वैदिक ज्योतिष के अनुसार: 13 अक्टूबर 2026, मंगलवार को आश्विन शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि है। इस दिन मां दुर्गा के तीसरे स्वरूप मां चंद्रघंटा की उपासना का विधान है। दिन का प्रमुख नित्य योग प्रीति योग है, जो 12 अक्टूबर की रात 8 बजकर 32 मिनट पर आरंभ हुआ और 13 अक्टूबर की रात 8 बजकर 24 मिनट तक रहेगा। ज्योतिषीय मान्यताओं में प्रीति योग को प्रेम, आपसी तालमेल, मेल-मिलाप और संबंधों में मधुरता से जोड़कर देखा जाता है।
प्रीति योग कब बना और कब तक रहेगा?
प्रीति योग का आरंभ 12 अक्टूबर 2026 को रात 8 बजकर 32 मिनट पर हुआ। इसकी समाप्ति 13 अक्टूबर 2026 को रात 8 बजकर 24 मिनट पर होगी। इस प्रकार मंगलवार के दिन अधिकांश समय प्रीति योग प्रभावी रहेगा।
प्रीति योग कैसे बनता है?
वैदिक ज्योतिष की गणना में नित्य योग की स्थिति सूर्य और चंद्रमा के निरयण देशांतर के योग के आधार पर निर्धारित होती है। प्रीति योग इन्हीं 27 नित्य योगों में से एक है। इसे अलग-अलग ग्रहों की युति से बनने वाला योग समझना सही नहीं है।
प्रीति योग का ज्योतिषीय महत्व
पारंपरिक ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार प्रीति योग को आपसी संबंधों में सामंजस्य, बातचीत, मेल-मिलाप और सहयोग से जुड़े कार्यों के लिए अनुकूल माना जाता है। इस अवधि में बातचीत करते समय विनम्रता बनाए रखना, रिश्तों में गलतफहमियां दूर करना और महत्वपूर्ण मामलों में सोच-समझकर निर्णय लेना उपयोगी माना जाता है। हालांकि, किसी व्यक्ति या राशि पर इसका वास्तविक ज्योतिषीय प्रभाव निर्धारित करने के लिए व्यक्ति की जन्मकुंडली के अनुसार योग का प्रभाव कम या अधिक हो सकता है।
प्रीति योग किन राशियों के लिए रहेगा शुभ?
वृषभ राशि: प्रीति योग के प्रभाव से संबंधों में मधुरता बढ़ाने और पुराने मतभेद दूर करने के अवसर मिल सकते हैं। कारोबार में बातचीत के जरिए रुके हुए मामलों को आगे बढ़ाने, पुराने संपर्कों से लाभ पाने और परिवार का सहयोग मिलने की संभावना रहेगी। आर्थिक मामलों में सोच-समझकर लिए गए फैसले लाभकारी हो सकते हैं।
कर्क राशि: इस राशि के जातकों के लिए पारिवारिक सुख, आपसी सहयोग और संबंधों में सामंजस्य के लिहाज से समय अनुकूल रह सकता है। किसी पुराने विवाद को बातचीत से सुलझाने और परिवार के साथ धार्मिक कार्यों में शामिल होने का अवसर मिल सकता है। कार्यक्षेत्र में सहयोगियों का साथ मिलने से जिम्मेदारियां संभालने में मदद मिलेगी।
सिंह राशि: आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता के साथ काम करने वालों को अपनी बात प्रभावी ढंग से रखने का अवसर मिल सकता है। नौकरी और कारोबार में वरिष्ठों या अनुभवी लोगों से सहयोग मिलने की संभावना रहेगी। नए संपर्क बनाने और किसी महत्वपूर्ण योजना पर बातचीत आगे बढ़ाने के लिए समय उपयोगी रह सकता है।
कन्या राशि: प्रीति योग के दौरान बातचीत, योजना और व्यावहारिक निर्णयों से लाभ पाने के अवसर मिल सकते हैं। पुराने आर्थिक मामलों की समीक्षा करने, लंबित काम आगे बढ़ाने और परिवार के साथ तालमेल बेहतर बनाने में सफलता मिल सकती है। विद्यार्थियों और रचनात्मक कार्यों से जुड़े लोगों को अपनी योजनाओं पर ध्यान केंद्रित करने का अवसर मिलेगा।
वृश्चिक राशि: संबंधों में विश्वास मजबूत करने और पुरानी गलतफहमियां दूर करने के लिए समय अनुकूल रह सकता है। कार्यक्षेत्र में सहयोगियों के साथ बेहतर तालमेल बनाने तथा किसी रुकी हुई योजना को दोबारा आगे बढ़ाने का अवसर मिल सकता है। महत्वपूर्ण फैसले लेते समय भावनाओं के साथ व्यावहारिक पक्ष पर भी ध्यान देना लाभकारी रहेगा।
मकर राशि: जिम्मेदारियों को व्यवस्थित करने और अनुभवी लोगों के सहयोग से काम आगे बढ़ाने के अवसर मिल सकते हैं। व्यापार में बातचीत, नए संपर्क और पुरानी योजनाओं की समीक्षा उपयोगी रह सकती है। आर्थिक मामलों में अनुशासन बनाए रखने से भविष्य की योजनाओं को मजबूती मिल सकती है।
कुंभ राशि: सामाजिक संपर्कों, मित्रों और सहयोगियों के माध्यम से उपयोगी जानकारी या अवसर मिल सकते हैं। कार्यक्षेत्र में नए विचारों पर चर्चा करने और किसी पुराने मतभेद को सुलझाने का अवसर मिल सकता है। हालांकि, आर्थिक समझौते करते समय सभी शर्तों को ध्यान से समझना जरूरी रहेगा।
प्रीति योग किन राशियों के लिए रहेगा अशुभ?
मेष राशि: जल्दबाजी में प्रतिक्रिया देने या अपनी बात पर अड़े रहने से संबंधों में तनाव पैदा हो सकता है। कारोबार और नौकरी में दूसरों की सलाह को नजरअंदाज करने से किसी महत्वपूर्ण मामले में देरी हो सकती है। आर्थिक फैसलों में आवेश के बजाय धैर्य से काम लेना जरूरी रहेगा।
उपाय: मां दुर्गा के समक्ष घी का दीपक जलाएं और शांत मन से प्रार्थना करें। किसी से मतभेद होने पर तुरंत प्रतिक्रिया देने के बजाय बातचीत के लिए उचित समय चुनें।
मिथुन राशि: बातचीत में गलतफहमी, अधूरी जानकारी या जल्दबाजी में किए गए वादे परेशानी का कारण बन सकते हैं। कार्यक्षेत्र में किसी की बात का गलत अर्थ निकालने से सहयोग प्रभावित हो सकता है। आर्थिक लेन-देन और साझेदारी से जुड़े मामलों में स्पष्टता बनाए रखना जरूरी रहेगा।
उपाय: मां दुर्गा को हरे फल या पुष्प अर्पित करें और दुर्गा चालीसा का पाठ करें। महत्वपूर्ण बातचीत या आर्थिक समझौते से पहले सभी तथ्यों की पुष्टि करें।
तुला राशि: रिश्तों में अपेक्षाएं बढ़ने या छोटी बातों को जरूरत से ज्यादा महत्व देने से मनमुटाव हो सकता है। कार्यक्षेत्र में दूसरों को प्रसन्न रखने के दबाव में अपने जरूरी कामों की अनदेखी न करें। आर्थिक मामलों में किसी के कहने पर जल्दबाजी में निर्णय लेने से बचें।
उपाय: मां दुर्गा को सफेद पुष्प अर्पित करके प्रार्थना करें। बातचीत में स्पष्टता रखें और किसी भी महत्वपूर्ण फैसले से पहले अपने लाभ-हानि का आकलन करें।
धनु राशि: उत्साह में आकर कोई वादा करना या पूरी जानकारी के बिना फैसला लेना बाद में परेशानी पैदा कर सकता है। परिवार और कार्यक्षेत्र में विचारों का मतभेद होने पर संयम बनाए रखना जरूरी रहेगा। धन से जुड़े मामलों में जोखिम समझे बिना आगे बढ़ना उचित नहीं होगा।
उपाय: मां दुर्गा के समक्ष दीपक जलाएं और जरूरतमंद को पीली खाद्य सामग्री दान करें। किसी महत्वपूर्ण निर्णय से पहले अनुभवी व्यक्ति की सलाह लें और सभी पहलुओं पर विचार करें।
मीन राशि: भावनात्मक उलझन या दूसरों की बातों से प्रभावित होकर निर्णय लेने की स्थिति बन सकती है। संबंधों में स्पष्ट संवाद की कमी से गलतफहमी बढ़ सकती है। नौकरी, कारोबार और आर्थिक मामलों में किसी भी प्रस्ताव को स्वीकार करने से पहले उसकी शर्तों की अच्छी तरह जांच करें।
उपाय: मां चंद्रघंटा की उपासना करें और दुर्गा चालीसा का पाठ करें। मानसिक शांति बनाए रखने के लिए कुछ समय ध्यान और प्रार्थना में बिताएं तथा महत्वपूर्ण फैसले जल्दबाजी में न लें।
निष्कर्ष
13 अक्टूबर 2026 को प्रीति योग रात 8 बजकर 24 मिनट तक रहेगा। पारंपरिक ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार वृषभ, कर्क, सिंह, कन्या, वृश्चिक, मकर और कुंभ राशि के जातक संबंधों में मधुरता, सहयोग तथा कार्यक्षेत्र में तालमेल से लाभ पाने की दिशा में प्रयास कर सकते हैं। वहीं मेष, मिथुन, तुला, धनु और मीन राशि के जातकों को बातचीत, आर्थिक फैसलों और पारिवारिक संबंधों में विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। शुभ या अशुभ प्रभाव व्यक्ति की जन्मकुंडली के अनुसार योग का प्रभाव कम या अधिक हो सकता है।













































