मुख्य बिंदु:
- अमेरिकी कोस्ट गार्ड ने रूसी तेल टैंकर को क्यूबा जाने से नहीं रोका।
- टैंकर में लगभग 7,30,000 बैरल कच्चा तेल होने का अनुमान है।
- न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार, अमेरिकी अधिकारियों को टैंकर रोकने के निर्देश नहीं दिए गए थे।
पूरी खबर: दुनिया भर में गहराते तेल संकट के बीच अमेरिका के रुख में नरमी देखी गई है। क्यूबा, जो लंबे समय से ईंधन की भारी किल्लत झेल रहा है, उसे रूस से आने वाले इस टैंकर से बड़ी राहत मिल सकती है। रविवार शाम तक यह जहाज क्यूबा के समुद्री क्षेत्र के बेहद करीब पहुँच चुका था।
दिलचस्प बात यह है कि जहाँ पहले अमेरिका क्यूबा जाने वाले टैंकरों को खदेड़ देता था, वहीं इस बार कोस्ट गार्ड की मौजूदगी के बावजूद कोई हस्तक्षेप नहीं किया गया। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक ऊर्जा बाज़ार में बढ़ते दबाव को देखते हुए अमेरिका ने यह ‘नरम रुख’ अपनाया है ताकि स्थिति और न बिगड़े। फिलहाल क्यूबा के लिए यह किसी संजीवनी से कम नहीं है।





































