अहमदाबाद क्राइम ब्रांच द्वारा हाल ही में की गई एक गिरफ्तारी ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया है। पुलिस ने एक ऐसे शातिर अपराधी को दबोचा है, जिसकी पिछले 12 वर्षों की जीवन यात्रा किसी रोमांचक फिल्मी पटकथा जैसी प्रतीत होती है। आजीवन कारावास की सजा काट रहा हेमंत मोदी, जो वर्ष 2014 में पैरोल जंप कर जेल से फरार हो गया था, मुंबई की चकाचौंध भरी दुनिया में अपनी पहचान छुपाकर एक सफल ‘स्ट्रगलिंग अभिनेता’ के रूप में अपनी दूसरी पारी खेल रहा था। घी कांटा मेट्रो स्टेशन के निकट पकड़े गए इस अपराधी की जब असली पहचान उजागर हुई, तो पुलिस अधिकारी भी उसकी अभिनय कला और छलावे के कौशल को देखकर दंग रह गए।
2005 की नरोडा हत्या और जेल की सजा
इस संपूर्ण आपराधिक घटनाक्रम की जड़ें वर्ष 2005 में अहमदाबाद के नरोडा इलाके में हुई एक भीषण हत्या से जुड़ी हैं। इस जघन्य अपराध के लिए अदालत ने हेमंत मोदी को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास का दंडादेश सुनाया था, जिसके बाद उसे मेहसाणा जेल भेज दिया गया। जेल के एकांतवास और मानसिक अवसाद के दौर में उसने अपनी पत्नी से तलाक भी ले लिया था, जिससे उसका पारिवारिक जीवन बिखर गया। उसे प्रतीत हो रहा था कि अब उसका शेष जीवन जेल की चारदीवारी के भीतर ही बीतेगा, लेकिन वर्ष 2014 में मिली पैरोल ने उसके जीवन की दिशा ही बदल दी। जेल से बाहर आते ही उसने वापस न लौटने और हमेशा के लिए गायब हो जाने का साहसी व आपराधिक निर्णय लिया।
मुंबई की मायावी दुनिया में ‘स्पंदन मोदी’ का उदय
जेल से फरार होकर हेमंत मोदी सीधे मुंबई पहुँचा और अपने खूनी अतीत को पीछे छोड़कर एक नई पहचान गढ़ी। उसने अपना नाम बदलकर ‘स्पंदन मोदी’ रख लिया और बॉलीवुड व थिएटर की दुनिया में अपनी किस्मत आजमाना शुरू किया। उसने बड़े ही शातिर तरीके से अपनी पिछली जिंदगी को छिपा लिया और फिल्म इंडस्ट्री में एक संघर्षरत कलाकार की भूमिका अपना ली। इंटरनेट डेटाबेस और फिल्म क्रेडिट्स में भी उसे इसी नए नाम ‘स्पंदन मोदी’ से जाना जाने लगा, जिससे पुलिस के लिए उसकी सही पहचान करना और भी चुनौतीपूर्ण हो गया था।
सितारों के साथ स्क्रीन साझा करने वाला खूंखार वॉन्टेड
यह जानकर आश्चर्य होता है कि जिस व्यक्ति की तलाश पुलिस रिकॉर्ड में एक हत्यारे के रूप में थी, वही व्यक्ति बड़े पर्दे पर बॉलीवुड के दिग्गज सितारों के साथ काम कर रहा था। स्पंदन मोदी के रूप में उसने ‘जयेशभाई जोरदार’, ‘ठग्स ऑफ हिंदोस्तान’ और ’53वां पन्ना’ जैसी बड़ी फिल्मों में रणवीर सिंह, आमिर खान और अमिताभ बच्चन जैसे सुपरस्टार्स के साथ स्क्रीन साझा की। इसके अतिरिक्त, उसने कई हिंदी धारावाहिकों और नाटकों में भी छोटी-बड़ी भूमिकाएं निभाईं। किसी को भी यह भनक नहीं लगी कि एक गुजराती फिल्म और नाटकों में अभिनय करने वाला यह व्यक्ति असल में एक गंभीर अपराध में सजा पाया हुआ फरार आरोपी है।
क्राइम ब्रांच का जाल और गिरफ्तारी का अंतिम दृश्य
लंबे समय से फरार चल रहे इस सजायाफ्ता कैदी की गतिविधियों के बारे में अहमदाबाद क्राइम ब्रांच को गुप्त सूचना मिली थी कि वह अहमदाबाद में किसी से मुलाकात करने आ रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस ने तकनीकी निगरानी बढ़ा दी और उसके पुराने संपर्कों पर पैनी नजर रखी। अंततः, घी कांटा मेट्रो स्टेशन के पास पुलिस ने एक जाल बिछाया, जिसमें हेमंत मोदी फंस गया। गिरफ्तारी के दौरान भी उसने अपनी ‘अभिनय कला’ का प्रदर्शन करते हुए पुलिस को गुमराह करने का भरसक प्रयास किया, किंतु उसका यह नाटक अधिक समय तक नहीं चल सका। अंततः उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया है और अब वह पुन: सलाखों के पीछे जाने की राह पर है।





































