भारतीय मिसाइलों के हमले में पूरी तरह तबाह हो चुका Jaesh-e-Mohammed (JeM) काBahawalpur स्थित आतंकी ठिकाना ‘Markaz Subhanallah’ 15 महीने बाद एक बार फिर पूरी तरह से चालू हो गया है। ‘Operation Sindoor’ के दौरान भारतीय सेना ने इस मुख्य अड्डे को निशाना बनाकर इसके केंद्रीय ढांचे को ध्वस्त कर दिया था। हालांकि, पाकिस्तान सरकार के सीधे संरक्षण और वित्तीय सहायता के बल पर इस पूरे परिसर की बड़े पैमाने पर मरम्मत कराकर इसे दोबारा शुरू कर दिया गया है।
विदेशी मार्बल से चमकी इमारत: हमलों के बाद हुए नुकसान के सबूतों को मिटाने के लिए JeM ने सेंट्रल हॉल की दीवारों पर प्लास्टर चढ़ाकर नया पेंट करवाया है। गुंबदों के टूटे हुए हिस्सों को फिर से बनाया गया है और परिसर में विदेश से मंगाया गया महंगा मार्बल बिछाया गया है। भारतीय सटीक मिसाइल हमलों से सेंट्रल हॉल के भीतर जो बड़े और गहरे गड्ढे बन गए थे, उन्हें कंक्रीट, सीमेंट और मलबे से पूरी तरह भरकर समतल कर दिया गया है ताकि हमले का कोई निशान बाकी न रहे।
पाकिस्तान सरकार ने दिए 25 करोड़ रुपये: इस आतंकी ठिकाने को दोबारा खड़ा करने के लिए पाकिस्तान के सरकारी खजाने का खुलकर इस्तेमाल किया गया है। आधिकारिक खुफिया सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तानी प्रशासन ने JeM को सीधे नकद किस्तों के रूप में 25 करोड़ PKR का फंड मुहैया कराया। इस भारी बजट में से लगभग 11 करोड़ PKR की राशि केवल सेंट्रल हॉल और मुख्य प्रशासनिक ब्लॉक को चमकाने तथा उसे आधुनिक सुविधाओं से लैस करने पर खर्च की गई है।
ब्रेनवॉशिंग सेंटर मदरसा अल-साबिर ध्वस्त: परिसर के पुनर्गठन की प्रक्रिया के तहत JeM के कमांडरों ने आसपास की कई पुरानी और बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी इमारतों को पूरी तरह ढहा दिया है। इनमें वह कुख्यात ‘Madrasa Al-Sabir’ भी शामिल था जहाँ नए आतंकियों की भर्ती कर उनका ब्रेनवॉश किया जाता था। इसके अलावा आतंकी कमांडरों के रहने वाले रिहायशी क्वार्टरों को भी हटा दिया गया है ताकि इन जगहों पर बड़े पैमाने पर नई और मजबूत बैरकें बनाई जा सकें।
मसूद अजहर के भाइयों को मिली कमान: आतंकी संगठन का सरगना Masood Azhar शारीरिक अस्वस्थता और गंभीर बीमारी के कारण फिलहाल प्रत्यक्ष गतिविधियों से बाहर है। इस वजह से Bahawalpur स्थित इस मुख्य हेडक्वार्टर की पूरी देखरेख और रणनीतिक कमान उसके दो भाइयों Talha Al-Saif और Moinuddin Aurangzeb उर्फ Ammar Alvi को सौंप दी गई है। ये दोनों कट्टरपंथी कमांडर अब इस नए बने मरकज से संगठन के दैनिक कामकाज और आतंकी ऑपरेशनों की निगरानी कर रहे हैं।
नवाबशाह में मसूद अजहर को सुरक्षा: अंतरराष्ट्रीय दबाव और अपनी बीमारी के चलते Masood Azhar और उसका भाई Rauf Asghar सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आ रहे हैं। पाकिस्तानी सेना और खुफिया तंत्र ने इन दोनों आतंकियों को बेहद गुप्त तरीके से सुरक्षित स्थानों पर छिपा कर रखा हुआ है। जानकारी के मुताबिक, इन दोनों कुख्यात आतंकियों को Sindh प्रांत के Nawabshah जिले में सरकारी सुरक्षा घेरे के भीतर पनाह दी गई है, जहाँ से वे सुरक्षित रहकर अपना तंत्र चला रहे हैं।













































