
वंदन योजना के तहत 1.82 करोड़ रुपये की लागत से होगा संत रविदास मंदिर का भव्य जीर्णोद्धार
संत रविदास जी ने समाज को समानता, समरसता और भाईचारे का मार्ग दिखाया
धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों को भव्य और सुविधायुक्त बनाने का कार्य कर रही प्रदेश सरकार:मंत्री श्री ए के शर्मा
लखनऊ।नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने शुक्रवार को जनपद मऊ के दोहरीघाट में संत रविदास जी के मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना कर मंदिर के जीर्णोद्धार एवं निर्माण कार्य का शुभारंभ किया। नगर विकास विभाग की वंदन योजना के अंतर्गत लगभग एक करोड़ 82 लाख रुपये की लागत से संत रविदास मंदिर का जीर्णोद्धार एवं सौंदर्यीकरण कराया जा रहा है। निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद यह स्थल भव्य एवं सुंदर संत रविदास मंदिर के रूप में विकसित होगा और क्षेत्र में आने-जाने वाले लोगों के लिए आस्था एवं प्रेरणा का प्रमुख केंद्र बनेगा।
इस अवसर पर नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने कहा कि संत रविदास जैसे महान संत-महापुरुष के मंदिर का निर्माण एवं जीर्णोद्धार कराना मेरे लिए सौभाग्य की बात है। यह ईश्वर की कृपा है कि मुझे संत रविदास जी के मंदिर निर्माण में योगदान देने का अवसर प्राप्त हो रहा है। उन्होंने कहा कि यह मंदिर आने वाले समय में न केवल श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बनेगा, बल्कि संत रविदास जी के महान विचारों और उनके सामाजिक संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम भी बनेगा।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार संत-महापुरुषों की स्मृतियों और धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों को संरक्षित एवं विकसित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व के स्थलों का विकास कराया जा रहा है। वंदन योजना के माध्यम से ऐसे स्थलों को भव्य, सुंदर, आकर्षक और श्रद्धालुओं के लिए सुविधायुक्त बनाने का कार्य किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि संत रविदास जी ने अपने जीवन और विचारों के माध्यम से समाज को समानता, सामाजिक समरसता, भाईचारे और मानवता का संदेश दिया। उन्होंने समाज में व्याप्त भेदभाव और ऊंच-नीच की भावना के विरुद्ध मानव मात्र की समानता का संदेश दिया। संत रविदास जी की शिक्षाएं आज भी समाज को एकजुट होकर आगे बढ़ने और आपसी प्रेम एवं सद्भाव बनाए रखने की प्रेरणा देती हैं।
नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ने कहा कि मंदिर के निर्माण और सौंदर्यीकरण के साथ-साथ संत रविदास जी के विचारों और उनके सामाजिक संदेश को भी व्यापक स्तर पर जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसे धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों का विकास हमारी गौरवशाली परंपरा, संस्कृति और संत-महापुरुषों की शिक्षाओं को नई पीढ़ी से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम है।











































