ओपीडी में कम होगा भीड़ का दबाव; सीएमओ डॉ. संजय कुमार ने सौंपी दोबारा जिम्मेदारी
अब्दुल कादिर खान ब्यूरो चीफ राष्ट्रीय हिंदी दैनिक ई पेपर खरी कसौटी

नानपारा, बहराइच। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) नानपारा में पिछले कई महीनों से डॉक्टरों की कमी और ओपीडी में मरीजों की भारी भीड़ के चलते स्वास्थ्य व्यवस्था प्रभावित हो रही थी। हालात यह थे कि एक-एक डॉक्टर को प्रतिदिन 250 से 300 मरीजों को देखना पड़ रहा था। इसके चलते मरीजों को घंटों लंबी कतारों में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता था। समय पर उपचार न मिलने के कारण कई मरीज मजबूरी में महंगे निजी अस्पतालों और क्लीनिकों का रुख कर रहे थे, जिससे गरीब परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा था।स्थानीय लोगों के मुताबिक, चर्चित बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. चंद्रभान राम का तबादला सीएचसी शिवपुर हो जाने के बाद नानपारा की स्वास्थ्य सेवाओं पर दबाव और बढ़ गया था।
डॉ. राम अपनी कार्यकुशलता, मरीजों के प्रति संवेदनशील व्यवहार और 24 घंटे उपलब्ध रहने की कार्यशैली के लिए क्षेत्र में विशेष पहचान रखते हैं। उनके स्थानांतरण के बाद से ही क्षेत्रवासी उनकी दोबारा नानपारा में तैनाती की मांग कर रहे थे।क्षेत्रवासियों की लगातार मांग और सीएचसी की स्वास्थ्य व्यवस्था को देखते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजय कुमार ने महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए डॉ. सी.बी. राम को पुनः सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नानपारा की जिम्मेदारी सौंप दी है।
डॉ. राम की वापसी की खबर मिलते ही नानपारा सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में खुशी की लहर दौड़ गई। क्षेत्रवासियों को उम्मीद है कि उनकी तैनाती से ओपीडी में मरीजों का दबाव कम होगा और लोगों को समय पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी। साथ ही निजी अस्पतालों में इलाज कराने की मजबूरी से भी काफी हद तक राहत मिलेगी।स्थानीय लोगों ने सीएमओ डॉ. संजय कुमार के इस फैसले का स्वागत करते हुए आभार जताया है। उनका कहना है कि डॉ. सी.बी. राम की वापसी से सीएचसी नानपारा की स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती मिलेगी और क्षेत्र के मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध हो सकेगा।










































