20 अक्टूबर 2026, दिन मंगलवार को आश्विन शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि के साथ विजयादशमी यानी दशहरा का पर्व मनाया जाएगा। नवमी तिथि दोपहर 12 बजकर 51 मिनट तक रहेगी, इसके बाद दशमी तिथि आरंभ हो जाएगी। इस दिन नवमी तिथि में हवन आदि धार्मिक अनुष्ठान किए जाएंगे और भगवान श्रीराम की रावण पर विजय के प्रतीक विजयादशमी का उत्सव भी मनाया जाएगा। मंगलवार को शाम 6 बजकर 2 मिनट तक श्रवण नक्षत्र रहेगा, इसके बाद धनिष्ठा नक्षत्र शुरू होगा। दशहरा नए कार्यों की शुरुआत और शस्त्र पूजन के लिए विशेष महत्व रखता है। आइए जानते हैं मंगलवार का पंचांग, शुभ-अशुभ मुहूर्त, सूर्योदय-सूर्यास्त का समय और राज्यवार राहुकाल।
आज का पंचांग
दिन: मंगलवार
विक्रम संवत: 2083 (सिद्धार्थी)
शक संवत: 1948 (पराभव)
अयन: दक्षिणायन
ऋतु: शरद
मास: आश्विन
पक्ष: शुक्ल पक्ष
तिथि: नवमी दोपहर 12:51 बजे तक, इसके बाद दशमी (दशहरा/विजयादशमी)
नक्षत्र: श्रवण शाम 06:02 बजे तक, इसके बाद धनिष्ठा
योग: शूल रात 12:50 बजे तक, इसके बाद गण्ड
सूर्य राशि: तुला
चंद्र राशि: मकर
संक्रांति: इस दिन कोई संक्रांति का विवरण उपलब्ध नहीं है।
दिशाशूल: उत्तर दिशा
शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:44 बजे से सुबह 05:36 बजे तक
अमृत काल: सुबह 06:34 बजे से सुबह 08:20 बजे तक
अभिजित मुहूर्त: सुबह 11:43 बजे से दोपहर 12:28 बजे तक
विजय मुहूर्त: दोपहर 01:59 बजे से दोपहर 02:45 बजे तक
गोधूलि मुहूर्त: शाम 05:34 बजे से शाम 05:58 बजे तक
विजयादशमी का विजय मुहूर्त (पूजा विवरण): दोपहर 02:19 बजे से दोपहर 03:06 बजे तक
अपराह्न पूजा का समय: दोपहर 01:33 बजे से दोपहर 03:53 बजे तक
अशुभ मुहूर्त
राहुकाल (दिल्ली मानक): दोपहर 02:56 बजे से शाम 04:21 बजे तक
यमगण्ड काल: सुबह 09:15 बजे से सुबह 10:40 बजे तक
गुलिक काल: दोपहर 12:05 बजे से दोपहर 01:31 बजे तक
दुर्मुहूर्त: सुबह 08:46 बजे से सुबह 09:32 बजे तक तथा रात 10:56 बजे से रात 11:46 बजे तक
वर्ज्य: रात 10:20 बजे से अगले दिन रात 12:03 बजे तक
दिशाशूल: उत्तर दिशा में यात्रा करना पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार अशुभ माना जाता है।
सूर्य और चंद्रमा का समय
सूर्योदय: सुबह 06:24 बजे
सूर्यास्त: शाम 05:46 बजे
चन्द्रोदय: दोपहर 07:22 बजे
चन्द्रास्त: 21 अक्टूबर को सुबह 06:25 बजे
दिन की चौघड़िया
दिन का समय: सुबह 06:24 बजे से शाम 05:46 बजे तक
1. रोग (अशुभ): सुबह 06:27 बजे से सुबह 07:52 बजे तक
2. उद्वेग (अशुभ): सुबह 07:52 बजे से सुबह 09:16 बजे तक
3. चर (सामान्य): सुबह 09:16 बजे से सुबह 10:40 बजे तक
4. लाभ (शुभ): सुबह 10:40 बजे से दोपहर 12:04 बजे तक
5. अमृत (सर्वोत्तम): दोपहर 12:04 बजे से दोपहर 01:29 बजे तक
6. काल (अशुभ): दोपहर 01:29 बजे से दोपहर 02:53 बजे तक
7. शुभ (शुभ): दोपहर 02:53 बजे से शाम 04:17 बजे तक
8. रोग (अशुभ): शाम 04:17 बजे से शाम 05:46 बजे तक
रात्रि की चौघड़िया
रात्रि का समय: शाम 05:46 बजे से 21 अक्टूबर की सुबह 06:24 बजे तक
1. काल (अशुभ): शाम 05:46 बजे से रात 07:21 बजे तक
2. लाभ (शुभ): रात 07:21 बजे से रात 08:56 बजे तक
3. उद्वेग (अशुभ): रात 08:56 बजे से रात 10:31 बजे तक
4. शुभ (शुभ): रात 10:31 बजे से 21 अक्टूबर को रात 12:06 बजे तक
5. अमृत (सर्वोत्तम): 21 अक्टूबर को रात 12:06 बजे से तड़के 01:41 बजे तक
6. चर (सामान्य): तड़के 01:41 बजे से सुबह 03:16 बजे तक
7. रोग (अशुभ): सुबह 03:16 बजे से सुबह 04:52 बजे तक
8. काल (अशुभ): सुबह 04:52 बजे से सुबह 06:24 बजे तक
राज्यवार राहुकाल
| क्रमांक | राज्य/केंद्रशासित प्रदेश | राजधानी/मुख्य शहर | राहुकाल समय |
|---|---|---|---|
| 1 | उत्तर प्रदेश | लखनऊ | दोपहर 02:42 से शाम 04:07 बजे तक |
| 2 | दिल्ली (एनसीआर) | नई दिल्ली | दोपहर 02:56 से शाम 04:21 बजे तक |
| 3 | जम्मू और कश्मीर | श्रीनगर | दोपहर 02:59 से शाम 04:22 बजे तक |
| 4 | आंध्र प्रदेश | अमरावती | दोपहर 02:47 से शाम 04:15 बजे तक |
| 5 | अरुणाचल प्रदेश | ईटानगर | दोपहर 01:54 से दोपहर 03:19 बजे तक |
| 6 | असम | दिसपुर | दोपहर 02:01 से दोपहर 03:26 बजे तक |
| 7 | बिहार | पटना | दोपहर 02:30 से दोपहर 03:55 बजे तक |
| 8 | छत्तीसगढ़ | रायपुर | दोपहर 02:45 से शाम 04:11 बजे तक |
| 9 | गोवा | पणजी | दोपहर 03:09 से शाम 04:38 बजे तक |
| 10 | गुजरात | गांधीनगर | दोपहर 03:17 से शाम 04:43 बजे तक |
| 11 | हरियाणा | चंडीगढ़ | दोपहर 02:58 से शाम 04:22 बजे तक |
| 12 | हिमाचल प्रदेश | शिमला | दोपहर 02:56 से शाम 04:20 बजे तक |
| 13 | झारखंड | रांची | दोपहर 02:31 से दोपहर 03:57 बजे तक |
| 14 | कर्नाटक | बेंगलुरु | दोपहर 02:57 से शाम 04:26 बजे तक |
| 15 | केरल | तिरुवनंतपुरम | दोपहर 03:00 से शाम 04:30 बजे तक |
| 16 | मध्य प्रदेश | भोपाल | दोपहर 02:59 से शाम 04:25 बजे तक |
| 17 | महाराष्ट्र | मुंबई | दोपहर 03:14 से शाम 04:41 बजे तक |
| 18 | मणिपुर | इम्फाल | दोपहर 01:52 से दोपहर 03:17 बजे तक |
| 19 | मेघालय | शिलांग | दोपहर 02:02 से दोपहर 03:27 बजे तक |
| 20 | मिजोरम | आइजोल | दोपहर 01:54 से दोपहर 03:19 बजे तक |
| 21 | नागालैंड | कोहिमा | दोपहर 01:51 से दोपहर 03:16 बजे तक |
| 22 | ओडिशा | भुवनेश्वर | दोपहर 02:31 से दोपहर 03:57 बजे तक |
| 23 | पंजाब | चंडीगढ़ | दोपहर 02:58 से शाम 04:22 बजे तक |
| 24 | राजस्थान | जयपुर | दोपहर 03:03 से शाम 04:29 बजे तक |
| 25 | सिक्किम | गंगटोक | दोपहर 02:16 से दोपहर 03:41 बजे तक |
| 26 | तमिलनाडु | चेन्नई | दोपहर 02:47 से शाम 04:16 बजे तक |
| 27 | तेलंगाना | हैदराबाद | दोपहर 02:51 से शाम 04:19 बजे तक |
| 28 | त्रिपुरा | अगरतला | दोपहर 01:59 से दोपहर 03:24 बजे तक |
| 29 | उत्तराखंड | देहरादून | दोपहर 02:53 से शाम 04:18 बजे तक |
| 30 | पश्चिम बंगाल | कोलकाता | दोपहर 02:18 से दोपहर 03:43 बजे तक |
विजयादशमी पूजा का समय
पंचांग में दिए गए विवरण के अनुसार, 20 अक्टूबर 2026 को नवमी तिथि दोपहर लगभग 12 बजकर 51 मिनट तक रहेगी और इसके बाद दशमी तिथि आरंभ होगी। दशमी तिथि का समापन 21 अक्टूबर को दोपहर 02 बजकर 11 मिनट पर बताया गया है। विजयादशमी के अवसर पर विजय मुहूर्त दोपहर 02 बजकर 19 मिनट से दोपहर 03 बजकर 06 मिनट तक रहेगा। वहीं, अपराह्न पूजा के लिए दोपहर 01 बजकर 33 मिनट से दोपहर 03 बजकर 53 मिनट तक का समय दिया गया है। धार्मिक कार्यों के लिए मुहूर्त चुनते समय स्थानीय पंचांग और पूजा की परंपरा को भी ध्यान में रखना चाहिए।
विजयादशमी पर्व का महत्व
विजयादशमी को दशहरा भी कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह पर्व भगवान श्रीराम की रावण पर विजय की स्मृति में मनाया जाता है। इसे बुराई पर अच्छाई और अन्याय पर धर्म की जीत का प्रतीक माना जाता है। हिंदू परंपरा में विजयादशमी को वर्ष की तीन अत्यंत शुभ तिथियों में गिना जाता है। अन्य दो तिथियां चैत्र शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा और कार्तिक शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा मानी गई हैं। इस दिन शस्त्र पूजन, धार्मिक अनुष्ठान और नए कार्यों की शुरुआत का विशेष महत्व है। मान्यता है कि विजयादशमी पर नया कारोबार शुरू करना, लेखन कार्य आरंभ करना या किसी महत्वपूर्ण काम की नींव रखना शुभ फलदायी हो सकता है।













































