आज 4 सितंबर 2026, भाद्रपद कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि और शुक्रवार का पावन दिन है। आज का दिन आध्यात्मिक और धार्मिक दृष्टिकोण से अत्यंत फलदायी है, क्योंकि आज देशभर में भगवान श्री कृष्ण का जन्मोत्सव यानी श्री कृष्ण जन्माष्टमी और कालाष्टमी का पर्व बड़े ही धूमधाम और श्रद्धा भाव से मनाया जा रहा है।
यदि आप आज व्रत रख रहे हैं, बाल गोपाल की पूजा-अर्चना करने जा रहे हैं, या कोई नया शुभ कार्य आरंभ करने की योजना बना रहे हैं, तो दैनिक पंचांग, शुभ-अशुभ काल, चंद्रोदय समय और विभिन्न शहरों में राहुकाल की पूर्ण जानकारी नीचे विस्तार से दी गई है:
दैनिक पंचांग और तिथि विवरण
- तिथि: भाद्रपद कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि (रात 12:14 बजे तक, तत्पश्चात नवमी तिथि प्रारंभ)।
- नक्षत्र: रोहिणी नक्षत्र (रात 11:05 बजे तक)।
- योग: हर्षण योग (दोपहर बाद 03:44 बजे तक)।
- दिन व वार: शुक्रवार।
- विशेष पर्व: श्री कृष्ण जन्माष्टमी, कालाष्टमी।
सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्रोदय समय
- सूर्योदय: सुबह 06:00 बजे
- सूर्यास्त: शाम 06:39 बजे
- चन्द्रोदय: रात्रि 11:29 बजे (कृष्ण पक्ष की अष्टमी होने के कारण चंद्रोदय देर रात में होगा)
- चन्द्रास्त: दोपहर 01:05 बजे (05 सितंबर 2026)
श्री कृष्ण जन्माष्टमी 2026: विशेष पूजा मुहूर्त
- बाल गोपाल पूजा का मुख्य समय: रात्रि 11:57 बजे से मध्यरात्रि 12:43 बजे तक (5 सितंबर)
- जन्माष्टमी मध्यरात्रि का क्षण: रात्रि 12:20 बजे (5 सितंबर)
- जन्माष्टमी चंद्रोदय समय: रात्रि 11:29 बजे
4 सितंबर 2026 के अत्यंत शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 04:30 बजे से 05:15 बजे तक
- प्रातः सन्ध्या: प्रातः 04:52 बजे से 06:00 बजे तक
- अभिजित मुहूर्त: दोपहर 11:55 बजे से 12:45 बजे तक
- विजय मुहूर्त: दोपहर 02:26 बजे से 03:17 बजे तक
- गोधूलि मुहूर्त: शाम 06:39 बजे से 07:02 बजे तक
- सायाह्न सन्ध्या: शाम 06:39 बजे से 07:48 बजे तक
- अमृत काल: रात्रि 08:03 बजे से 09:33 बजे तक
- निशिता मुहूर्त: रात्रि 11:57 बजे से मध्यरात्रि 12:43 बजे तक (5 सितंबर)
जन्माष्टमी के दिन दिन और रात के चौघड़िया मुहूर्त
दिन का चौघड़िया (04 सितंबर 2026)
- चर (सामान्य): सुबह 06:00 बजे से 07:35 बजे तक
- लाभ (उन्नति): सुबह 07:35 बजे से 09:10 बजे तक
- अमृत (सर्वोत्तम): सुबह 09:10 बजे से 10:45 बजे तक
- शुभ (उत्तम): दोपहर 12:20 बजे से 01:55 बजे तक
- चर (सामान्य): शाम 05:05 बजे से 06:39 बजे तक
रात का चौघड़िया (04-05 सितंबर 2026)
- लाभ (उन्नति): रात्रि 09:30 बजे से 10:55 बजे तक
- शुभ (उत्तम): मध्यरात्रि 12:20 बजे से 01:45 बजे तक (5 सितंबर)
भारत के प्रमुख राज्यों और उनकी राजधानियों का राहुकाल (04-09-2026)
ध्यान दें: राहुकाल के दौरान किसी भी प्रकार का नया, मांगलिक या शुभ कार्य शुरू करने से बचना चाहिए।
| क्रम | राज्य | राजधानी | राहुकाल का समय (04 सितंबर 2026) |
| 1 | उत्तर प्रदेश | लखनऊ | सुबह 10:31 बजे से दोपहर 12:05 बजे तक |
| 2 | जम्मू और कश्मीर | श्रीनगर | सुबह 10:49 बजे से दोपहर 12:25 बजे तक |
| 3 | आंध्र प्रदेश | अमरावती | सुबह 10:39 बजे से दोपहर 12:11 बजे तक |
| 4 | अरुणाचल प्रदेश | ईटानगर | सुबह 09:17 बजे से सुबह 10:50 बजे तक |
| 5 | असम | दिसपुर | सुबह 09:26 बजे से सुबह 10:59 बजे तक |
| 6 | बिहार | पटना | सुबह 10:13 बजे से सुबह 11:47 बजे तक |
| 7 | छत्तीसगढ़ | रायपुर | सुबह 10:33 बजे से दोपहर 12:06 बजे तक |
| 8 | गोवा | पणजी | सुबह 11:00 बजे से दोपहर 12:32 बजे तक |
| 9 | गुजरात | गांधीनगर | सुबह 11:06 बजे से दोपहर 12:40 बजे तक |
| 10 | हरियाणा | चंडीगढ़ | सुबह 10:47 बजे से दोपहर 12:22 बजे तक |
| 11 | हिमाचल प्रदेश | शिमला | सुबह 10:45 बजे से दोपहर 12:21 बजे तक |
| 12 | झारखंड | रांची | सुबह 10:19 बजे से सुबह 11:52 बजे तक |
| 13 | कर्नाटक | बंगलुरु | सुबह 10:48 बजे से दोपहर 12:20 बजे तक |
| 14 | केरल | तिरुवनंतपुरम | सुबह 10:52 बजे से दोपहर 12:23 बजे तक |
| 15 | मध्य प्रदेश | भोपाल | सुबह 10:47 बजे से दोपहर 12:21 बजे तक |
| 16 | महाराष्ट्र | मुंबई | सुबह 11:04 बजे से दोपहर 12:37 बजे तक |
| 17 | मणिपुर | इम्फाल | सुबह 09:15 बजे से सुबह 10:48 बजे तक |
| 18 | मेघालय | शिलांग | सुबह 09:26 बजे से सुबह 10:59 बजे तक |
| 19 | मिजोरम | आइजोल | सुबह 09:18 बजे से सुबह 10:51 बजे तक |
| 20 | नागालैंड | कोहिमा | सुबह 09:14 बजे से सुबह 10:47 बजे तक |
| 21 | ओडिशा | भुवनेश्वर | सुबह 10:20 बजे से सुबह 11:52 बजे तक |
| 22 | पंजाब | चंडीगढ़ | सुबह 10:47 बजे से दोपहर 12:22 बजे तक |
| 23 | राजस्थान | जयपुर | सुबह 10:56 बजे से दोपहर 12:31 बजे तक |
| 24 | सिक्किम | गंगटोक | सुबह 09:44 बजे से सुबह 11:17 बजे तक |
| 25 | तमिलनाडु | चेन्नई | सुबह 10:38 बजे से दोपहर 12:10 बजे तक |
| 26 | तेलंगाना | हैदराबाद | सुबह 10:41 बजे से दोपहर 12:14 बजे तक |
| 27 | त्रिपुरा | अगरतला | सुबह 09:23 बजे से सुबह 10:56 बजे तक |
| 28 | उत्तराखंड | देहरादून | सुबह 10:43 बजे से दोपहर 12:18 बजे तक |
| 29 | पश्चिम बंगाल | कोलकाता | सुबह 10:05 बजे से सुबह 11:38 बजे तक |
जन्माष्टमी पूजा की परंपरा और विधि
जन्माष्टमी के दिन श्रद्धालु दिनभर उपवास (व्रत) रखते हैं और भजन-कीर्तन करते हुए भगवान श्री कृष्ण की भक्ति में लीन रहते हैं। मध्यरात्रि को ठीक 12 बजे, जब भगवान कृष्ण का जन्म माना जाता है, तब पूरे विधि-विधान के साथ बाल गोपाल (लड्डू गोपाल) का पंचामृत से अभिषेक किया जाता है। उन्हें सुंदर वस्त्र, झूला और माखन-मिश्री का भोग अर्पित कर आरती की जाती है तथा शंख व घंटियों की ध्वनि के साथ जन्मोत्सव मनाया जाता है।












































