AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका को 5 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे जाने पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सरकार और प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए केंद्र सरकार को भी आड़े हाथों लिया। इसके साथ ही उन्होंने उत्तर प्रदेश में आगामी चुनावों को लेकर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस जैसे दलों को एक स्पष्ट संदेश देते हुए बीजेपी को सत्ता से बाहर करने के लिए गठबंधन की वकालत की है।
जंतर-मंतर को डी-नोटिफाई करने और नेताओं की गिरफ्तारी पर ओवैसी का बयान
सौरव दास और आशुतोष रांका की गिरफ्तारी पर प्रतिक्रिया देते हुए असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि आखिर सरकार किसी भी शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन के खिलाफ क्यों है? सुप्रीम कोर्ट ने नागरिकों के विरोध प्रदर्शन के अधिकार को पूरी तरह बरकरार रखा है, इसलिए जब तक हिंसा न हो, विरोध की अनुमति होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इन लड़कों को गिरफ्तार करना बिल्कुल भी जरूरी नहीं था; इन्हें आसानी से जमानत दी जा सकती थी या केवल नोटिस देकर छोड़ा जा सकता था। जब एक लड़के को रिहा कर दिया गया, तो बाकी दोनों को न्यायिक हिरासत में भेजना समझ से परे है। इसके साथ ही उन्होंने जंतर-मंतर को विरोध-प्रदर्शन की जगह के तौर पर डी-नोटिफाई किए जाने को लेकर भी केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा।
सुप्रीम कोर्ट में एसआईआर याचिका और चुनाव आयोग पर सवाल
सुप्रीम कोर्ट में एसआईआर (SIR) को लेकर दायर की गई समीक्षा याचिका पर बात करते हुए ओवैसी ने स्पष्ट किया कि इसका एकमात्र उद्देश्य यह उजागर करना है कि चुनाव आयोग को कानूनी रूप से एक सामूहिक निकाय के रूप में कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह अब तक स्पष्ट नहीं हो पाया है कि चुनाव आयोग द्वारा लिए गए फैसले सर्वसम्मत थे या उनमें कोई असहमति थी।
ओवैसी ने आगे बताया, “हमने यह समीक्षा याचिका इसलिए भी दायर की क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने हमारी पिछली याचिका खारिज कर दी थी। हम चुनाव आयोग की ओर से जारी रजिस्ट्रेशन फॉर्म में किए गए बदलावों और उनके तर्कों को ठीक से समझ नहीं पा रहे हैं, और हमारे पास इसके बारे में जरूरी जानकारियां भी उपलब्ध नहीं हैं। ये सभी महत्वपूर्ण मुद्दे हमारी विस्तृत याचिका में शामिल हैं।”
उत्तर प्रदेश में बीजेपी को रोकने के लिए गठबंधन की कोशिश
उत्तर प्रदेश की राजनीति और आगामी विधानसभा चुनावों पर बात करते हुए एआईएमआईएम प्रमुख ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस की ओर इशारा करते हुए एक बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा, “हमारा स्पष्ट मानना है कि अगर आप योगी आदित्यनाथ को तीसरी बार मुख्यमंत्री बनने से रोकना चाहते हैं, तो आइए बातचीत करें। हम भी उन्हें रोकना चाहते हैं, इसलिए हम गठबंधन करना चाहते हैं। आज भी हम ऐसा गठबंधन बनाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि भारतीय जनता पार्टी उत्तर प्रदेश में तीसरी बार सरकार न बना पाए।”








































