22 अक्टूबर 2026 को गुरुवार के दिन आश्विन शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि है। इस दिन पापांकुशा एकादशी का व्रत रखा जाएगा। पंचांग के अनुसार, एकादशी तिथि दोपहर 2 बजकर 49 मिनट तक रहेगी, इसके बाद द्वादशी तिथि आरंभ होगी। गुरुवार को रात 11 बजकर 40 मिनट तक वृद्धि योग रहेगा और शतभिषा नक्षत्र रात 8 बजकर 49 मिनट तक रहेगा। इसके बाद पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र शुरू होगा। इस दिन पंचक भी रहेगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पापांकुशा एकादशी पर भगवान विष्णु की पूजा और व्रत करने से पुण्य की प्राप्ति होती है। आइए जानते हैं गुरुवार का पंचांग, शुभ-अशुभ मुहूर्त, चौघड़िया, राहुकाल और सूर्योदय-सूर्यास्त का समय।
मुख्य पंचांग
दिन: गुरुवार
विक्रम संवत: 2083, सिद्धार्थी
शक संवत: 1948, पराभव
संक्रांति: उपलब्ध विवरण में उल्लेख नहीं
मास: आश्विन मास
पक्ष: शुक्ल पक्ष
तिथि: एकादशी दोपहर 2 बजकर 49 मिनट तक, इसके बाद द्वादशी
नक्षत्र: शतभिषा रात 8 बजकर 49 मिनट तक, इसके बाद पूर्वाभाद्रपद
योग: वृद्धि योग रात 11 बजकर 40 मिनट तक, इसके बाद ध्रुव योग
करण: विष्टि (भद्रा) दोपहर 2 बजकर 49 मिनट तक, इसके बाद बव करण
सूर्य राशि: तुला
चंद्र राशि: कुंभ
अयन: दक्षिणायन
ऋतु: शरद ऋतु
विशेष: पापांकुशा एकादशी व्रत और पंचक
शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:45 बजे से सुबह 5:35 बजे तक
प्रातः संध्या: सुबह 5:10 बजे से सुबह 6:26 बजे तक
अभिजित मुहूर्त: सुबह 11:43 बजे से दोपहर 12:28 बजे तक
विजय मुहूर्त: दोपहर 1:58 बजे से दोपहर 2:44 बजे तक
गोधूलि मुहूर्त: शाम 5:45 बजे से शाम 6:10 बजे तक
सायाह्न संध्या: शाम 5:45 बजे से शाम 7:01 बजे तक
अमृत काल: दोपहर 1:18 बजे से दोपहर 2:58 बजे तक
अशुभ मुहूर्त
राहुकाल (नई दिल्ली): दोपहर 1:30 बजे से दोपहर 2:55 बजे तक
यमगण्ड काल: सुबह 6:26 बजे से सुबह 7:50 बजे तक
गुलिक काल: सुबह 9:15 बजे से सुबह 10:40 बजे तक
भद्रा काल: सुबह से दोपहर 2:49 बजे तक
दिशाशूल: दक्षिण दिशा
सूर्योदय-सूर्यास्त और चंद्रमा का समय
सूर्योदय: सुबह 6:26 बजे
सूर्यास्त: शाम 5:45 बजे
चन्द्रोदय: रात 7:45 बजे
चन्द्रास्त: 23 अक्टूबर को सुबह 6:35 बजे
दिन की चौघड़िया
शुभ: सुबह 6:29 बजे से सुबह 7:53 बजे तक
रोग: सुबह 7:53 बजे से सुबह 9:16 बजे तक
उद्वेग: सुबह 9:16 बजे से सुबह 10:40 बजे तक
चर: सुबह 10:40 बजे से दोपहर 12:04 बजे तक
लाभ: दोपहर 12:04 बजे से दोपहर 1:28 बजे तक
अमृत: दोपहर 1:28 बजे से दोपहर 2:52 बजे तक
काल: दोपहर 2:52 बजे से शाम 4:16 बजे तक
शुभ: शाम 4:16 बजे से शाम 5:39 बजे तक
रात्रि की चौघड़िया
अमृत: शाम 5:39 बजे से शाम 7:16 बजे तक
चर: शाम 7:16 बजे से रात 8:52 बजे तक
रोग: रात 8:52 बजे से रात 10:28 बजे तक
काल: रात 10:28 बजे से 23 अक्टूबर को रात 12:04 बजे तक
लाभ: 23 अक्टूबर को रात 12:04 बजे से रात 1:41 बजे तक
उद्वेग: रात 1:41 बजे से सुबह 3:17 बजे तक
शुभ: सुबह 3:17 बजे से सुबह 4:53 बजे तक
अमृत: सुबह 4:53 बजे से सुबह 6:29 बजे तक
राज्यवार राहुकाल
| क्रमांक | राज्य/केंद्रशासित प्रदेश | राजधानी | राहुकाल समय |
|---|---|---|---|
| 1 | उत्तर प्रदेश | लखनऊ | दोपहर 1:16 बजे से 2:41 बजे तक |
| 2 | दिल्ली (केंद्रशासित प्रदेश) | नई दिल्ली | दोपहर 1:30 बजे से 2:55 बजे तक |
| 3 | जम्मू और कश्मीर | श्रीनगर/जम्मू | दोपहर 1:38 बजे से 3:01 बजे तक |
| 4 | आंध्र प्रदेश | अमरावती | दोपहर 1:17 बजे से 2:45 बजे तक |
| 5 | अरुणाचल प्रदेश | ईटानगर | दोपहर 12:13 बजे से 1:36 बजे तक |
| 6 | असम | दिसपुर | दोपहर 12:22 बजे से 1:46 बजे तक |
| 7 | बिहार | पटना | दोपहर 12:57 बजे से 2:22 बजे तक |
| 8 | छत्तीसगढ़ | रायपुर | दोपहर 1:13 बजे से 2:39 बजे तक |
| 9 | गोवा | पणजी | दोपहर 1:43 बजे से 3:11 बजे तक |
| 10 | गुजरात | गांधीनगर | दोपहर 1:50 बजे से 3:16 बजे तक |
| 11 | हरियाणा | चंडीगढ़ | दोपहर 1:32 बजे से 2:56 बजे तक |
| 12 | हिमाचल प्रदेश | शिमला | दोपहर 1:32 बजे से 2:55 बजे तक |
| 13 | झारखंड | रांची | दोपहर 12:59 बजे से 2:24 बजे तक |
| 14 | कर्नाटक | बेंगलुरु | दोपहर 1:32 बजे से 3:00 बजे तक |
| 15 | केरल | तिरुवनंतपुरम | दोपहर 1:36 बजे से 3:05 बजे तक |
| 16 | मध्य प्रदेश | भोपाल | दोपहर 1:34 बजे से 2:59 बजे तक |
| 17 | महाराष्ट्र | मुंबई | दोपहर 1:49 बजे से 3:16 बजे तक |
| 18 | मणिपुर | इंफाल | दोपहर 12:11 बजे से 1:35 बजे तक |
| 19 | मेघालय | शिलांग | दोपहर 12:21 बजे से 1:45 बजे तक |
| 20 | मिजोरम | आइजोल | दोपहर 12:13 बजे से 1:37 बजे तक |
| 21 | नागालैंड | कोहिमा | दोपहर 12:09 बजे से 1:33 बजे तक |
| 22 | ओडिशा | भुवनेश्वर | दोपहर 12:54 बजे से 2:19 बजे तक |
| 23 | पंजाब | चंडीगढ़ | दोपहर 1:32 बजे से 2:56 बजे तक |
| 24 | राजस्थान | जयपुर | दोपहर 1:40 बजे से 3:05 बजे तक |
| 25 | सिक्किम | गंगटोक | दोपहर 12:41 बजे से 2:05 बजे तक |
| 26 | तमिलनाडु | चेन्नई | दोपहर 1:21 बजे से 2:49 बजे तक |
| 27 | तेलंगाना | हैदराबाद | दोपहर 1:23 बजे से 2:50 बजे तक |
| 28 | त्रिपुरा | अगरतला | दोपहर 12:18 बजे से 1:42 बजे तक |
| 29 | उत्तराखंड | देहरादून | दोपहर 1:29 बजे से 2:53 बजे तक |
| 30 | पश्चिम बंगाल | कोलकाता | दोपहर 12:46 बजे से 2:11 बजे तक |
पापांकुशा एकादशी व्रत का महत्व
हिंदू धर्म में एकादशी तिथि भगवान विष्णु की पूजा और व्रत के लिए विशेष महत्व रखती है। आश्विन शुक्ल पक्ष की पापांकुशा एकादशी पर श्रद्धालु भगवान विष्णु की आराधना करते हैं और सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन विधि-विधान से पूजा और व्रत करने से पुण्य की प्राप्ति होती है। मान्यता है कि भगवान विष्णु की कृपा से मनोकामनाएं पूरी होती हैं, परिवार में सुख-शांति बनी रहती है और आर्थिक समृद्धि बढ़ती है।












































