Farrukhabad में गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु को पार कर खतरे के निशान के बेहद करीब पहुंच गया है। नरौरा बैराज से छोड़े गए पानी और पहाड़ी क्षेत्रों की बारिश से जलस्तर 136.90 मीटर दर्ज किया गया। चेतावनी बिंदु 136.60 मीटर से 30 सेंटीमीटर ऊपर पानी बहने से जिले के 21 गांव प्रभावित हुए हैं। सड़क संपर्क टूटने के कारण ग्रामीणों को आवागमन के लिए भारी मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है। लगातार बढ़ते पानी से कटरी क्षेत्र के कई इलाकों में हालात बहुत अधिक बिगड़ चुके हैं।
बैराज से छोड़ा गया जल: सिंचाई विभाग के अनुसार नरौरा बैराज से 1,53,173 क्यूसेक पानी गंगा में डिस्चार्ज किया गया है। रामगंगा नदी में भी पानी छोड़ा जा रहा है लेकिन इसका जलस्तर फिलहाल नियंत्रण में बना हुआ है। सदर तहसील की कटरी धर्मपुर, कटरी भीमपुर और कटरी शिकारपुर पंचायतें पूरी तरह से जलमग्न हो चुकी हैं। कायमगंज के 10 और अमृतपुर के 8 गांव जलभराव की गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं। लगातार पानी छोड़े जाने के कारण आने वाले दिनों में स्थिति और बिगड़ने की आशंका है।
प्रशासनिक राहत एवं बचाव व्यवस्था: बाढ़ से प्रभावित नागरिकों के लिए प्रशासन ने कुल 24 अस्थायी बाढ़ शरणालय तैयार किए हैं। संचालित दो शरणालयों में वर्तमान में 180 लोग रह रहे हैं जिन्हें भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। जिले में 52 बाढ़ चौकियां सक्रिय की गई हैं और दर्जनों नावें तथा मोटरबोट्स तैनात की गई हैं। राहत कार्यों को गति देने के लिए NDRF की टीम, फ्लड PAC की कंपनी और 53 गोताखोरों की तैनाती की गई है। प्रशासनिक अधिकारी लगातार स्थिति पर अपनी नजर बनाए हुए हैं।
ग्रामीणों की आपबीती और परेशानियां: बिलावलपुर मार्ग की डिप पर दो फीट से अधिक पानी भरने से लोग बैलगाड़ी और नाव से निकल रहे हैं। कटरी धर्मपुर के साबिर हुसैन ने बताया कि घरों में पानी घुसने से लोग छतों पर खाना बना रहे हैं। इसी गांव की सलमा को बीमारी के दौरान दवा लेने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ा। ग्रामीण आवागमन के लिए पूरी तरह से नावों पर ही निर्भर हो गए हैं। प्रशासन ने ग्रामीणों से गंगा के पास न जाने और अत्यधिक सतर्कता बरतने का आग्रह किया है।
वाराणसी में चेतावनी निशान पार: Varanasi में गंगा का जलस्तर 70.54 मीटर पहुंच गया है जो चेतावनी स्तर से अधिक है। CWC के अनुसार राजघाट गेज पर नदी का पानी 2 सेंटीमीटर प्रति घंटे की गति से बढ़ रहा है। राजघाट पर खतरे का निशान 71.262 मीटर और उच्चतम स्तर 73.901 मीटर अंकित है। बढ़ते जलस्तर से वरुणा और गंगा के तटीय क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। भागलपुर में स्थित एक सदी पुराना चैती मंदिर भी गंगा के उफान में समा गया है।
राहत शिविर और सुरक्षा निर्देश: अधिकारियों ने NDRF की नाव से सालारपुर, सरैया, कोनिया और ढेलवरिया जैसे बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लिया। पुलिस कमिश्नर और जिलाधिकारी ने प्राथमिक विद्यालय सालारपुर के राहत शिविर का निरीक्षण कर व्यवस्थाएं परखीं। शिविरों में नियमित स्वास्थ्य जांच, साफ-सफाई, शुद्ध पेयजल और भोजन की उपलब्धता के कड़े निर्देश दिए गए। सुरक्षा को मजबूत करने के लिए राहत शिविरों में CCTV कैमरे लगाने के निर्देश भी अधिकारियों द्वारा दिए गए हैं।















































