सीमा पर दोनों देशों के बीच जारी कूटनीतिक तनाव के बीच आखिरकार 150 पाकिस्तानी दुल्हनें भारत में अपने ससुराल पहुंच गई हैं। ‘Operation Sindoor’ के लागू होने के बाद सुरक्षा कारणों से इन महिलाओं के वीजा पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई थी। भारत सरकार द्वारा विशेष अनुमति मिलने के बाद इन सभी युवतियों और उनके करीबी रिश्तेदारों के भारत आने का रास्ता साफ हो सका, जिससे कई महीनों से रुकी हुई शादी की रस्में पूरी की जा सकेंगी।
सिंध प्रांत से पुराने रिश्ते: पाकिस्तान के Sindh प्रांत के कई हिंदू सिंधी परिवार अपनी बेटियों का रिश्ता भारत में तय करते रहे हैं, जहां दुल्हनें विवाह के बाद स्थायी रूप से बस जाती हैं। पहले यह आवाजाही Punjab स्थित Wagah-Attari सीमा के जरिए बेहद आसान और सुगम हुआ करती थी। लेकिन ‘Operation Sindoor’ शुरू होने के बाद वाघा-अटारी सड़क मार्ग से आने वाले सभी यात्रियों के वीजा निरस्त कर दिए गए, जिसके कारण लगभग 150 भारतीय पुरुषों की शादियां अचानक अधर में लटक गईं।
सामुदायिक प्रयास और वैकल्पिक मार्ग: नागपुर के सिंधी समुदाय के नेता राजेश झांबिया ने जानकारी दी कि सीधे रास्ते बंद होने की वजह से इन परिवारों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। सरकार से मंजूरी मिलने के बाद इन दुल्हनों को मध्य पूर्व और अन्य एशियाई देशों से होकर भारत आना पड़ा। दुल्हनें और उनके परिजन Muscat, Dubai और Sri Lanka जैसे देशों के हवाई अड्डों का चक्कर लगाकर भारत पहुंचे, जिसके बाद लंबे समय से रुका यह विवाह प्रक्रिया का काम आगे बढ़ सका।
शदानी दरबार की अहम भूमिका: इस पूरे गतिरोध को सुलझाने में Raipur के संत युधिष्ठिरलाल शदानी की भूमिका काफी महत्वपूर्ण रही, जो पाकिस्तान के घोटकी में स्थित Shadani Darbar के प्रमुख हैं। उनके आश्रम ने भारत में सगाई कर चुकी ऐसी सभी युवतियों का ब्योरा जुटाकर एक व्यापक सूची तैयार की। इस सूची को नागपुर, रायपुर, जोधपुर और पुणे में तय हुई शादियों के आधार पर तैयार करके भारत के केंद्रीय गृह मंत्रालय को वीजा मंजूरी हेतु आधिकारिक रूप से सौंपा गया था।
हवाई यात्रा की अनिवार्यता का नियम: केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए केवल हवाई मार्ग से यात्रा करने की शर्त पर इन पाकिस्तानी परिवारों को भारत में प्रवेश की अनुमति दी। इसी नियम के तहत इस साल अप्रैल से अब तक 150 दुल्हनें और उनके संबंधी Dubai, Oman, Sri Lanka और Bangladesh के रास्ते भारत आ चुके हैं। इनमें से 15 दुल्हनें Nagpur स्थित अपने ससुराल पहुंची हैं, जहां उनके विवाह की तैयारियां अब जोर-शोर से पूरी की जा रही हैं।
300 और शादियां अभी भी टलीं: नागपुर के नेताओं के अनुसार पाकिस्तान में अभी भी लगभग 300 ऐसी युवतियां हैं जो भारतीय वीजा मिलने का इंतजार कर रही हैं। यह पूरा सीमा विवाद 2025 में Pahalgam में हुए भयानक आतंकी हमले से जुड़ा है, जिसमें 26 नागरिकों की मौत के बाद भारत ने ‘Operation Sindoor’ चलाकर कठोर कदम उठाए थे। इस बीच पहलगाम हमले की जांच कर रही NIA की चार्जशीट से यह बड़ा खुलासा भी हुआ है कि स्थानीय टूरिस्ट गाइडों की सतर्कता से 26 लोगों की जान बचाई जा सकती थी।











































