पश्चिमी देशों से लेकर एशियाई द्वीपों तक भूकंपीय गतिविधियों ने एक बार फिर मानवता को झकझोर कर रख दिया है। नेवादा के सिल्वर स्प्रिंग्स में आए 5.7 तीव्रता के भूकंप ने अमेरिका के एक बड़े हिस्से को हिलाकर रख दिया। USGS की रिपोर्ट के मुताबिक, इस भूकंप का केंद्र जमीन के भीतर 9 किलोमीटर की गहराई पर स्थित था। कैलिफ़ोर्निया के निवासियों के लिए भी यह समय अत्यंत तनावपूर्ण रहा, क्योंकि वहाँ 4.9 तीव्रता के झटकों ने लोगों की नींद उड़ा दी। बौल्डर क्रीक के आसपास केंद्रित इस भूकंप के कारण खिड़कियाँ और फर्नीचर तेजी से हिलने लगे, जिससे घबराए हुए लोग आधी रात को ही सड़कों पर निकल आए।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर वायरल होते संदेशों और वीडियो में देखा जा सकता है कि झटके कितने तीव्र थे। लोग अपनी आपबीती सुनाते हुए कह रहे हैं कि उन्होंने अपने जीवन में इतना डरावना मंजर पहले कभी नहीं देखा था। गनीमत रही कि अमेरिकी क्षेत्रों में किसी बड़ी जनहानि की खबर नहीं आई है, लेकिन संपत्तियों को हल्का नुकसान पहुँचने की आशंका जताई जा रही है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि लोग सतर्क रहें क्योंकि मुख्य झटकों के बाद आफ्टरशॉक्स (भूकंप के बाद के झटके) आने की संभावना बनी रहती है।
वहीं इंडोनेशिया में आए भूकंप ने तबाही के गहरे निशान छोड़े हैं। उत्तरी सुलावेसी और उत्तरी मालुकु प्रांतों में आए 7.4 तीव्रता के भूकंप ने लोगों को संभलने का मौका तक नहीं दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, धरती लगभग 10 से 20 सेकंड तक कांपती रही। मनाडो शहर में एक पुरानी इमारत गिरने से 70 वर्षीय वृद्ध महिला की दुखद मृत्यु हो गई, जबकि मलबे में दबने से कई अन्य घायल हो गए। बचाव दल द्वारा जारी किए गए दृश्यों में ढहे हुए घर और टूटी हुई सड़कें नजर आ रही हैं, जो इस भूकंप की विभीषिका को बयां करती हैं। टर्नेट और बिटुंग के निवासियों ने बताया कि वे सोकर उठे ही थे कि अचानक सब कुछ हिलने लगा, जिसके बाद वे अपनी जान बचाने के लिए बदहवास होकर बाहर की ओर भागे।





































