अनंत चतुर्दशी का हिंदू धर्म में बहुत महत्व है. इस दिन गणपति विसर्जन के साथ गणेशोत्सव पर्व समाप्त होता है. 10 दिन अपने भक्तों के साथ रहने के बाद भगवान गणेश अपने लोक का वापस लौटते हैं.
अनंत चतुर्दशी का दिन गणेश पूजा-विसर्जन के अलावा भगवान विष्णु की पूजा के लिए भी बेहद खास है. यह तिथि विष्णु जी को समर्पित है. इस दिन भगवान विष्णु की पूजा करना, व्रत रखना, कथा पढ़ना बहुत शुभ फल देता है. साथ ही इस दिन 14 गांठ वाला विशेष रक्षासूत्र जरूर धारण करना चाहिए. भगवान विष्णु की कृपा से यह रक्षासूत्र जीवन की हर बाधा दूर कर देता है.
अनंत चतुर्दशी 2022 रक्षासूत्र
अनंत चतुर्दशी की व्रत-पूजा के अलावा इस दिन एक उपाय जरूर करें. अनंत चतुर्दशी के दिन अनंत सूत्र हाथ में बांधें, इसे बांधने से जीवन की सारी बाधाएं-कष्ट दूर होते हैं. अनंत सूत्र हर काम में सफलता दिलाता है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार भगवान विष्णु को अर्पित किया जाने वाला यह 14 गांठों का रक्षासूत्र 14 लोकों का प्रतिनिधित्व करता है. अनंत चतुर्दशी के दिन विधि-विधान से इसे बांधने व्रत-पूजा करने से अक्षय पुण्य फल की प्राप्ति होती है.
अनंत चतुर्दशी 2022 रक्षासूत्र धारण करने की विधि
अनंत चतुर्दशी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करके साफ कपड़े पहनें. मंदिर जाकर या घर पर पूजा करें. इसके लिए एक कलश स्थापित करके उस पर धतु का पात्र रखकर भगवान अनंत की स्थापना करें. यह भगवान विष्णु का ही रूप हैं. फिर सूत या रेशमी धागे को हल्दी केसर से रंगकर उसमें 14 गांठे लगाकर रक्षासूत्र तैयार करें. भगवान को फल, पुष्प, हल्दी, अक्षत प्रसाद आदि अर्पित करके विधि-विधान से पूजा करें. आखिर में अनंत चतुर्दशी की व्रत कथा पढ़ें फिर दाएं हाथ में अनंत सूत्र धारण करें.
अनंत चतुर्दशी 2022 मंत्र
अनंत संसार महासुमद्रे मग्रं समभ्युद्धर वासुदेव।
अनंतरूपे विनियोजयस्व ह्रानंतसूत्राय नमो नमस्ते।।
पूजा के बाद अनंत देव का ध्यान करते हुए उस धागे को पुरुष अपने दाहिने हाथ महिलाएं अपने बाएं हाथ की बाजू पर बांध लें. दरअसल, अनंत धागे की चौदह गांठे चौदह लोकों की प्रतीक मानी गई है. यह धागा अनंत फल देने वाला माना गया है. इसे धारण करने से साधक का कल्याण होता है.



































