बॉलीवुड अभिनेता बॉबी देओल ने अपने अभिनय करियर में अब तक सफलता और विफलता के कई तरह के अलग-अलग पड़ाव देखे हैं। एक स्टारकिड के रूप में फिल्मों में सुपरहिट डेब्यू करने वाले बॉबी के करियर में एक दौर ऐसा भी आया था जब उनके पास बिल्कुल भी काम नहीं था। काम न मिलने और फिल्में न होने के कारण उनके जीवन में असफलता और आत्मसंदेह की भावनाएं बहुत गहराई तक घर कर गई थीं। अपने करियर में आई इस अचानक और भारी गिरावट की वजह से वह मानसिक रूप से काफी हताश और परेशान रहने लगे थे। इन गहरी निराशाजनक भावनाओं और तनाव से निपटने के लिए अंततः उन्होंने पूरी तरह से शराब का सहारा लेना शुरू कर दिया था।
शराब की बुरी लत: काम न होने के कारण बॉबी देओल सारा दिन अपने घर पर खाली बैठकर केवल शराब ही पीते रहते थे। उन्होंने बताया कि हार मान लेने के बाद इंसान खुद पर तरस खाने लगता है, जो कि एक बेहद सामान्य मानवीय स्वभाव है। उस दौर में उन्हें ऐसा लगने लगा था कि उनकी दुनिया अब खत्म हो गई है और कोई भी उन्हें बिल्कुल पसंद नहीं करता है। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि उनके पिता को भी शराब पीने की आदत थी, जिसे देखकर उन्होंने भी अत्यधिक शराब पीना शुरू कर दिया था। खुद को सुकून देने वाली चीजों की तलाश में वह धीरे-धीरे पूरी तरह से शराब की गंभीर लत के शिकार हो गए थे।
टीवी शो में बड़े खुलासे: हाल ही में ‘इंडिया टीवी’ के चेयरमैन एवं एडिटर-इन-चीफ रजत शर्मा के लोकप्रिय टीवी शो में उन्होंने बतौर मेहमान शिरकत की थी। ‘आप की अदालत’ नामक इस चर्चित शो में हुई खास बातचीत के दौरान उन्होंने अपने जीवन के उस सबसे कठिन दौर पर खुलकर बात की। उन्होंने इस बड़े मंच पर बहुत ही ईमानदारी और साहस के साथ अपनी शराब की लत की बातों को सार्वजनिक रूप से सबके सामने स्वीकार किया। इसी दौरान उन्होंने उन सभी झूठी अफवाहों को भी पूरी तरह से खारिज कर दिया कि उनके बुरे दौर में उनकी पत्नी ने उन्हें छोड़ दिया था। उन्होंने पूरी दुनिया के सामने यह स्पष्ट किया कि उनकी पत्नी हर मुसीबत के दिन में उनके साथ एक मजबूत ढाल बनकर हमेशा खड़ी रहीं।
पत्नी का मिला मजबूत साथ: अपनी शराब की इस गंभीर लत से पूरी तरह उबरने में मदद करने के लिए अभिनेता ने अपनी पत्नी तान्या देओल को अपना पूरा श्रेय दिया है। बॉबी ने बताया कि जीवन के उन मुश्किल और निराशाजनक सालों में उनकी पत्नी ने उनके लिए एक बहुत ही अहम भूमिका निभाई थी। जब उनके पास फिल्मों में अभिनय का कोई काम नहीं था, तब तान्या देओल ने ही घर की सारी बड़ी जिम्मेदारियां अपने कंधों पर ले ली थीं। घर के सभी आर्थिक मामले संभालने से लेकर घर का सारा जरूरी खर्च उठाने तक का काम तान्या ने ही काम करके अकेले दम पर किया था। बॉबी ने भावुक होते हुए शो में यह भी स्पष्ट कहा कि अगर तान्या उनकी जिंदगी में नहीं होतीं, तो वह आज इस मुकाम पर नहीं बैठे होते।
बच्चों के सवाल से आया बदलाव: उनके जीवन और सोच में एक अहम मोड़ तब आया जब उनके ही बच्चों ने उनसे घर पर रहने को लेकर गंभीर सवाल करना शुरू कर दिया। बच्चों ने बॉबी से पूछना शुरू किया कि वह हमेशा घर पर खाली क्यों बैठे रहते हैं जबकि उनकी मां काम के लिए रोज ऑफिस जाती हैं। बच्चों के मुंह से निकले इन सीधे सवालों ने उनके अंदर तक बहुत गहरा प्रभाव डाला और उनके सोचने का नजरिया पूरी तरह से बदल दिया। अपने बच्चों और पत्नी की इस स्थिति को देखकर उनके अंदर कुछ बदला और उन्होंने फिर से खुद पर मेहनत करने का दृढ़ फैसला किया। यहीं से उन्हें अपनी बिखरी हुई जिंदगी की बागडोर वापस अपने हाथ में लेने की एक बहुत मजबूत और सच्ची पारिवारिक प्रेरणा प्राप्त हुई।
इंडस्ट्री में शानदार वापसी: अपने परिवार से मिली इस नई प्रेरणा और पत्नी के अटूट समर्थन के बाद बॉबी ने अपनी जीवनशैली को सुधारने की ओर कदम बढ़ाया। खुद पर दोबारा काम करने के इस मजबूत फैसले ने उन्हें नकारात्मकता से बाहर निकाला और एक नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ने का हौसला दिया। इन सभी मुश्किल हालातों का डटकर सामना करने के बाद बॉबी देओल ने फिल्म इंडस्ट्री में एक बेहद शानदार और ऐतिहासिक कमबैक किया। उनकी यह शानदार वापसी इतनी अधिक प्रभावशाली थी कि बॉलीवुड के कई बड़े और स्थापित दिग्गजों के सिंहासन भी पूरी तरह से हिल गए। आज वह अपने उस बुरे दौर को पीछे छोड़कर एक बार फिर से दर्शकों के दिलों पर राज करने वाले एक सफल अभिनेता बन चुके हैं।





































