रविवार उन्नीस जुलाई को खेले गए विश्व कप के फाइनल मुकाबले में बहुत बड़ा उलटफेर देखने को मिला। पूरे सोलह साल के एक बहुत लंबे अंतराल के बाद आखिरकार स्पेन की टीम ने विश्व कप का अपना खिताब जीत लिया है। इस बेहद ही रोमांचक और दबाव भरे फाइनल मैच में स्पेनिश टीम ने पिछले बार की विजेता अर्जेंटीना को एक शून्य से करारी मात दी। साल दो हजार बाईस की चैंपियन रही अर्जेंटीना की टीम इस बार अपना यह अहम खिताब बचाने में पूरी तरह से नाकाम साबित हुई। इस शानदार ऐतिहासिक जीत के साथ ही स्पेनिश खिलाड़ियों और उनके समर्थकों में जश्न का एक बहुत ही शानदार माहौल बन गया है।
न्यूयॉर्क में खेला गया फाइनल मैच यह प्रतिष्ठित और महामुकाबला अमेरिका देश के न्यूयॉर्क स्थित न्यू जर्सी स्टेडियम में बहुत ही धूमधाम के साथ खेला गया था। इस अहम फाइनल मुकाबले में शुरुआत से ही दोनों बेहतरीन टीमों के बीच बहुत ही जबरदस्त और कांटे की टक्कर देखने को मिली थी। मैच के निर्धारित समय के खत्म होने तक दोनों में से कोई भी टीम विरोधी टीम के खिलाफ एक भी गोल नहीं कर सकी थी। इसके बाद मैच के नतीजे के लिए एक्स्ट्रा टाइम दिया गया, जिसमें स्पेन के स्टार खिलाड़ी फेरन टोरेस ने एक बहुत ही शानदार गोल दागा। टोरेस के इसी इकलौते और बेहद महत्वपूर्ण गोल की बदौलत स्पेन की टीम विश्व चैंपियन बनने में पूरी तरह से सफल रही।
मैच के बाद हुई तीखी झड़प इस बेहद ही रोमांचक मैच के खत्म होते ही मैदान पर अचानक एक बहुत ही विवादित और दुर्भाग्यपूर्ण घटना देखने को मिली। रेफरी के मैच खत्म करने की सीटी बजाते ही दोनों टीमों के खिलाड़ियों के बीच मैदान पर ही तीखी झड़प शुरू हो गई। मैदान पर जीत का जश्न मनाने के बजाय स्पेन और अर्जेंटीना के खिलाड़ी आपस में बहुत ही बुरी तरह से उलझते हुए नजर आने लगे। दोनों देशों की टीमों के प्लेयर्स के बीच ये खतरनाक लड़ाई असल में क्यों और कैसे शुरू हुई, इसकी असली वजह अभी तक सामने नहीं आई है। इस पूरी अप्रत्याशित घटना ने फुटबॉल के इस सबसे बड़े और शानदार मुकाबले के अंत को बहुत ही ज्यादा विवादित बना दिया है।
अर्जेंटीना के खिलाड़ियों का हिंसक रूप सोशल मीडिया पर सामने आए घटना के वीडियो में स्पष्ट देखा जा सकता है कि सीटी बजते ही स्पेन के खिलाड़ी एरिक गार्सिया जमीन पर गिर पड़े थे। जब गार्सिया जमीन से वापस उठे, तो अर्जेंटीना के मिडफील्डर लिएंड्रो पारेडेस के साथ उनकी अचानक से बहुत ही जोरदार बहस हो गई। इसी बहस के दौरान पारेडेस अपना आपा खो बैठे और उन्होंने स्पेन के डिफेंडर एरिक गार्सिया और गेवी के साथ बुरी तरह हाथापाई करनी शुरू कर दी। पारेडेस ने अपनी हद पार करते हुए इन दोनों स्पेनिश खिलाड़ियों की गर्दन को अपने हाथों से बहुत जोर से पकड़ लिया और उन्हें धक्का दे दिया। इतना ही नहीं, मैच के ठीक बाद अर्जेंटीना के डिफेंडर नाहुएल मोलिना ने भी स्पेन के एक सब्स्टीट्यूट प्लेयर के पेट में सीधा घूंसा मार दिया।
फीफा ने शुरू की मामले की जांच मैदान पर इस तरह की अनुचित और हिंसक हरकत करने की वजह से पारेडेस को मैच पूरा होने के तुरंत बाद रेफरी द्वारा रेड कार्ड दिखा दिया गया। खेल की सबसे बड़ी संस्था फीफा ने भी इस पूरे शर्मनाक मामले को बहुत ही गंभीरता से लिया है और अपनी आधिकारिक जांच तुरंत शुरू कर दी है। मीडिया में आई हालिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, फीफा की डिसिप्लिन कमेटी ने इस पूरे विवादित मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एक स्पेशल टीम का गठन किया है। यह विशेष रूप से तैनात की गई टीम मैदान पर हुए खेल के नियमों के उल्लंघन की बहुत ही बारीकी और गहनता से जांच-पड़ताल करेगी। स्पेशल टीम खेल भावना को ठेस पहुंचाने वाले इस पूरे विवाद के हर पहलू को देखेगी और अपनी विस्तृत रिपोर्ट फीफा को सौंपेगी।
खिलाड़ियों पर लग सकता है लंबा बैन फीफा द्वारा बैठाई गई इस विशेष जांच में अगर इन खिलाड़ियों का व्यवहार हिंसक और नियमों के खिलाफ पाया जाता है, तो उन पर बहुत ही कड़ी कार्रवाई होगी। संस्था के कड़े अनुशासन नियमों के अनुच्छेद चौदह के तहत ऐसा व्यवहार करने वाले दोषी खिलाड़ियों पर कम से कम तीन मैचों का कड़ा बैन लगाया जा सकता है। मैचों पर प्रतिबंध लगाने के साथ ही, अनुशासनहीनता के दोषी पाए गए सभी खिलाड़ियों पर फीफा द्वारा भारी आर्थिक जुर्माना भी ठोका जा सकता है। खिलाड़ियों के अलावा, इस पूरे हिंसक विवाद के कारण अर्जेंटीना फुटबॉल संघ पर भी संस्था की तरफ से बहुत ही सख्त कार्रवाई होने की पूरी संभावना जताई जा रही है। इस जांच के अंतिम फैसले का अब सभी फुटबॉल प्रेमियों को बेसब्री से इंतजार है, ताकि खेल में अनुशासनहीनता करने वालों को सही सजा मिल सके।















































