आईपीएल इतिहास के बेहद रोमांचक फाइनल मुकाबले में अपनी शानदार फॉर्म बरकरार रखते हुए टीम ने खिताब का सफलतापूर्वक बचाव किया है। फाइनल मुकाबले में गुजरात टाइटंस को पांच विकेट की करारी शिकस्त देकर रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की टीम ने लगातार दूसरी बार खिताब जीत लिया है। यह ऐतिहासिक खिताबी मुकाबला अहमदाबाद के प्रतिष्ठित नरेंद्र मोदी स्टेडियम में दोनों मजबूत टीमों के बीच खेला गया था। इस बेहतरीन खिताबी जीत के साथ ही कप्तान रजत पाटीदार ने आईपीएल इतिहास के सुनहरे पन्नों में अपना नाम हमेशा के लिए दर्ज करा लिया है। टीम के सभी खिलाड़ियों ने फाइनल मैच में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया और अपनी टीम को एक यादगार जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई।
दिग्गज कप्तानों के क्लब में शामिल रजत पाटीदार के शानदार नेतृत्व में पिछले साल भी रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की टीम ने टूर्नामेंट में चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया था। अब लगातार दो सीजन आईपीएल खिताब जीतकर पाटीदार टूर्नामेंट के इतिहास के तीसरे सबसे सफल और ऐतिहासिक कप्तान बन गए हैं। इससे पहले क्रिकेट जगत के दो सबसे बड़े दिग्गज रोहित शर्मा और महेंद्र सिंह धोनी ही यह असाधारण और बड़ा कारनामा कर पाए थे। इस तरह अपनी बेहतरीन कप्तानी और शांत स्वभाव के दम पर रजत पाटीदार ने इन पूर्व दिग्गज कप्तानों के विशेष क्लब में जगह बना ली है। पाटीदार के कुशल नेतृत्व में टीम ने पूरे टूर्नामेंट के दौरान एकजुट होकर शानदार खेल दिखाया और सफलता के नए मुकाम को छुआ।
पिछले साल हुआ था दुखद हादसा पिछले साल हुए आईपीएल फाइनल में पंजाब किंग्स को हराकर टीम ने इतिहास में अपना पहला आईपीएल खिताब शानदार तरीके से जीता था। हालांकि टीम अपनी उस ऐतिहासिक पहली खिताबी जीत का कोई भी जश्न नहीं मना पाई थी क्योंकि एक भयानक त्रासदी घटित हो गई थी। बेंगलुरु में खिताब जीतने के बाद जब टीम लौटी थी तो वहां आयोजित जश्न के दौरान अचानक एक बहुत बड़ी भगदड़ मच गई थी। चिन्नास्वामी स्टेडियम में अगले ही दिन मची उस भयानक भगदड़ की घटना में ग्यारह बेगुनाह क्रिकेट फैंस की दुखद रूप से जान चली गई थी। इस दर्दनाक हादसे ने पूरी क्रिकेट दुनिया को झकझोर कर रख दिया था और टीम की खुशी का माहौल दुख व भारी पीड़ा में बदल गया था।
सीजन भर दी गई श्रद्धांजलि उस दर्दनाक हादसे के बाद टीम प्रबंधन को गहरा धक्का लगा था और उन्होंने पीड़ितों का सम्मान करने के लिए कई बड़े कदम उठाए। सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ इस साल के टूर्नामेंट के पहले मैच से पूर्व पूरी टीम ने एक मिनट का मौन रखकर पीड़ितों को याद किया। खिलाड़ियों ने उस मैच के दौरान मैदान पर काले आर्मबैंड पहनकर खेलकर उन दिवंगत लोगों के प्रति अपना गहरा दुख भी व्यक्त किया। अभ्यास सत्रों के दौरान भी सभी खिलाड़ियों ने ग्यारह नंबर की जर्सी पहनकर अपनी तैयारी की और उन ग्यारह फैंस को सम्मान दिया। पूरे आईपीएल टूर्नामेंट के दौरान पीड़ितों के सम्मान में इस तरह के कई भावुक प्रयास टीम की तरफ से लगातार और पूरी श्रद्धा से किए गए।
स्टेडियम में खाली रखी गईं सीटें फ्रेंचाइजी प्रबंधन ने उन दिवंगत प्रशंसकों की यादों को जीवित रखने के लिए अपने घरेलू मैदान पर एक बहुत ही खास फैसला लिया था। सम्मान के एक बड़े और भावुक प्रतीक के तौर पर बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम में पूरे सीजन के दौरान ग्यारह विशेष सीटें खाली रखी गई थीं। यह फैसला क्रिकेट फैंस और उस दर्दनाक भगदड़ में जान गंवाने वाले मासूम लोगों के प्रति टीम के अपार सम्मान को स्पष्ट रूप से दर्शाता है। प्रबंधन का यह भावुक कदम बताता है कि उनके लिए खेल से कहीं ज्यादा बढ़कर अपने वफादार प्रशंसकों का अमूल्य जीवन और सम्मान है। स्टेडियम में मौजूद वो ग्यारह खाली सीटें हर मैच के दौरान दर्शकों और खिलाड़ियों को उन बिछड़े हुए क्रिकेट फैंस की याद दिलाती रहीं।
पीड़ित परिवारों को समर्पित की जीत लगातार दूसरी बार आईपीएल का खिताब जीतने के बाद कप्तान रजत पाटीदार ने पिछले साल जान गंवाने वाले फैंस को भारी मन से याद किया। फाइनल मैच के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने इस खिताबी जीत पर एक बहुत ही भावुक और बड़ा बयान दिया। उन्होंने स्पष्ट रूप से घोषणा करते हुए कहा कि हम यह चमचमाती आईपीएल ट्रॉफी अपने उन बिछड़े हुए क्रिकेट फैंस को समर्पित करते हैं। उन्होंने आगे जोड़ते हुए कहा कि असल में यह सिर्फ फैंस को नहीं, बल्कि उनके दुखी परिवार के सदस्यों को हमारा एक छोटा सा सम्मान है। पाटीदार ने अपनी बात समाप्त करते हुए कहा कि जिनकी पिछले साल उस दुखद घटना में जान चली गई थी, टीम उन्हें कभी नहीं भूलेगी।





































