विकासनगर में आग का तांडव और जनजीवन अस्त-व्यस्त उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के विकासनगर इलाके से बुधवार को आग लगने की एक बेहद डरावनी खबर आई है। गर्मी के मौसम के शुरू होते ही जिस तरह से आग लगने की घटनाएं बढ़ रही हैं, उसने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। विकास नगर की झुग्गी-झोपड़ियों में लगी इस आग ने इतना विकराल रूप धारण कर लिया कि देखते ही देखते पूरी बस्ती आग के गोले में तब्दील हो गई। आग की लपटों को दूर-दूर से देखा जा सकता था और धुएं के कारण लोगों को सांस लेने में कठिनाई होने लगी। इस घटना के बाद इलाके के लोगों में भारी दहशत फैल गई और लोग अपने घरों से बाहर निकल आए।
दमकल विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्यवाही आग की भयावहता को देखते हुए दमकल विभाग ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। शुरुआत में आधा दर्जन गाड़ियां भेजी गई थीं, लेकिन आग पर नियंत्रण न होते देख बाद में इनकी संख्या बढ़ा दी गई। पुलिस और दमकल विभाग के जवान मिलकर आग की दिशा को मोड़ने और उसे बुझाने की कोशिश में जुटे रहे। स्थानीय पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर दी है ताकि राहत कार्य में कोई बाधा न आए। भारी मशक्कत के बाद दमकल कर्मियों ने आग की लपटों को और ज्यादा फैलने से रोकने में सफलता प्राप्त की, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
200 परिवारों के आशियाने हुए राख पुलिस आयुक्त अमरेंद्र के सिंह ने घटना के बारे में जानकारी साझा करते हुए बताया कि आग पर काफी हद तक नियंत्रण पा लिया गया है। उन्होंने दुख जताते हुए कहा कि प्रारंभिक जांच के अनुसार लगभग 200 झुग्गियां पूरी तरह जलकर खाक हो गई हैं। उन गरीब परिवारों का सारा सामान, जमापूंजी और आशियाना आग की भेंट चढ़ गया है। हालांकि, पुलिस आयुक्त ने यह राहत भरी खबर भी दी कि इस भीषण अग्निकांड में किसी भी व्यक्ति की जान जाने की खबर नहीं है। नुकसान का विस्तृत विवरण तैयार किया जा रहा है ताकि प्रभावितों की मदद की जा सके।
मुख्यमंत्री की त्वरित प्रतिक्रिया और राहत का आदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ की इस घटना को अत्यंत गंभीरता से लिया है। उन्होंने तत्काल शासन के वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे घटनास्थल पर मौजूद रहकर राहत कार्यों का संचालन करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि पीड़ित परिवारों को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर ले जाने के साथ-साथ भोजन और दवाइयों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री के आदेश के बाद प्रशासन ने प्रभावित लोगों के लिए अस्थायी शिविर बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
डिप्टी सीएम बृजेश पाठक की मौके पर मौजूदगी और बयान उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक स्वयं स्थिति का जायजा लेने पहुंचे और उन्होंने बचाव अभियान की समीक्षा की। उन्होंने मीडिया को बताया कि मौके पर 20 से अधिक फायर टेंडर काम कर रहे हैं और स्वास्थ्य विभाग की टीमें भी तैनात हैं। डिप्टी सीएम ने कहा, “हमारा पहला लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी व्यक्ति घायल न रहे। घायलों को अस्पताल पहुँचाने के लिए एम्बुलेंस सेवा को अलर्ट पर रखा गया है और उन्हें उच्च स्तरीय इलाज दिया जा रहा है।” उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि आग लगने के कारणों की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
बस्ती में तबाही के बाद का मंजर और प्रशासनिक सतर्कता आग बुझने के बाद विकास नगर की उस बस्ती में केवल राख और जला हुआ सामान ही नजर आ रहा है। सैकड़ों लोग अब खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं। प्रशासन की ओर से खाने-पीने के पैकेट वितरित किए जा रहे हैं। आसमान में अभी भी धुएं का हल्का गुबार देखा जा सकता है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि गर्मी के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए लोग आग और बिजली के उपकरणों के प्रति सतर्क रहें। इस अग्निकांड ने एक बार फिर राजधानी की सुरक्षा और आपदा प्रबंधन की तैयारियों को परखने का अवसर दिया है।



































