भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को कारोबार की शुरुआत हल्की कमजोरी के साथ हुई। वैश्विक संकेतों और बिकवाली के दबाव के कारण प्रमुख सूचकांक शुरुआती कारोबार में लाल निशान पर रहे। बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स 118.17 अंक यानी 0.16 प्रतिशत गिरकर 72,915.61 के स्तर पर कारोबार करता दिखाई दिया। वहीं, राष्ट्रीय शेयर बाजार का निफ्टी 53.55 अंक यानी 0.24 प्रतिशत फिसलकर 22,668.40 अंक पर पहुंच गया। बाजार में गिरावट के बावजूद सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र की प्रमुख कंपनियों के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। इन कंपनियों के शेयरों में तेजी ने बाजार को सहारा देने की कोशिश की। हालांकि, बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं, औषधि निर्माण और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों से जुड़े कई शेयरों में कमजोरी बनी रही। इस तरह शुरुआती कारोबार में बाजार का रुख मिला-जुला रहा और कुछ प्रमुख कंपनियों की तेजी के बावजूद दोनों मुख्य सूचकांक गिरावट के साथ कारोबार करते रहे।
बढ़त वाले शेयरों से अधिक रहे गिरावट दर्ज करने वाले शेयर: शुरुआती कारोबार के आंकड़ों से पता चला कि बाजार में बिकवाली का असर बड़ी संख्या में कंपनियों पर दिखाई दिया। कुल 1,231 शेयरों में तेजी दर्ज की गई, जबकि 1,377 शेयर गिरावट के साथ कारोबार करते नजर आए। इसके अलावा 162 शेयरों के भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ। इस तरह बढ़त हासिल करने वाले शेयरों की तुलना में गिरावट वाले शेयरों की संख्या अधिक रही। इससे बाजार में निवेशकों के सतर्क रुख का संकेत मिला। हालांकि, सभी क्षेत्रों में एक जैसी कमजोरी नहीं थी। जहां वित्तीय सेवाओं और कई अन्य क्षेत्रों में बिकवाली देखने को मिली, वहीं सूचना प्रौद्योगिकी तथा दैनिक उपभोग की वस्तुएं बनाने वाली कुछ कंपनियों के शेयरों में खरीदारी जारी रही। इन्हीं चुनिंदा शेयरों की मजबूती के कारण बाजार में गिरावट सीमित बनी रही। शुरुआती सत्र में निवेशकों का रुझान अलग-अलग क्षेत्रों में बंटा दिखाई दिया और बाजार की दिशा पर बिकवाली का दबाव हावी रहा।
सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में सबसे ज्यादा तेजी, सूचकांक 1.47 प्रतिशत चढ़ा: बाजार के प्रमुख क्षेत्रों में सूचना प्रौद्योगिकी कंपनियों ने सबसे बेहतर प्रदर्शन किया। इस क्षेत्र का निफ्टी सूचना प्रौद्योगिकी सूचकांक 1.47 प्रतिशत की बढ़त के साथ 30,269.60 अंक पर पहुंच गया। क्षेत्रीय सूचकांकों में यह सबसे मजबूत प्रदर्शन करने वाला समूह रहा। इसके अलावा दैनिक उपभोग की वस्तुओं से जुड़ी कंपनियों के सूचकांक में भी 0.42 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। इन दोनों क्षेत्रों में खरीदारी के कारण बाजार को कुछ सहारा मिला। दूसरी ओर बैंकिंग क्षेत्र का निफ्टी बैंक सूचकांक 0.30 प्रतिशत नीचे रहा। वित्तीय सेवाओं से संबंधित सूचकांक में 0.57 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का सूचकांक 0.97 प्रतिशत फिसल गया, जबकि औषधि क्षेत्र का सूचकांक 0.75 प्रतिशत कमजोर रहा। संपत्ति और निर्माण क्षेत्र से जुड़ा सूचकांक भी 0.49 प्रतिशत गिरावट के साथ कारोबार करता दिखाई दिया। इस तरह ज्यादातर क्षेत्रीय सूचकांकों में कमजोरी के बीच सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र ने बाजार में अपनी अलग मजबूती दिखाई।
बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं और औषधि क्षेत्र के शेयरों पर दबाव: कारोबार के शुरुआती घंटों में बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में बिकवाली का असर दिखाई दिया। निफ्टी बैंक सूचकांक में 0.30 प्रतिशत की गिरावट रही, जबकि वित्तीय सेवा सूचकांक 0.57 प्रतिशत कमजोर हुआ। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के शेयरों में दबाव अधिक रहा और संबंधित सूचकांक 0.97 प्रतिशत नीचे आ गया। औषधि निर्माण कंपनियों के सूचकांक में 0.75 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। वहीं, संपत्ति और निर्माण क्षेत्र से जुड़े शेयर भी कमजोरी से नहीं बच सके और संबंधित सूचकांक 0.49 प्रतिशत फिसल गया। इन क्षेत्रों में गिरावट ने बाजार के प्रमुख सूचकांकों पर दबाव बनाए रखा। इसके विपरीत सूचना प्रौद्योगिकी कंपनियों के शेयरों में तेजी और दैनिक उपभोग की वस्तुओं से जुड़े शेयरों की बढ़त ने गिरावट को कुछ हद तक सीमित करने में मदद की। क्षेत्रवार प्रदर्शन से स्पष्ट हुआ कि निवेशकों ने चुनिंदा कंपनियों में खरीदारी की, लेकिन व्यापक बाजार में बिकवाली का रुख बना रहा।
टीसीएस, एचसीएल टेक्नोलॉजीज और इन्फोसिस के शेयरों में जोरदार उछाल: प्रमुख कंपनियों के शेयरों में सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र की कंपनियां आगे रहीं। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज यानी टीसीएस के शेयर में 2.91 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। एचसीएल टेक्नोलॉजीज का शेयर 1.65 प्रतिशत चढ़ा, जबकि इन्फोसिस में 1.52 प्रतिशत की तेजी रही। इसी क्षेत्र की टेक महिंद्रा के शेयर भी 1.19 प्रतिशत मजबूत हुए। सूचना प्रौद्योगिकी कंपनियों के अलावा नेस्ले इंडिया के शेयर में 1.63 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। वहीं, कोल इंडिया का शेयर 1.22 प्रतिशत चढ़कर कारोबार करता दिखाई दिया। इन कंपनियों में खरीदारी के कारण प्रमुख तेजी वाले शेयरों को मजबूती मिली। खास तौर पर टीसीएस, एचसीएल टेक्नोलॉजीज और इन्फोसिस के बेहतर प्रदर्शन ने सूचना प्रौद्योगिकी सूचकांक को बढ़त दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बाजार के अन्य क्षेत्रों में कमजोरी के बावजूद इन कंपनियों के शेयर हरे निशान में बने रहे।
श्रीराम फाइनेंस और बजाज फाइनेंस समेत कई कंपनियों के शेयर टूटे: बाजार में गिरावट दर्ज करने वाले प्रमुख शेयरों में वित्तीय सेवाओं, औषधि, धातु और बंदरगाह क्षेत्र की कंपनियां शामिल रहीं। श्रीराम फाइनेंस का शेयर 1.33 प्रतिशत गिरकर प्रमुख नुकसान वाले शेयरों में शामिल रहा। बीएसई लिमिटेड के शेयर में 1.03 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जबकि हिंडाल्को का शेयर 0.86 प्रतिशत फिसल गया। बजाज फाइनेंस में 0.83 प्रतिशत और डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज में 0.73 प्रतिशत की कमजोरी रही। इसके अलावा अदाणी पोर्ट्स का शेयर 0.48 प्रतिशत गिरकर कारोबार करता दिखाई दिया। इन कंपनियों में बिकवाली ने बाजार की कमजोरी को बढ़ाया। शुरुआती कारोबार की तस्वीर में एक तरफ सूचना प्रौद्योगिकी और दैनिक उपभोग की वस्तुओं से जुड़ी कंपनियों में खरीदारी दिखाई दी, तो दूसरी तरफ वित्तीय सेवाओं और कई अन्य क्षेत्रों के शेयर दबाव में रहे। इसी मिश्रित रुख के चलते सेंसेक्स और निफ्टी दोनों गिरावट के साथ कारोबार करते नजर आए।














































