जनवरी 2025 में अमेरिका के राष्ट्रपति का पद संभालने के पहले ही दिन डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा फैसला लिया था। उन्होंने देश की जन्मजात नागरिकता के नियम में बहुत बड़ा बदलाव करने के उद्देश्य से एक कड़े एग्जीक्यूटिव ऑर्डर पर साइन किया था। उनके इस आदेश का मुख्य मकसद उन बच्चों को अपने-आप मिलने वाली नागरिकता से रोकना था, जो अमेरिका में पैदा हुए हों। यह नियम उन बच्चों पर लागू होना था जिनके माता-पिता या तो देश में गैर-कानूनी तरीके से रह रहे थे या फिर केवल अस्थायी वीज़ा पर वहां मौजूद थे।
नागरिकता के लिए नई शर्तें: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा बनाए गए इस नए नियम के तहत नागरिकता देने के लिए कुछ कड़ी शर्तें तय की गई थीं। इसके तहत अमेरिकी नागरिकता मुख्य रूप से उन्हीं बच्चों को मिल पाती, जिनके कम से कम एक माता-पिता या तो मूल रूप से अमेरिकी नागरिक हों या फिर वहां कानूनी तौर पर स्थायी निवासी हों। इन दो शर्तों को पूरा न करने वाले माता-पिता के बच्चों को अमेरिकी धरती पर पैदा होने के बावजूद नागरिकता से वंचित करने का प्रावधान था। इस नियम से उन लाखों प्रवासियों पर संकट आ गया था जो वहां रह रहे हैं।
बर्थराइट सिटिज़नशिप की परिभाषा: अमेरिका में जन्मजात नागरिकता यानी बर्थराइट सिटिज़नशिप का एक बहुत ही स्पष्ट और सीधा सा कानूनी अर्थ होता है। इसका मतलब यह है कि अमेरिका की सीमा या उसके किसी भी अधिकार क्षेत्र यानी टेरिटरी में पैदा होने वाला बच्चा स्वतः ही अमेरिका का वैध नागरिक बन जाता है। इसके लिए यह बिल्कुल भी जरूरी नहीं है कि उसके माता-पिता मूल रूप से किस देश के नागरिक हैं। यहां तक कि उनके माता-पिता के पास कोई वैध वीजा या दस्तावेज न होने पर भी बच्चे की नागरिकता पर कोई असर नहीं पड़ता है।
संविधान के संशोधन की ढाल: यह विशेष अधिकार मुख्य रूप से अमेरिकी संविधान के 14वें संशोधन यानी 14th Amendment द्वारा पूरी तरह से सुनिश्चित किया गया है। इसी ऐतिहासिक संशोधन के तहत अमेरिकी क्षेत्र में जन्म लेने वाले लगभग हर एक बच्चे को बिना किसी शर्त के नागरिकता मिलने का अधिकार प्राप्त है। यह कानून अमेरिकी न्यायशास्त्र का एक बेहद मजबूत स्तंभ माना जाता है, जो किसी भी बच्चे को जन्म के स्थान के आधार पर सुरक्षा देता है। इस कानून के कारण ही दुनिया भर के लोगों के लिए अमेरिकी नागरिकता पाना हमेशा से आसान रहा है।
विदेशी धरती पर जन्म का नियम: अमेरिकी नागरिकता कानून में देश की सीमा से बाहर पैदा होने वाले बच्चों के लिए भी एक विशेष और स्पष्ट नियम बनाया गया है। यदि किसी बच्चे का जन्म अमेरिका के भौगोलिक क्षेत्र से बाहर यानी किसी अन्य देश में होता है, लेकिन उसके माता-पिता अमेरिकी नागरिक हैं, तो भी वह बच्चा जन्म से ही अमेरिका का वैध नागरिक माना जाता है। यानी अमेरिकी नागरिकों की संतानों को दुनिया के किसी भी कोने में जन्म लेने पर भी अमेरिकी नागरिकता का पूरा अधिकार स्वतः ही मिल जाता है।
न्यायपालिका और सरकार में टकराव: सुप्रीम कोर्ट के इस ताजा फैसले से राष्ट्रपति प्रशासन और देश की सर्वोच्च न्यायपालिका के बीच एक बड़ा टकराव खुलकर सामने आ गया है। कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि कार्यपालिका के पास संविधान के मूल अधिकारों को बदलने या सीमित करने की कोई शक्ति नहीं है। राष्ट्रपति भले ही देश की सुरक्षा और इमिग्रेशन व्यवस्था को सुधारने का दावा करें, लेकिन वे संवैधानिक प्रावधानों का उल्लंघन नहीं कर सकते। इस ऐतिहासिक निर्णय ने यह साबित कर दिया है कि अमेरिका में संविधान और कानून की स्थिति हमेशा सरकार से ऊपर बनी रहेगी।














































