उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के हाफिजगंज थाना क्षेत्र के गांव खाईखेड़ा से एक बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है। वहां मुहर्रम के जुलूस के दौरान कथित तौर पर ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ के नारे लगाए जाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इस आपत्तिजनक वीडियो के सामने आने के बाद पूरे इलाके में तनाव और तरह-तरह की चर्चाएं तुरंत शुरू हो गई थीं। इस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने बिना समय गंवाए अपनी गहन जांच शुरू कर दी और सच्चाई का पता लगाने में जुट गई।
बच्चे से जबरन बुलवाए गए नारे: पुलिस की इस त्वरित और निष्पक्ष जांच में एक बहुत बड़ा और चौंकाने वाला सच पूरी तरह से सामने आ गया है। जांच के दौरान पता चला कि गांव खाईखेड़ा के ही निवासी योगेंद्र पाल और भुवनेश कुमार ने इस पूरी साजिश को रचा था। उन्होंने कथित तौर पर अपनी गलत और नफरती नीयत से एक छोटे बच्चे से ये आपत्तिजनक शब्द जबरन बुलवाए थे। बच्चे से ये नारे लगवाकर उसका वीडियो रिकॉर्ड किया गया और फिर उसे जानबूझकर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल कर दिया गया ताकि इलाके का माहौल बिगड़े।
पुलिस की सख्त कानूनी कार्रवाई: पुलिस का इस पूरे प्रकरण पर स्पष्ट कहना है कि इन दोनों आरोपियों ने वीडियो के जरिए जानबूझकर सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने और भ्रम फैलाने की कोशिश की। सच्चाई सामने आने के बाद पुलिस ने दोनों मुख्य आरोपियों को तुरंत हिरासत में लेकर उनके खिलाफ संबंधित गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। वरिष्ठ अधिकारियों का कड़ा कहना है कि सोशल मीडिया पर भ्रामक और भड़काऊ सामग्री प्रसारित कर आपसी सौहार्द खराब करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। प्रशासन ने जिले में शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी को सतर्क रहने की सलाह दी है।
मुजफ्फरनगर में शांतिपूर्ण जुलूस: एक ओर जहां बरेली में अफवाह फैलाई गई, वहीं मुजफ्फरनगर में मंगलवार रात मोहर्रम के सातवें दिन का पारंपरिक जुलूस बेहद शांतिपूर्ण तरीके से निकाला गया। इस अहम जुलूस के दौरान शहर के सभी संवेदनशील और प्रमुख इलाकों में प्रशासन द्वारा सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किए गए थे। खास तौर पर शिव चौक, जिसे हिंदू आस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है, वहां प्रशासन ने अतिरिक्त और विशेष सतर्कता बरती। अधिकारियों ने पूरे क्षेत्र को लाल कपड़े से ढंकवाया और चारों ओर मजबूत बैरिकेडिंग कराई ताकि मोहर्रम का जुलूस बिना किसी अप्रिय घटना के सम्पन्न हो सके।
रूट पर रहा कड़ा पुलिस पहरा: मुजफ्फरनगर में मोती महल से शुरू हुआ यह धार्मिक जुलूस खालापार होते हुए अपने निर्धारित मार्ग से शिव चौक पहुंचा और फिर आगे बढ़ गया। इस पूरे जुलूस में मुस्लिम समुदाय के हजारों लोगों ने बड़ी संख्या में अपनी गहरी आस्था और श्रद्धा के साथ हिस्सा लिया। पूरे निर्धारित मार्ग पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की पैनी नजर बनी रही ताकि यह पूरा धार्मिक कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके। भारी पुलिस बल के साथ सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभालते हुए वरिष्ठ अधिकारियों ने पूरे रूट की लगातार निगरानी की और संवेदनशील बिंदुओं पर अतिरिक्त जवान तैनात किए।
अधिकारियों ने जताया संतोष: इस पूरी व्यवस्था पर अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ मिश्रा ने जानकारी देते हुए बताया कि मोहर्रम के सातवें दिन का यह जुलूस शहर के प्रमुख धार्मिक जुलूसों में शामिल है। उन्होंने कहा कि सभी समुदायों की धार्मिक भावनाओं का पूरा सम्मान करते हुए इलाके में पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया था। संवेदनशील स्थलों पर की गई अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था के कारण ही यह पूरा कार्यक्रम अत्यंत शांतिपूर्ण ढंग से और बिना किसी व्यवधान के संपन्न कराया जा सका। मुजफ्फरनगर में प्रशासन की सतर्कता और दोनों समुदायों के परस्पर सहयोग के चलते यह धार्मिक आयोजन सफलतापूर्वक पूरा हुआ और अब आगामी कार्यक्रमों की तैयारियां की जा रही हैं।





































