आज की ग्रह स्थिति 20 सितंबर 2026 को वैदिक ज्योतिषीय गणना के अनुसार सभी नौ प्रमुख ग्रहों की स्थिति अलग-अलग राशियों और नक्षत्रों में बनी हुई है। सूर्य कन्या राशि में, चंद्रमा धनु राशि में, मंगल और गुरु कर्क राशि में, बुध कन्या राशि में, शुक्र तुला राशि में, शनि मीन राशि में, जबकि राहु कुंभ और केतु सिंह राशि में स्थित हैं। ग्रहों की वर्तमान स्थिति के साथ इनके आगामी राशि और नक्षत्र परिवर्तन भी महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। इसी अवधि में सूर्य-बुध की युति से बुधादित्य योग, कर्क राशि में मंगल-गुरु की स्थिति से नीचभंग राजयोग और धनु राशि में चंद्रमा तथा कर्क राशि में गुरु के संबंध से गुरु-चंद्र राशि परिवर्तन योग का प्रभाव बताया जा रहा है। इसके अलावा 21 सितंबर की रात बुध के हस्त नक्षत्र से निकलकर चित्रा नक्षत्र में प्रवेश करने से कुछ राशियों के करियर, शिक्षा, आर्थिक स्थिति और कार्यक्षेत्र पर विशेष प्रभाव पड़ने की संभावना बताई गई है।
ग्रह गोचर एवं नक्षत्र स्थिति चार्ट (20.09.2026)
| क्रम संख्या | ग्रह का नाम | वर्तमान राशि | वर्तमान नक्षत्र | आगामी राशि परिवर्तन (कब बदलेंगे राशि और समय) |
|---|---|---|---|---|
| 1. | सूर्य | कन्या | उत्तरा फाल्गुनी | 17 अक्टूबर 2026 को तुला राशि में प्रवेश करेंगे। |
| 2. | चंद्रमा | धनु | पूर्वाषाढ़ा | 21 सितंबर 2026 को तड़के (04:33 AM के बाद) मकर राशि में प्रवेश करेंगे। |
| 3. | मंगल | कर्क (नीच) | पुनर्वसु | 12 नवंबर 2026 को सिंह राशि में प्रवेश करेंगे। |
| 4. | बुध | कन्या (उच्च) | हस्त | 26 सितंबर 2026 को तुला राशि में प्रवेश करेंगे। |
| 5. | गुरु (बृहस्पति) | कर्क (उच्च) | आश्लेषा | 31 अक्टूबर 2026 को सिंह राशि में प्रवेश करेंगे। |
| 6. | शुक्र | तुला (स्वराशि) | स्वाति | अक्टूबर 2026 के प्रथम सप्ताह में वृश्चिक राशि में जाएंगे। |
| 7. | शनि | मीन (वक्री) | रेवती | वर्ष 2026 में इसी राशि में रहेंगे (कोई राशि परिवर्तन नहीं)। |
| 8. | राहु | कुंभ | धनिष्ठा | 5 दिसंबर 2026 को मकर राशि में प्रवेश करेंगे। |
| 9. | केतु | सिंह | मघा | 5 दिसंबर 2026 को कर्क राशि में प्रवेश करेंगे। |
बुधादित्य राजयोग का प्रभाव इस समय सूर्य और बुध दोनों कन्या राशि में स्थित हैं। सूर्य और बुध की यह युति बुधादित्य योग का निर्माण कर रही है। ज्योतिषीय मान्यता में बुध को बुद्धि, वाणी, गणना, शिक्षा, व्यापार और तर्क का कारक माना जाता है, जबकि सूर्य आत्मविश्वास, प्रतिष्ठा और नेतृत्व से जुड़ा ग्रह माना जाता है। ऐसे में दोनों ग्रहों की एक साथ स्थिति को निर्णय क्षमता, संवाद, अध्ययन और कार्यक्षेत्र से जुड़े मामलों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यह योग 26 सितंबर तक विशेष रूप से चर्चा में रहेगा, क्योंकि इसके बाद बुध तुला राशि की ओर बढ़ेंगे।
नीचभंग राजयोग और मंगल-गुरु की स्थिति कर्क राशि में मंगल नीच स्थिति में हैं, जबकि इसी राशि में गुरु उच्च स्थिति में स्थित हैं। दोनों ग्रहों की यह स्थिति नीचभंग राजयोग के प्रभाव से जोड़ी जा रही है। मंगल ऊर्जा, साहस, भूमि, पराक्रम और निर्णय से संबंधित माने जाते हैं, जबकि गुरु ज्ञान, विस्तार, धन, मार्गदर्शन और शुभता से जुड़े ग्रह हैं। इसलिए कर्क राशि में दोनों की स्थिति को कई मामलों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मंगल 12 नवंबर 2026 को सिंह राशि में प्रवेश करेंगे, जबकि गुरु 31 अक्टूबर 2026 को सिंह राशि में जाएंगे।
गुरु-चंद्र राशि परिवर्तन योग 18 सितंबर 2026 की रात करीब 10:45 बजे चंद्रमा ने धनु राशि में प्रवेश किया था और इस समय गुरु कर्क राशि में स्थित हैं। गुरु और चंद्रमा के बीच बनने वाले राशि संबंध को गुरु-चंद्र राशि परिवर्तन योग के रूप में बताया गया है। इसका प्रभाव 21 सितंबर तक रहने की बात कही गई है। इस अवधि को कुछ राशियों के लिए आर्थिक, पारिवारिक, करियर और रुके हुए कामों के लिहाज से उपयोगी बताया जा रहा है। जरूरी कामों को टालने के बजाय उन्हें पूरा करने पर ध्यान देने की सलाह दी गई है।
कर्क राशि पर प्रभाव कर्क राशि के स्वामी चंद्रमा हैं, इसलिए गुरु-चंद्र योग को इस राशि के लिए विशेष माना जा रहा है। विरोधियों से जुड़े मामलों में सफलता मिलने के संकेत बताए गए हैं और लंबे समय से अटके कार्यों को पूरा करने की दिशा में प्रगति हो सकती है। परिवार का सहयोग मिलने की संभावना है। ननिहाल पक्ष से आर्थिक मदद या किसी प्रकार के लाभ के संकेत भी दिए गए हैं। गुरु की स्थिति आत्मविश्वास को बढ़ाने और निर्णय लेने की क्षमता को मजबूत करने वाली मानी जा रही है।
कन्या राशि पर प्रभाव कन्या राशि के लिए गुरु-चंद्र योग लाभ और सुख-सुविधाओं से जुड़े मामलों में सकारात्मक संकेत दे रहा है। कारोबार से जुड़े लोगों को कोई अच्छी डील मिल सकती है और लंबे समय से विचार किए जा रहे नए काम की शुरुआत का अवसर बन सकता है। परिवार में भाई-बहनों का सहयोग मिलने से घरेलू वातावरण बेहतर रहेगा। माता की सेहत को लेकर भी राहत मिलने के संकेत बताए गए हैं। इसके साथ ही कन्या राशि में सूर्य और उच्च बुध की स्थिति बुधादित्य योग को भी महत्वपूर्ण बना रही है।
धनु राशि पर प्रभाव धनु राशि के स्वामी गुरु हैं और चंद्रमा के इसी राशि में स्थित होने से बनने वाला गुरु-चंद्र संबंध इस राशि के लिए खास माना जा रहा है। अचानक धन प्राप्ति के अवसर बन सकते हैं। व्यक्तित्व और व्यवहार में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकता है। बातचीत का तरीका लोगों को प्रभावित कर सकता है और सामाजिक प्रतिष्ठा मजबूत होने के संकेत हैं। आर्थिक क्षेत्र में आगे बढ़ने के नए रास्ते खुल सकते हैं। विद्यार्थियों के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के अच्छे संकेत बताए गए हैं।
मीन राशि पर प्रभाव मीन राशि वालों के लिए यह योग बुद्धि, करियर और लंबे समय से रुके कामों को आगे बढ़ाने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। समझ और निर्णय लेने की क्षमता बेहतर हो सकती है। नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को अपनी पसंद के क्षेत्र में अवसर मिलने की संभावना है। लंबे समय से अटका कोई काम आगे बढ़ सकता है। इसके अलावा किसी व्यक्ति को दिया हुआ उधार वापस मिलने से आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत भी बताए गए हैं।
बुध का चित्रा नक्षत्र में प्रवेश बुध 21 सितंबर 2026 की रात 10 बजकर 45 मिनट पर हस्त नक्षत्र से निकलकर मंगल के चित्रा नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। बुध के इस नक्षत्र परिवर्तन को करियर, शिक्षा, व्यापार, निर्णय क्षमता और आर्थिक मामलों से जोड़कर देखा जा रहा है। कुछ राशियों के लिए यह परिवर्तन चुनौतीपूर्ण रह सकता है, जबकि कुछ राशियों को नौकरी, कारोबार, धन और नए अवसरों के लिहाज से लाभ के संकेत मिल रहे हैं। इसलिए बुध के नक्षत्र परिवर्तन का प्रभाव राशि के अनुसार अलग-अलग दिखाई देने की बात कही गई है।
मेष राशि बुध का चित्रा नक्षत्र में प्रवेश मेष राशि वालों के करियर क्षेत्र में कुछ चुनौतियां ला सकता है। सहकर्मियों के साथ तालमेल बिगड़ने की आशंका के चलते कार्यस्थल पर बातचीत और व्यवहार में सावधानी रखने की जरूरत होगी। दबाव में आकर करियर से जुड़ा कोई बड़ा फैसला लेने से बचना बेहतर रहेगा। विद्यार्थियों को पढ़ाई पर विशेष ध्यान देना होगा, क्योंकि मन में भटकाव की स्थिति बन सकती है। योग और ध्यान से एकाग्रता बनाए रखने में मदद मिल सकती है। पारिवारिक जीवन सामान्य रहने के संकेत हैं और किसी परेशानी की स्थिति में घर के बड़े-बुजुर्गों से सलाह लेना उपयोगी रहेगा। उपाय के तौर पर गणेश जी की आराधना करने की सलाह दी गई है।
तुला राशि। बुध के नक्षत्र परिवर्तन के बाद तुला राशि वालों के कार्यक्षेत्र में काम का दबाव बढ़ सकता है और इसके कारण मानसिक तनाव की स्थिति बन सकती है। कुछ लोगों के काम की समीक्षा या सवाल भी उठाए जा सकते हैं, इसलिए काम को समय पर पूरा करना जरूरी होगा। किसी भी काम को टालने से बचें। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वालों को अधिक मेहनत और निरंतरता की आवश्यकता होगी। विदेश से जुड़े कारोबार में लेनदेन करते समय अतिरिक्त सावधानी रखनी होगी। स्वास्थ्य को लेकर भी लापरवाही नहीं करनी चाहिए। उपाय के तौर पर हनुमान चालीसा का पाठ करने की सलाह दी गई है।
कुंभ राशि। बुध के चित्रा नक्षत्र में प्रवेश से कुंभ राशि वालों के जीवन में अचानक कुछ बदलाव देखने को मिल सकते हैं। कुछ लोगों की आर्थिक स्थिति प्रभावित हो सकती है। बुध के अष्टम भाव में स्थित होने के कारण वाहन चलाते समय विशेष सावधानी रखने की सलाह दी गई है। कार्यक्षेत्र में वरिष्ठ कर्मचारियों के साथ अनावश्यक विवाद से बचना जरूरी होगा, क्योंकि इससे आपकी कार्यस्थल की छवि प्रभावित हो सकती है। प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों को गुरुजनों की सहायता और मार्गदर्शन लेना चाहिए। उपाय के तौर पर भगवान शिव की आराधना करने की सलाह दी गई है।
वृषभ राशि बुध का चित्रा नक्षत्र में गोचर वृषभ राशि वालों के लिए लाभकारी संकेत दे रहा है। नौकरीपेशा लोगों के लिए पदोन्नति और वेतन वृद्धि के अवसर बन सकते हैं। आर्थिक स्थिति में अचानक सुधार और धन लाभ के योग बताए गए हैं। लंबे समय से अटके काम पूरे होने के साथ नई नौकरी मिलने के संकेत भी हैं। कार्यस्थल पर अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। पैतृक संपत्ति से भी लाभ मिलने की संभावना बताई गई है। कारोबार और पेशेवर क्षेत्र में बुध का यह नक्षत्र परिवर्तन नए अवसरों को गति देने वाला माना जा रहा है।
मिथुन राशि। मिथुन राशि वालों के लिए बुध का चित्रा नक्षत्र में प्रवेश शुभ संकेत लेकर आने वाला बताया गया है। कारोबार में सफलता मिलने और किसी बड़ी डील के अंतिम रूप लेने के योग बन सकते हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए समय सकारात्मक रह सकता है। आय के नए स्रोत विकसित हो सकते हैं और किसी निवेश से अच्छा लाभ मिलने की संभावना है। मकान या वाहन खरीदने की योजना आगे बढ़ सकती है। लंबे समय से सोचे जा रहे किसी नए काम की शुरुआत भी की जा सकती है।
कन्या राशि कन्या राशि वालों के लिए बुध का नक्षत्र परिवर्तन विशेष रूप से लाभकारी बताया गया है। 21 सितंबर के बाद नौकरी और कार्यक्षेत्र में सफलता के नए अवसर बन सकते हैं। प्रॉपर्टी में निवेश के लिए समय अनुकूल रहने के संकेत हैं। रुके हुए काम पूरे हो सकते हैं और धन-धान्य में अचानक वृद्धि देखने को मिल सकती है। मानसिक तनाव कम होने और परिस्थितियों में राहत मिलने की संभावना है। प्रेम जीवन से जुड़ा कोई शुभ समाचार भी मिल सकता है। कन्या राशि में सूर्य और बुध की युति के कारण बुधादित्य योग का प्रभाव भी इस राशि के लिए महत्वपूर्ण बना हुआ है।
मकर राशि बुध के नक्षत्र परिवर्तन से मकर राशि वालों के करियर में बड़ा बदलाव और प्रगति के संकेत बताए गए हैं। कोई मनचाही इच्छा पूरी हो सकती है। आर्थिक स्थिति पहले की तुलना में मजबूत होने की संभावना है। कहीं फंसा हुआ पैसा वापस मिलने के संकेत हैं। नए लोगों से संपर्क बनने से कारोबार में लाभ के रास्ते खुल सकते हैं। किसी अच्छी कंपनी से नौकरी का प्रस्ताव मिल सकता है। वाहन खरीदने की लंबे समय से चली आ रही इच्छा भी पूरी होने की संभावना बताई गई है।
आगामी प्रमुख राशि परिवर्तन आने वाले समय में सूर्य 17 अक्टूबर 2026 को तुला राशि में प्रवेश करेंगे। चंद्रमा 21 सितंबर को तड़के 04:33 बजे के बाद मकर राशि में जाएंगे। बुध 26 सितंबर को तुला राशि में प्रवेश करेंगे। गुरु 31 अक्टूबर को सिंह राशि में पहुंचेंगे। मंगल 12 नवंबर को सिंह राशि में प्रवेश करेंगे। शुक्र अक्टूबर 2026 के प्रथम सप्ताह में वृश्चिक राशि में जाएंगे। राहु और केतु दोनों 5 दिसंबर 2026 को राशि परिवर्तन करेंगे, जिसमें राहु मकर और केतु कर्क राशि में प्रवेश करेंगे। वहीं वक्री शनि पूरे वर्ष 2026 में मीन राशि में ही रहने की स्थिति में बताए गए हैं।
निष्कर्ष 20 सितंबर 2026 की ग्रह स्थिति में सूर्य-बुध की युति, कर्क राशि में मंगल-गुरु की स्थिति, धनु राशि में चंद्रमा और आने वाला बुध नक्षत्र परिवर्तन प्रमुख ज्योतिषीय घटनाओं में शामिल हैं। एक ओर कुछ राशियों को करियर, कारोबार, धन और रुके हुए कार्यों में प्रगति के संकेत मिल रहे हैं, वहीं मेष, तुला और कुंभ राशि वालों को बुध के चित्रा नक्षत्र में प्रवेश के बाद कार्यक्षेत्र, शिक्षा, आर्थिक मामलों और स्वास्थ्य में अतिरिक्त सावधानी रखने की सलाह दी गई है। दूसरी ओर वृषभ, मिथुन, कन्या और मकर राशि के लिए नौकरी, व्यापार, धन और करियर से जुड़े सकारात्मक संकेत बताए गए हैं।










































