लखनऊ: नेशनल पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज, लखनऊ द्वारा उत्तर प्रदेश उच्चतर शिक्षा परिषद (UPHESC), उच्च शिक्षा विभाग, उत्तर प्रदेश के प्रायोजन से “भारतीय ज्ञान प्रणाली एवं सुशासन के माध्यम से सतत विकास के मार्ग” विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी में शिक्षाविदों, प्रशासकों, शोधकर्ताओं एवं विद्यार्थियों ने विकसित भारत @ 2047 के संदर्भ में भारतीय ज्ञान प्रणाली, सतत विकास, नवाचार, उद्यमिता एवं सुशासन पर विचार-विमर्श किया।

कार्यक्रम का उद्घाटन के. विजय कुमार, आईपीएस (सेवानिवृत्त), पूर्व पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश ने किया। उन्होंने प्राचीन भारत की वैज्ञानिक, तकनीकी, व्यापारिक एवं शैक्षिक उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए विद्यार्थियों से जिज्ञासा, ज्ञानार्जन, वैज्ञानिक सोच एवं राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।
मुख्य वक्ता प्रो. औधेश कुमार, विभागाध्यक्ष, वाणिज्य विभाग, लखनऊ विश्वविद्यालय ने शिक्षा को कौशल विकास, उद्यमिता, आत्मनिर्भरता एवं रोजगार सृजन से जोड़ने पर बल दिया। उन्होंने भारतीय पारंपरिक ज्ञान एवं आधुनिक वैज्ञानिक ज्ञान के समन्वय को सतत एवं समावेशी विकास के लिए आवश्यक बताया।
संगोष्ठी के दौरान डॉ. पुनीत कनौजिया द्वारा लिखित पुस्तक “Goods and Services Tax (GST)” का विमोचन भी किया गया। पुस्तक का विमोचन मुख्य अतिथि के. विजय कुमार, आईपीएस (सेवानिवृत्त), पूर्व पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश तथा मुख्य वक्ता प्रो. औधेश कुमार, विभागाध्यक्ष, वाणिज्य विभाग, लखनऊ विश्वविद्यालय द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। इस अवसर पर अतिथियों ने डॉ. पुनीत कनौजिया को पुस्तक के प्रकाशन के लिए बधाई देते हुए वाणिज्य एवं कराधान के क्षेत्र में विद्यार्थियों तथा शोधार्थियों के लिए पुस्तक की उपयोगिता पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम के अंत में प्रो. राकेश पाठक ने आभार ज्ञापित किया। उन्होंने मुख्य अतिथि, मुख्य वक्ता, प्राचार्य, विशिष्ट अतिथियों, शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं, प्रतिनिधियों, शिक्षकगण एवं छात्र स्वयंसेवकों के प्रति आभार व्यक्त किया तथा संगोष्ठी की सफलता में उनके योगदान की सराहना की।














































