ईद के मौके पर ‘अपनों (मुसलमानों) से ही खरीदारी’ करने की अपील कर विवादों में घिरे नेता तौकीर निजामी पर ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने सख्त कार्रवाई की है। पार्टी ने उनके इस बयान को घोर अनुशासनहीनता मानते हुए उन्हें प्राथमिक सदस्यता से तत्काल प्रभाव से निष्कासित कर दिया है।
तौकीर निजामी की सफाई पार्टी की इस बड़ी कार्रवाई के बाद इंडिया टीवी से बातचीत करते हुए तौकीर निजामी ने कहा कि उन्हें अब तक निष्कासन का कोई आधिकारिक पत्र नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि वह इस विषय पर सीधे पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष से बात करेंगे।
निष्कासन पत्र में AIMIM ने क्या कहा? पार्टी ने अपने आधिकारिक पत्र में इस बयान की कड़ी निंदा की है। पत्र के मुख्य अंश इस प्रकार हैं:
“तौकीर निज़ामी ने हाल ही में एक सार्वजनिक बयान दिया है, जिसमें उन्होंने मुसलमानों से केवल मुसलमानों से ही खरीदारी करने की बात कही है। पार्टी ने इसे गंभीरता से लिया है। यह बयान गैर-जिम्मेदाराना, उकसाने वाला और समाज में विभाजन पैदा करने वाला है। यह AIMIM के सिद्धांतों और भारत के संविधान की भावना के खिलाफ है, जो समानता और साम्प्रदायिक सौहार्द को बढ़ावा देता है।”
‘आर्थिक बहिष्कार का समर्थन नहीं करती पार्टी’ पत्र में आगे स्पष्ट किया गया है कि AIMIM संवैधानिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्ध है और धर्म के आधार पर किसी भी प्रकार के भेदभाव या आर्थिक बहिष्कार का समर्थन नहीं करती। पार्टी ने चेतावनी दी है कि समाज में विभाजन को बढ़ावा देने वाला कोई भी असंवैधानिक आचरण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, चाहे वह व्यक्ति संगठन में किसी भी पद पर क्यों न हो।




































