गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार ने पिछले कारोबारी सत्र की तेजी के बाद बेहद कमजोर शुरुआत की। वैश्विक बाजारों से मिले नरम संकेतों के बीच बाजार खुलते ही निवेशकों की जोरदार बिकवाली शुरू हो गई, जिससे दोनों प्रमुख सूचकांक तेजी से नीचे खिसक गए। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स करीब 600 अंक टूट गया, जबकि निफ्टी भी 215 अंकों से अधिक की गिरावट के साथ 23,250 के स्तर से नीचे चला गया। इससे कारोबारी माहौल में दबाव साफ दिखाई दिया और बाजार की शुरुआती धारणा कमजोर नजर आई।
सेंसेक्स और निफ्टी में बड़ी गिरावट: कारोबार शुरू होते ही बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 613.95 अंक गिरकर 74,214.30 के स्तर पर खुला। इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50 भी 215.90 अंक की गिरावट के साथ 23,230.90 के स्तर पर पहुंच गया। बाजार में शुरुआती बिकवाली कितनी व्यापक थी, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि सुबह के कारोबार में केवल 806 शेयर बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे, जबकि 1,591 शेयर गिरावट में थे। वहीं 173 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।
वित्तीय और बैंकिंग शेयरों पर सबसे ज्यादा दबाव: शुरुआती कारोबार में बाजार की गिरावट को गहरा करने में बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र के प्रमुख शेयरों की बड़ी भूमिका रही। बजाज फाइनेंस में 5.13 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई और इसका शेयर 986.70 रुपये पर आ गया। एक्सिस बैंक भी 3.50 प्रतिशत टूटकर 1,201 रुपये पर कारोबार करता नजर आया। इसके अलावा बजाज फिनसर्व में 3.35 प्रतिशत की गिरावट आई और इसका शेयर 1,784.15 रुपये तक पहुंच गया। इंडिगो और कोटक महिंद्रा बैंक के शेयर भी दबाव में रहे और इनमें क्रमश: 1.89 प्रतिशत तथा 1.45 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। एचडीएफसी लाइफ और एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस के शेयरों में भी शुरुआती कारोबार के दौरान कमजोरी देखने को मिली।
गिरावट के बीच कुछ शेयरों ने संभाला मोर्चा: बाजार में जहां अधिकांश प्रमुख शेयर बिकवाली की चपेट में रहे, वहीं कुछ कंपनियों के शेयरों ने कमजोर माहौल के बीच भी बढ़त बनाए रखी। टेक महिंद्रा का शेयर 0.92 प्रतिशत की तेजी के साथ 1,569.30 रुपये पर कारोबार करता रहा। इसी तरह सन फार्मा में भी 0.29 प्रतिशत की मामूली बढ़त दर्ज हुई और इसका शेयर 1,870.35 रुपये के स्तर पर पहुंच गया। हालांकि इन चुनिंदा शेयरों की मजबूती बाजार में व्यापक बिकवाली के असर को रोकने के लिए पर्याप्त नहीं रही और प्रमुख सूचकांक दबाव में बने रहे।
वैश्विक संकेतों और मुनाफावसूली का असर: बाजार में आई इस तेज गिरावट के पीछे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में बनी सुस्ती और वैश्विक स्तर पर जारी अनिश्चितता को प्रमुख कारण माना जा रहा है। पिछले कारोबारी सत्र में तेजी देखने के बाद निवेशकों के एक वर्ग ने मुनाफावसूली का रास्ता अपनाया। इसका सबसे ज्यादा असर बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र के शेयरों पर दिखाई दिया। इन शेयरों में बढ़ी बिकवाली ने बाजार की शुरुआती कमजोरी को और बढ़ा दिया तथा सेंसेक्स और निफ्टी दोनों गहरे लाल निशान में चले गए।
निवेशकों की नजर आगे के कारोबार पर: गुरुवार की शुरुआत ने बाजार में सतर्कता बढ़ा दी है। शुरुआती आंकड़ों में गिरने वाले शेयरों की संख्या बढ़ने और प्रमुख बैंकिंग तथा वित्तीय शेयरों में कमजोरी से कारोबारी धारणा पर दबाव दिखाई दिया। पिछले दिन की तेजी के बाद आई यह गिरावट बताती है कि वैश्विक संकेतों और बिकवाली के रुझान का असर घरेलू बाजार की दिशा पर पड़ा है। अब बाजार की आगे की चाल इस बात पर निर्भर करेगी कि बिकवाली का दबाव किस तरह रहता है और प्रमुख सूचकांकों में शुरुआती नुकसान के बाद कारोबार किस दिशा में आगे बढ़ता है।














































