। जून के महीने में सबसे खतरनाक माने जाने वाले ‘मृत्यु पंचक’ की शुरुआत हो रही है।
जून 2026 में मृत्यु पंचक कब से कब तक रहेगा?
- प्रारंभ: 6 जून 2026, शनिवार शाम 7 बजकर 3 मिनट से। (शनिवार से शुरू होने के कारण ही इसे मृत्यु पंचक कहा जाता है, जो दुर्घटना, बीमारी और बड़े संकट का कारक माना जाता है।)
- समाप्ति: 11 जून 2026, सुबह 8 बजकर 16 मिनट तक।
मृत्यु पंचक में भूलकर भी न करें ये 5 कार्य:
- दक्षिण दिशा में यात्रा न करें: पंचक के दौरान दक्षिण दिशा (यमराज की दिशा) में यात्रा करने से बचना चाहिए, अन्यथा यह किसी बड़े संकट को बुलावा दे सकता है।
- अंतिम संस्कार के विशेष नियम: यदि पंचक के दौरान किसी की मृत्यु हो जाती है, तो शव का अंतिम संस्कार सामान्य तरीके से नहीं किया जाता। पंचक दोष से मुक्ति के लिए शव के साथ आटे या कुशा के 5 पुतले बनाकर उनका भी विधि-विधान से दाह संस्कार करना अनिवार्य है।
- छत या लेंटर न डलवाएं: इस दौरान घर का लेंटर डलवाना या छत बनवाना सख्त मना है। माना जाता है कि ऐसा करने से घर के सदस्यों पर मानसिक और आर्थिक संकट गहराता है।
- चारपाई या बेड न खरीदें: पंचक के दिनों में नया बेड, चारपाई खरीदना या बुनना वर्जित है। शास्त्रों के अनुसार, इससे घर में अशांति, कलह और बीमारी का वास होता है।
- ईंधन इकट्ठा न करें: इस दौरान लकड़ी, घास, कंडे (उपले) या किसी भी तरह का ज्वलनशील ईंधन घर में इकट्ठा नहीं करना चाहिए।





































