अमेरिका की एक संघीय अदालत ने चीन की सरकार के लिए अवैध रूप से काम करने के जुर्म में अमेरिकी पत्रकार को 2 साल कैद की सजा सुनाई है। अमेरिकी न्याय विभाग ने आधिकारिक जानकारी साझा करते हुए बताया कि 51 वर्षीय थॉमस वीर पॉकन II ने अदालत के समक्ष अपना जुर्म स्वीकार कर लिया था। पॉकन के वकील चार्ल्स बर्नहैम ने स्पष्ट किया है कि वे इस न्यायिक फैसले के खिलाफ किसी भी तरह की अपील नहीं दाखिल करेंगे। न्याय विभाग के अनुसार, दो साल की जेल की सजा काटने के बाद पॉकन को 36 महीने की अवधि तक कड़ी निगरानी में रखा जाएगा और इस दौरान उनके विदेश यात्रा करने पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा।
राष्ट्रीय सुरक्षा पर आघात: अमेरिका और चीन के बीच जारी व्यापक तनाव के बीच चीनी जासूसी से जुड़ा यह बेहद गंभीर मामला सामने आया है। यह उन हालिया मामलों में शामिल है, जिनमें अमेरिकी नागरिकों पर सरकार को सूचित किए बिना चीनी खुफिया तंत्र के लिए काम करने का सीधा आरोप लगा है। राष्ट्रीय सुरक्षा मामलों के सहायक अटॉर्नी जनरल जॉन ए. आइजनबर्ग ने इस कृत्य को देश के साथ धोखा करार दिया। न्याय विभाग के मुताबिक, पॉकन चीनी खुफिया एजेंसी मिनिस्ट्री ऑफ स्टेट सिक्योरिटी (MSS) के अभियानों का संचालन करने, नए संपर्कों को जोडने और संवेदनशील जानकारियां जुटाने का काम गुप्त रूप से कर रहा था, जिसके बदले उसे भारी धन राशि दी जाती थी।
चीन में पत्रकारिता का करियर: पॉकन वर्ष 2010 में अमेरिका छोड़कर चीन में रहने चला गया था और वहां विभिन्न मीडिया संगठनों में काम करने लगा था। उसने चीन के सरकारी ब्रॉडकास्टर CCTV में एक पत्रकार के रूप में सेवाएं दी थीं और बाद में 2024 से वह चीन की आधिकारिक समाचार एजेंसी शिन्हुआ में संपादक के पद पर कार्यरत था। पॉकन के वकील ने अदालत में तर्क दिया कि उनके मुवक्किल ने अपनी कानूनी जिम्मेदारियों को स्वीकार करते हुए अदालत के फैसले को शिरोधार्य किया है। इसके साथ ही बचाव पक्ष के वकील ने यह भी रेखांकित किया कि पॉकन ने चीनी अधिकारियों को कोई भी वर्गीकृत या अत्यंत गोपनीय अमेरिकी दस्तावेज स्थानांतरित नहीं किए थे।
रिपोर्टिंग के नाम पर मोटी रकम: अदालत में प्रस्तुत किए गए आधिकारिक दस्तावेजों से पता चलता है कि वर्ष 2019 से फरवरी 2026 तक पॉकन चीनी सरकारी एजेंटों के इशारों पर सक्रिय रूप से काम कर रहा था। इन एजेंटों में ‘कैथी’ नाम की एक महिला प्रमुख थी, जिससे पॉकन की पहली मुलाकात 2017 के दौरान हुई थी। FBI के विशेष एजेंट टिमोथी जे. हीली द्वारा 27 फरवरी को अदालत में पेश हलफनामे में उल्लेख किया गया है कि ‘कैथी’ के अनुसार पॉकन की रिपोर्टों की समीक्षा स्वयं चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग करते थे। इस जासूसी और रिपोर्टिंग कार्य के बदले पॉकन को कुल मिलाकर कम से कम 1 लाख अमेरिकी डॉलर (लगभग 95 लाख रुपये) की राशि का भुगतान किया गया था।
गोपनीय उपकरण और नेटवर्क: पॉकन का काम केवल विश्लेषणात्मक रिपोर्ट तैयार करने तक ही सीमित नहीं था, बल्कि उसे नए मुखबिर तैयार करने की जिम्मेदारी भी दी गई थी। चीनी एजेंट ‘कैथी’ ने उसे ऐसे व्यक्तियों को ढूंढने के लिए कहा था जो अमेरिकी शासन व्यवस्था से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दे सकें। एक मामले में पॉकन को ‘पर्सन 1’ नामक एक व्यक्ति से मिलकर उसे तकनीकी उपकरण देने का काम सौंपा गया था। निर्देश के अनुसार पॉकन को उस व्यक्ति को एक सैमसंग स्मार्टफोन, एक लैपटॉप कंप्यूटर और सुरक्षित मैसेजिंग प्लेटफॉर्म सिग्नल व टेलीग्राम के क्रेडेंशियल्स देने थे, ताकि उनसे गुप्त रूप से संपर्क स्थापित किया जा सके।
पारिवारिक खातों का इस्तेमाल: जनवरी 2025 में अमेरिका लौटने के दौरान कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन (CBP) के अधिकारियों ने हवाई अड्डे पर पॉकन को रोककर सघन पूछताछ की थी। जांच अधिकारियों से बातचीत के दौरान पॉकन ने स्वीकार किया था कि ‘कैथी’ उसकी अमेरिका यात्राओं का सारा खर्च उठाती थी और उसकी पत्नी के बैंक खातों में पैसे भेजती थी। टेक्सास निवासी पॉकन अपने पिता थॉमस पॉकन की राजनीतिक छवि को अलग रखने के लिए ‘टॉम मैकग्रेगर’ के नाम से काम करता था, हालांकि उसने अपने असली नाम से दो पुस्तकें भी लिखी थीं। अंततः Washington DC की यात्रा के दौरान सोशल मीडिया पोस्ट करने के बाद अमेरिकी जांच एजेंसियों द्वारा उसे गिरफ्तार कर लिया गया था।















































