देश नवंबर 2021 के किसान अंदोलन को कैसे भूल सकता है। अब एकबार फिर किसानों ने बड़ी तैयारियां शुरू कर दी है। संयुक्त किसान मोर्चा के वित्त सचिव और पूर्व विधायक कृष्णा प्रसाद ने सोमवार को एक बड़ा ऐलान किया।
उन्होंने बताया कि इस बार स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के अनुसार एमएसपी की गारंटी, मनरेगा के तहत 200 दिन का काम और दिहाड़ी बढ़ाने, मजदूरों से संबंधित लेबर कोड को रद करने जैसी मांगों को लेकर देशभर से लगभग दस लाख किसान पांच अप्रैल को दिल्ली कूच करेंगे। इससे पहले 20 मार्च को दिल्ली में किसानों की एक बड़ी महापंचायत होगी।
संयुक्त किसान मोर्चा के वित्त सचिव और पूर्व विधायक कृष्णा प्रसाद ने सोमवार को यहां स्थित जाट धर्मशाला में किसान सभा की ओर से आयोजित किसान महापंचायत को संबोधित करते हुए यह ऐलान किया। महापंचायत की अध्यक्षता किसान सभा के जिलाध्यक्ष शमशेर सिंह नंबरदार और वयोवृद्ध किसान नेता सूरजभान डाया ने की और संचालन रमेश मिरकां ने किया।
कृष्णा प्रसाद ने कहा कि एमएसपी की गारंटी नहीं होने के कारण किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। किसान कर्ज में डूबकर आत्महत्या करने को मजबूर हैं। किसान को धान की उत्पादन लागत अधिक होने के कारण 16688 रुपये प्रति एकड़ का घाटा उठाना पड़ रहा है। इससे उसकी माली हालत खराब हो रही है। महापंचायत में संयुक्त किसान मोर्चा के राष्ट्रीय उपप्रधान डॉ. इंद्रजीत सिंह ने किसानों की फसलों की स्वामीनाथ आयोग की रिपोर्ट के अनुसार खरीद नहीं करने के लिये केंद्र सरकार को आड़े हाथ लिया।
इंद्रजीत सिंह ने दावा किया सरकार ने बड़े साहूकारों का कर्ज माफ किया है लेकिन किसानों की जमीनें कुर्क की जा रही हैं। इसके विरोध में 20 मार्च को दिल्ली में किसानों की महापंचायत होगी। इस दौरान सर्वसम्मति से सरपंचों के आंदोलन और हिसार दूरदर्शन केंद्र बंद करने के विरोध में तलवंडी राणा का रास्ता बंद करने को चल रहे आंदोलन का पूर्ण समर्थन किया जाएगा। किसान 2019-20-21 का बकाया मुआवजा, 2022 में भारी ठंड और मौसम की मार से बर्बाद सरसों, सब्जियों और आलू की फसल की गिरदावरी नहीं दिए जाने के मुद्दों पर किसान आंदोलन करेंगे।



































