हिंदुओं का प्रमुख त्योहार विजयादशमी (Vijayadashmi) करीब है. घरों में इसकी तैयारियां तेज हो गईं हैं. इस दिन गांवों में घरों में पारंपरिक पकवान बनाए जाते हैं और दूर्गा पूजा होती है तो शहरों में झांकियां निकालने और पिकनिक मनाने का चलन बढ़ गया है.
इस दिन घरों में शस्त्र पूजा भी की जाती है.
मुंबई में विजयादशमी पर शिवसेना की रैली और राष्ट्रीय स्वयं संघ की शस्त्र पूजा कार्यक्रम काफी चर्चित रहती है. बड़ी संख्या में लोग इसमें शामिल होते हैं. लेकिन कई लोगों के मन में सवाल आता होगा कि हम विजयादशमी क्यों मनाते है? दुर्गा पूजा (Durga Puja) क्यों होती है? महिषासुर कौन था? महिषासुर वध की कथा (Mahishasur Vadh Katha) क्या है? आज हम कथा के माध्यम से विजयादशमी त्योहार के इतिहास और महत्व के बारे में बताते हैं.
क्यों मनाते हैं विजयादशमी?
विजयादशमी मनाने के पीछे धार्मिक ग्रंथों में दो कथाएं मिलती हैं. एक अश्विन शुक्ल पक्ष दशमी के दिन असुर महिषासुर के वध की तो दूसरी राम-रावण युद्ध में भगवान राम की जीत की. इस तरह विजयादशमी बुराई पर अच्छाई और असत्य पर सत्य की जीत का उत्सव मनाने का त्योहार है.
05 अक्टूबर को विजयादशमी
इस साल अश्विन शुक्ल पक्ष दशमी यानि विजयादशमी उदयातिथि के कारण 05 अक्टूबर दिन बुधवार को मनाई जाएगी. इस दिन दशमी तिथि दोपहर 12 बजे तक रहेगी. हालांकि विजय मुहूर्त दो बजकर सात मिनट से दो बजकर 54 मिनट तक रहेगा.
महिषासुर वध की कथा
पौराणिक कथा के अनुसार महिषासुर की कठोर तपस्या के कारण देवताओं ने उसे अजेय होने का वरदान दे दिया. इसके बाद उसने पाताल लोक का विस्तार स्वर्ग तक कर दिया. सूर्य, इंद्र, अग्नि आदि देवताओं के सारे अधिकार छीन लिए. उसने खुद को स्वर्ग का राजा घोषित कर दिया.
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महिषासुर ने पृथ्वी पर भी अपनी राक्षसी प्रवृत्तियों का विस्तार कर दिया. देवताओं के लिए किए जाने वाले पूजा, हवन और सद्कार्यों पर रोक लगा दी. इस पर देवताओं ने देवी दुर्गा से प्रार्थना की. देवताओं ने अपनी शक्तियां भी देवी दुर्गा को सौंप दी. अपने अस्त्र-शस्त्र भी सौंप दिए.
इसके बाद देवी दुर्गा ने महिषासुर को ललकारा और नौ दिन के यूद्ध के बाद मां दुर्गा ने दशमी के दिन महिषासुर का वध कर दिया. इसके बाद देवी दुर्गा को महिषासुर मर्दिनी कहा जाने लगा. आदिशक्ति के इस स्वरूप का भी नवरात्रि में पूजन किया जाता है. साथ ही हर साल बुराई पर अच्छाई की जीत की याद में विजयादशमी का त्योहार मनाया जाता है.
दूर्गा पूजा क्यों?
मां दुर्गा और महिषासुर के बीच भीषण युद्ध हुआ था, जो लगातार 9 दिनों तक चलता रहा. 10वें दिन मां दुर्गा ने महिषासुर का वध किया. 10वें दिन आदिशक्ति की विजय हुई. इस वजह से नवरात्रि के दिनों में दुर्गा पूजा की जाती है. दुर्गा का अर्थ शक्ति से है.



































